December 05, 2016

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प्रशासन के पहले साल में मोदी को आमंत्रित करें, यूएसआईबीसी की डोनाल्ड ट्रंप से अपील

अमेरिका के शीर्ष कारोबारी अधिकार समूह ने डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि वह अपने प्रशासन के पहले साल में पीएम नरेंद्र मोदी को अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर आमंत्रित करें।

Author वाशिंगटन | November 10, 2016 19:00 pm
पीएम मोदी ने डाेनाल्‍ड ट्रंप के साथ मिलकर भारत-अमेरिका के रिश्‍तों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्‍मीद जताई है। (Source: File Photo)

अमेरिका के एक शीर्ष कारोबारी अधिकार समूह ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि वह अपने प्रशासन के पहले साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर आमंत्रित करें। ट्रंप को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मिली जीत पर बधाई देते हुए यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल :यूएसआईबीसी: ने ट्रंप को पत्र लिखकर उनसे मोदी को आमंत्रित करने का अनुरोध किया है।
अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने के एक ही दिन बाद यूएसआईबीसी के अध्यक्ष मुकेश आघी ने ट्रंप को लिखे पत्र में कहा, ‘‘अपने कार्यकाल के पहले साल में प्रधानमंत्री मोदी को आधिकारिक यात्रा पर आमंत्रित कीजिए। इससे द्विपक्षीय संबंध के महत्व के बारे में स्पष्ट संकेत जाएगा।’’ पत्र में यूएसआईबीसी की उन मांगों का जिक्र किया गया, जिसपर प्रशासन को शुरूआती महीनों में गौर करना चाहिए ताकि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को प्रगाढ़ किया जा सके और विस्तार दिया जा सके।

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इस सूची में शामिल प्रमुख मांगों में दोनों देशों की सरकारों के बीच ज्यादा और जल्दी संवाद की परंपरा को जारी रखना, भारत के साथ द्विपक्षीय निवेश से जुड़ी संधि पर बातचीत और एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग मंच में भारत के प्रवेश का समर्थन करना है। भारत में मजबूत मौजूदगी रखने वाली शीर्ष अमेरिकी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हुए यूएसआईबीसी ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति से अपील की कि वह उन नीतियों एवं प्रक्रियाओं की समग्र समीक्षा करें, जिन्होंने भारतीय रक्षा एवं एयरोस्पेस बाजार में अमेरिका की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को कमजोर किया है। यूएसआईबीसी ने कहा, ‘‘अमेरिकी निर्यात नियंत्रण और लाइसेंस प्रक्रिया ने अमेरिकियों को प्रतिस्पर्धा के लिहाज से रूस जैसे प्रतिस्पधियों की तुलना में कमजोर स्थिति में ला दिया है।’’ पत्र में कहा गया अमेरिका ने अप्रसार के नाम पर भारत को आधुनिक रक्षा उपकरण बेचने से इस सच्चाई के बावजूद इनकार कर दिया कि वह आधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी के प्रसार के कारण अब विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से तुलनात्मक प्रणालियां खरीद सकता है। पत्र में कहा गया कि कई रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में कभी अमेरिका का जो एकाधिकार हुआ करता था, वह अब नहीं रह गया। उसकी नीतियों को इस सच्चाई के अनुकूल खुद को ढालना चाहिए। इसमें कहा गया, ‘‘व्यवसायिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू से, यह बेहतर है कि भारत जैसा देश आधुनिक रक्षा उपकरण अमेरिका से खरीदे न कि उसके विदेशी प्रतिद्वंद्वियों से। यूएसआईबीसी ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति से यह भ्ज्ञी अपील की है कि वह सामाजिक सुरक्षा के समग्रीकरण से जुड़े एक विधायी समझौते के जरिए भारतीय कर्मचारियों पर लगाए जाने वाले पुराने एवं अनुचित कर को हटाने के लिए काम करे।
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को लिखे पत्र में आघी ने कहा, ‘‘हम आपको आपके प्रशासन के उच्चतम स्तरों पर भारत के साथ लगातार जुड़ाव के जरिए इस संबंध को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करते हैंं।’’

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First Published on November 10, 2016 6:47 pm

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