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‘ड्रैगन’ का कर्ज उतारने के लिए भेजे जा रहे हाथी, शेर और लकड़बग्गे, प्लेन से पहुंचे

जिम्बाब्वे के वाइल्डलाइफ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से पार्कों का बोझ कम होगा। साल 2015 में सरकार की ओर से बताया गया था कि जिम्बाब्वे में 80,000 हाथी है लेकिन हम केवल 42 हजार संख्या तक ही इनका सामना कर सकते हैं।
Author नई दिल्ली | December 27, 2016 17:20 pm
चीन का कर्ज चुकाने के लिए भेजे जा रहे जानवर। (Representative Image)

सैन्य कर्ज चुकाने के लिए जिम्बाब्वे फर्स्ट लेडी ग्रेस मुगाबे सफारी एनिमल्स को चाइनीज वाइल्डलाइफ पार्क भेज रही हैं। टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कथित तौर पर जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे की पत्नी ग्रेस ने 35 हाथी के बच्चे, आठ शेर, एक दर्जन लकड़बग्घे और एक जिराफ को कांगो सेना के लिए खरीदे गए जूते और वर्दी के ऋण समझौता के तहत भेज रही हैं। एक हाथी की कीमत 40 हजार से 60 हजार डॉ़लर के बीच बताई जा रही है। मुगाबे के कांगो के राष्ट्रपति कबीला के साथ घनिष्ठ संबंध है। हालांकि बहुत से लोगों को डर है कि हाथियों को इवोरी-फार्मिंग ऑपरेशन की शुरुआत करने के लिए भेजा जा रहा है। जानवरों को बोइंग 747 के जरिए चीन के गुआंगज़ौ सफारी पार्क भेजा गया है।

जिम्बाब्वे के वाइल्डलाइफ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से पार्कों का बोझ कम होगा। साल 2015 में सरकार की ओर से बताया गया था कि जिम्बाब्वे में 80,000 हाथी है लेकिन हम केवल 42 हजार संख्या तक ही इनका सामना कर सकते हैं। हालांकि एक स्थानीय वाइल्डलाइफ विशेषज्ञ का कहना है कि यंग हाथियों को उनके घर (झुंड) से अलग करना क्रूरता है। विपक्षी दलों द्वारा सरकार के इस कदम की आलोचना की गई है। उनका कहना है कि हाथियों का ट्रांसलोकेशन करना पर्यावरण के लिए सही नहीं है। यह जानना दिलचस्प होगा कि जिम्बॉब्वे के राष्ट्रपति के 92वें जन्मदिवस पर नेताओं और समारोह में शामिल मेहमानों को हाथियों को खाते हुए देखा गया था।

गौरतलब है कि देश के राष्ट्रपति मुगाबे हाल ही में अपने परिवार के साथ सिंगापुर टूर पर जाने के लिए चर्चा में रहे थे। उनका टूर ऐसे समय था जब जिम्बॉब्वे कैश की समस्या से जूझ रहा हो। कैश की समस्या के कारण सिविल सर्वेंट्स को उस महीने की सैलरी भी नहीं दी गई थी। मुगाबे का परिवार आमतौर पर सिंगापुर शॉपिंग के लिए जाता है जब राष्ट्रपति मेडिकल चेकअप के लिए जाते हैं। वहीं, उनकी पत्नी ग्रेस मुगाबे की यह मंशा किसी ने छिपी नहीं है कि वह अपने पति के बाद उनकी उत्तराधिकारी बनना चाहती है।

 

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