December 09, 2016

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दौड़ने को तैयार है दुनिया की पहली ट्रेन जो जरा भी प्रदूषण नहीं फैलाती, क्‍या भारत में कभी चल सकेगी ये?

यह ट्रेन हाइड्रोजन से चलेगी और धुएं की जगह भाप उत्पन्न करेगी। ट्रेन एक दिन में 874 किमी का सफर तय कर सकती है और इसकी अधिकतम स्पीड 140 किमी/घंटे की है।

इसे फ्रांस की एक कंपनी Alstom ने दो साल में तैयार किया है। (Photo: Alstom.com)

जर्मनी में दुनिया की पहली zero emission वाली पैसेंजर ट्रेन पटरी पर उतरने को पूरी तरह तैयार है। zero emission यानी यह ट्रेन बिलकुल भी प्रदूषण नहीं करेगी। Coradia iLint नाम की यह ट्रेन हाइड्रोजन से चलेगी और धुएं की जगह भाप उत्पन्न करेगी। यही वजह है कि इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। इसे फ्रांस की एक कंपनी Alstom ने दो साल की मेहनत के बाद तैयार किया है। यह ट्रेन जर्मनी के लिए देशभर में चल रही 4 हजार डीजल ट्रेनों के विकल्प के रूप में होगी।

इस ट्रेन को सबसे पहली बार अगस्त में हुए बर्लिन के एक ट्रेड शो में पेश किया गया था। ट्रेन की टेस्टिंग इस माह के अंत तक कर ली जाएगी, जिसके बाद इसे अगले साल के अंत तक पब्लिक के लिए भी शुरू कर दिया जाएगा। इसे तैयार करने वाली कंपनी Alstom के मुताबिक, ट्रेन में लिथियम आयन बैटरी लगाई गई है, जिसे 94 किलो की क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल टैंक के जरिए चार्ज किया जाता है। फ्यूल टैंक ट्रेन की छत पर लगा है।

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ट्रेन एक दिन में 874 किमी का सफर तय कर सकती है और इसकी अधिकतम स्पीड 140 किमी/घंटे की है। इस ट्रेन में एक बार में 300 यात्री सफर कर पाएंगे। वायु प्रदूषण के अलावा यह ट्रेन ध्वनि प्रदूषण भी बेहद कम करती है। जो भी थोड़ी आवाज आती है वह ट्रेन के व्हील से ही आती है।

Alstom कंपनी के सीईओ हेनरी पौपार्ट-लोफार्ज ने एक बयान में कहा, “कंपनी को स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में इस तरह की पहल शुरू करते हुए बेहद गर्व महसूस हो रहा है।” आपको बता दें कि भारतीय रेल हर साल 278 करोड़ लीटर से ज्यादा डीजल का इस्तेमाल करती है। जबकि बिजली से चलने वाले रेल इंजन 1800 करोड़ यूनिट बिजली खर्च करते हैं। अभी भारत में अधिकतर ट्रेनें 50 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल पाती हैं।

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First Published on November 4, 2016 4:11 pm

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