December 10, 2016

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गड़बड़झाला: साजिश, भ्रष्‍टाचार का आरोप झेल रहे डॉक्‍टर को बना दिया वर्ल्‍ड मेडिकल एसोसिएशन का अध्‍यक्ष

नई दिल्‍ली में 2010 के एक मामले में, देसाई पर भ्रष्‍टाचार और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगा था।

डॉ केतन देसाई। (Source: Reuters Photo/File)

दुनिया भर में चिकित्‍सा की नैतिकता तय करने वाली वर्ल्‍ड मेडिकल एसोसिएशन (WMA) का अध्‍यक्ष भ्रष्‍टाचार का आरोप झेल रहे भारतीय डॉक्‍टर को बनाया गया है। इस चयन पर विवाद इसलिए हो रहा है क्‍योंकि आरोपी डॉक्‍टर पर अभी तक कानूनी मुकदमे लंबित हैं। WMA द्वारा जारी बयान में कहा कि डाॅ केतन देसाई ने शुक्रवार को ताइवान में एसोसिएशन की वार्षिक बैठक में बतौर अध्‍यक्ष उद्घाटन भाषण दिया। वह इस पद पर 2016/17 तक बने रहेंगे। देसाई जब 2009 में पहली बार WMA के भावी अध्‍यक्ष के तौर पर चुने गए थे, तभी उनपर साजिश और भ्रष्‍टाचार के आरोप लगे थे। देसाई ने किसी भी तरह के अपराध से इनकार किया है। उन्‍होंने न्‍यूज एजंसी रॉयटर्स द्वारा भेजे गए ईमेल का भी जवाब नहीं दिया। रॉयटर्स के मुताबिक, जब उन्‍होंने इस सप्‍ताह WMA से देसाई की कानूनी स्थिति के बारे में अपडेट मांगी तो उनके प्रवक्‍ता निगल डंकन ने कहा कि एसोसिएशन को कुछ भी नहीं कहना है। उन्‍होंने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि जो हमने कहा, उसमें कुछ और जोड़े जाने की जरूरत है।” उन्‍होंने देसाई के कानूनी मामलों और इसे लेकर एसोसिएशन को क्‍या बताया गया है, इस पर भी चुप्‍पी साधे रखी।

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नई दिल्‍ली में 2010 के एक मामले में, देसाई पर भ्रष्‍टाचार और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगा था। तब उनपर एक मेडिकल कॉलेज से 20 मिलियन रुपयों की रिश्‍वत लेने का आरोप लगा था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, बदले में देसाई ने स्‍कूल को मेडिकल काउंसिल से और ज्‍यादा स्‍टूडेंट भर्ती करने की इजाजत दिलाई। देसाई को उसी साल जेल भेजा गया था और WMA अध्‍यक्ष के तौर पर उद्घाटन निलंबित कर दिया गया। बाद में उन्‍हें जमानत पर छोड़ा गया। 2012 में WMA ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आश्‍वासन पर निलंबन वापस लेने का फैसला किया। पिछले साल जुलाई में ही रॉयटर्स ने एक रिपोर्ट में बताया था कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने WMA को गलती से बताया कि देसाई के खिलाफ आरोप वापस ले लिए गए हैं। उसके बाद संस्‍था ने सूचना को तथ्‍य के तौर पर मान लिया। अक्‍टूबर 2015 में WMA ने देसाई को अध्‍यक्ष बनाने का फैसला बरकरार रखा।

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सीबीआई के एक सूत्र के मुताबिक, नई दिल्‍ली वाला मामला अभी भी खुला है हालांकि वह सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक अपील की वजह से लटका हुआ है। सू त्र ने कहा कि देसाई को फिर भी जिला कोर्ट जज के सामने पेश होना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होनी है।

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First Published on October 21, 2016 5:29 pm

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