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पुतिन समर्थक रूसी नेता का बयान, ट्रंप को वोट दें या परमाणु युद्ध के लिए तैयार रहें

व्लादिमीर डिरीनोवस्की के अनुसार ट्रंप अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जो रूस और अमेरिका के बीच का तनाव कम कर सकते हैं।
Author मॉस्को | October 14, 2016 10:29 am
रूस में व्लादिमीर पुतिन के दक्षिणपंथी सहयोगी व्लादिमीर डिरीनोवस्की। (रॉयटर्स फाइल फोटो)

अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप को वोट दें या फिर परमाणु युद्ध के लिए तैयार रहें। यह कहना है रूस में व्लादिमीर पुतिन के दक्षिणपंथी सहयोगी व्लादिमीर डिरीनोवस्की का। उनके अनुसार ट्रंप अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जो रूस और अमेरिका के बीच का तनाव कम कर सकते हैं। जबकि उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध में झोंक देंगी। डिरीनोवस्की की लिबरेशन डेमोक्रेटिक पार्टी सितंबर में हुए रूस के संसदीय चुनाव में तीसरे स्थान पर आई थी।

बहुत से रूसी डिरीनोवस्की को गंभीरता से नहीं लेते। राजनीति में उनकी भूमिका विदूषक जैसी मानते हैं, जो कभी भी कुछ भी बोल सकता है। उन्हें क्रेमलिन की नीतियों का स्थायी रूप से प्रबल समर्थक माना जाता है। माना जाता है कि कभी-कभी वह क्रेमलिन के इशारे पर कट्टरवादी वक्तव्य देकर उस पर जनता की प्रतिक्रिया भी पैदा करते हैं।

डिरीनोवस्की ने कहा, आठ नवंबर को वोट देने जाने वाले अमेरिकियों को यह बात दिमाग में रखनी चाहिए कि वे धरती पर शांति बनाए रखने के लिए मतदान करने जा रहे हैं। ऐसे में उनकी पहली पसंद ट्रंप होने चाहिए। अगर वे हिलेरी को वोट देंगे, तो युद्ध को निमंत्रित करेंगे और हिरोशिमा-नागासाकी जैसे दृश्य जहां-तहां होंगे।

अमेरिकी चुनाव में रूस ने किया दखल से इनकार

रूसी अधिकारियों ने अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप के आरोपों को एक बार फिर सिरे से खारिज किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि अमेरिकी संस्थानों में हाल ही में हुई एक के बाद एक हैकिंग की घटनाओं में मास्को का कोई हाथ नहीं है। टेलीविजन नेटवर्क सीएनएन को बुधवार को दिए एक साक्षात्कार में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका के चुनाव में हस्तक्षेप के वॉशिंगटन के दावे को ‘हास्यास्पद’ बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि यह प्रमाणों से पूरी तरह परे है। लावरोव ने कहा कि ये हवा में उड़ाई गई बातें हैं और ‘अब अमेरिका में हर कोई कह रहा है कि (अमेरिकी) प्रेसिडेन्शियल डिबेट रूस करा रहा है।’

बहरहाल, उन्होंने कहा ‘हमने एक भी ऐसा सबूत नहीं देखा कि हैकिंग के पीछे रूस का हाथ हो।’ वॉशिंगटन ने पिछले सप्ताह रूस पर अपने (अमेरिकी राष्ट्रपति पद के) चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी, अन्य संस्थानों ओर लोगों के ई.मेल के आंकड़े चुराने और उनका खुलासा करने का आरोप लगाया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने बुधवार (12 अक्टूबर) को संवाददाताओं से कहा था कि ऐसे दावे मूर्खतापूर्ण हैं। पेस्कोव ने कहा कि रूस साइबर आतंकवाद से निपटने की खातिर प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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First Published on October 14, 2016 10:29 am

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