December 07, 2016

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डोनाल्ड ट्रंप का आना भारत के लिए हो सकता है अच्‍छा, पाकिस्‍तान को बताया था सबसे खतरनाक देश, चीन पर भी बरसे थे

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान पर काबू रखने के लिए भारत की मदद लेनी चाहिए। ट्रंप ने कहा था कि अगर वो चुनाव जीते तो इस दिशा में बहुत तेजी से काम करेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव जीतने के बाद जनता को संबोधित करते हुए। (AP/PTI)

रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के अगले राष्ट्रपति होंगे। उन्होंने आठ नवंबर को हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को हराया। अमेरिकी इतिहास में ताजा अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव विवादों के लिए याद किया जाएगा। चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने कई ऐसे बयान दिए जिससे दुनिया के दूसरे देश चिंतित हैं। इन देशों में भारत भी है। ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर एक भारतीय काल सेंटर कर्मचारी की नकल उतारते हुए मजाक उड़ाया था। वो सार्वजनिक तौर पर कह चुक हैं कि चीन और भारत अमेरिकियों की नौकरियां छीन रहे हैं। वो अपने चुनाव प्रचार के दौरान नौकरियों की आउटसोर्सिंग के खिलाफ बोलते रहे हैं। वो भारत के संग कारोबारी अंसतुलन का मुद्दा भी उठा चुके हैं। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो ट्रंप का राष्ट्रपति बनना भारत से ज्यादा चीन और पाकिस्तान के लिए भारी पड़ेगा।

पूर्व अमेरिकी राजनयिक विलियम एवरी ने इकोनॉमिक्स टाइम्स से कहा कि ट्रंप के आने से भारत को उतनी दिक्कत नहीं होगी। एवरी मानते हैं कि ट्रंप से चीन और पाकिस्तान को ज्यादा मुश्किल हो सकती है। एवरी के अनुसार चीन और पाकिस्तान लंबे समय से अमेरिका को दुधारू गाय की तरह इस्तेमाल करते रहे हैं। 2015 में चीन को अमेरिका के साथ व्यापार में 366 अरब डॉलर की बढ़त थी। वहीं पाकिस्तान इस्लामिक आतंकवाद से लड़ने के नाम पर 2002 से अब तक 30 अरब डॉलर की मदद ले चुका है। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान जो संकेत दिया है उनके आधार पर कहा जा सकता है कि इन दोनों देशों में अमेरिकी पैसे का प्रवाह पहले जैसा नहीं रहेगा।

वीडियो: जानें डोनाल्ड ट्रंप को क्यों मिली अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत-

पिछले 15 साल में अमेरिका को निर्माण क्षेत्र में चीन के हाथों करीब 50 लाख नौकरियां खोनी पड़ी हैं। इस दौरान चीन इस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ा है। ट्रंप ने वादा किया है कि वो चीन से निर्माण क्षेत्र की नौकरियां वापस लाएंगे। इसके लिए संभव है कि वो एशियाई देशों, खासतौर पर चीन के सस्ते मानवीय श्रम का मुकाबला करने के लिए टैरिफ और गैर-टैरिफ वाले बैरियर लगा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो इसका सबसे बड़ा नुकसान चीन को होगा। अगर ट्रंप ने आर्थिक क्षेत्र में चीन की बढ़त रोकने के लिए आक्रामक नीतियां बनाईं तो दोनों देशों के बीच कारोबारी जंग शुरू हो जाएगी जिसका असर चीन के अंदरूनी हालात पर पड़ सकता है। दशकों के विकास के बाद इस साल चीनी अर्थव्यवस्था मंदी से जूझ रही है।

वीडियो: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े रोचक तथ्य-

भारतीय कंपनियों में अमेरिका के संग कारोबार का सबसे ज्यादा फायदा आईटी कंपनियों को होता है। इस बात की संभावना कम है कि ट्रंप भारत में तैयार हुए सॉफ्टवेयर पर उस तरह का शुल्क लगा पाएंगे जैसा चीन के बने ठोस उत्पादों पर लगाना संभव है। अगर ट्रंप की नीति से चीन को समस्या होती है तो इससे एशिया की क्षेत्रीय राजनीति में भारत को ही सर्वाधिक फायदा होगा।

वीडियो: जानिए कैसे होता है अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव-

ट्रंप के जीतने से पाकिस्तान को भी बड़ा नुकसान हो सकता है। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान पाकिस्तान को दुनिया का सबसे खतरनाक देश बताया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान पर काबू रखने के लिए भारत की मदद लेनी चाहिए। ट्रंप ने कहा था कि अगर वो चुनाव जीते तो इस दिशा में बहुत तेजी से काम करेंगे। अमेरिका अभी तक भारत और पाकिस्तान के बीच के तनाव को दो देशों के बीच मुद्दा बताकर तटस्थ दिखने की कोशिश करता है। कश्मीर के मसले पर भी अमेरिका पाकिस्तान पर किसी तरह का प्रभावी दबाव बनाने में विफल रहा है। लेकिन ट्रंप ने जैसा कहा है अगर वो ऐसा करते हैं तो हालात बदल सकते हैं।

वीडियो: डोनाल्ड ट्रंप को मिली जीत, हिलेरी क्लिंटन की हुई हार-

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First Published on November 9, 2016 3:29 pm

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