December 08, 2016

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US Presidential Debate: हथियार रखने का अधिकार देनेवाले कानून पर भिड़े हिलेरी-ट्रंप

ट्रंप ने हथियार रखने देने वाले द्वितीय संशोधन को बरकरार रखने के पक्ष में तर्क दिया जबकि हिलेरी क्लिंटन ने हथियार रखने वालों के हाथों होने वाली हत्याओं को रोकने के लिए कदम उठाने की अपील की।

Author लॉस वेगास | October 20, 2016 14:26 pm
लॉस वेगास के नेवादा विश्वविद्यालय में तीसरी और अंतिम बार राष्ट्रपति पद की बहस में एक-दूसरे का सामना करते रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन। (Mark Ralston/Pool via AP/19 Oct, 2016)

अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए गुरुवार (20 अक्टूबर) को शुरू हुई तीसरी एवं अंतिम बहस के आरंभ में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने नागरिकों को हथियार रखने का अधिकार देने वाले द्वितीय संशोधन को बरकरार रखने के पक्ष में तर्क दिया जबकि उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन ने हथियार रखने वालों के हाथों होने वाली हत्याओं को रोकने के लिए कदम उठाने की अपील की। इस बात की संभावना है कि अगला राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट के कई जजों की नियुक्ति करेगा, ऐसे में राष्ट्रपति पद के इन दोनों उम्मीदवारों के विचार अमेरिकी लोगों के लिए बहुत अहम हैं जो आठ नवंबर को होने वाले आम चुनाव में मतदान करने वाले हैं।

हिलेरी ने कहा कि वह द्वितीय संशोधन का समर्थन करती है लेकिन लोगों की जान लेने के लिए हथियार रखने वाले गैरकानूनी तत्वों को रोकने के लिए कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका में गोलीबारी के कारण प्रतिवर्ष करीब 33,000 लोग मारे जाते हैं। ट्रंप द्वितीय संशोधन के तहत लोगों को दी जाने वाली स्वतंत्रता पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ हैं।’ बहस के मध्यस्थ ‘फॉक्स न्यूज’ के क्रिस वालेस ने पहला प्रश्न दागते हुए कहा, ‘अगला राष्ट्रपति कम से कम एक नियुक्ति और संभवत: दो या तीन नियुक्तियां करेगा।’

हिलेरी ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘मेरा मानना है कि इस समय हमारे देश के इतिहास में यह महत्वपूर्ण है कि हम विवाह में समानता को रद्द नहीं करें, हम कार्यस्थल में लोगों के अधिकारों के लिए खड़े हों, हम खड़े हों और मूल रूप से कहें कि सुप्रीम कोर्ट को हम सभी का प्रतिनिधित्व करना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को शक्तिशाली संघों एवं धनी लोगों के पक्ष में नहीं, बल्कि अमेरिकी लोगों के पक्ष में खड़े होना चाहिए। हिलेरी ने कहा, ‘मेरे लिए, इसका अर्थ है कि हमें ऐसे सुप्रीम कोर्ट की आवश्यकता है जो महिलाओं के अधिकार के लिए खड़ा हो, जो एलजीबीटी समुदाय के अधिकारों के लिए खड़ा हों, जो खड़े होकर हमारे देश में चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित करने वाले निर्णय ‘सिटीजन यूनाइटेड’ को मना करें, क्योंकि वह हमारी चुनावी प्रणाली में काला एवं अज्ञात स्रोतों से आया धन शामिल होने की अनुमति देता है।’

अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए तीसरी एवं अंतिम बहस

उन्होंने कहा, ‘मैं चाहती हूं यह मौका मुझे मिले। मैं उम्मीद करती हूं कि सीनेट अपना काम करेगी और उस उम्मीदवार की पुष्टि करेगी जिसे राष्ट्रपति ओबामा ने उनके पास भेजा है। संविधान को मौलिक रूप से इसी प्रकार काम करना चाहिए। राष्ट्रपति नामित करता है, इसके बाद सीनेट सलाह देती है और सहमति व्यक्त करती है या नहीं करती है लेकिन वे प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।’ ट्रंप ने अपने प्रतिद्वंद्वी के साथ असहमति जताते हुए कहा, ‘मेरे विचार से हमें ऐसे सुप्रीम कोर्ट की आवश्कयता है जो द्वितीय संशोधन को बरकरार रखे।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि मुझे वास्तव में लगता है कि मेरी प्रतिद्वंद्वी चुनाव नहीं जीतेंगी लेकिन यदि वह यह दौड़ जीत भी जाती हैं तो हमारे पास जो द्वितीय संशोधन होगा जो हमारे पास इस समय मौजूद द्वितीय संशोधन की बहुत छोटी प्रतिकृति होगी लेकिन इस पर हो रहे आघात के मद्देनजर मेरा मानना है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम इसे बरकरार रखें।’

ट्रंप ने तर्क दिया कि अमेरिका में ऐसे जजों की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए जो पहले से ही यह निर्णय ले लेते हैं कि वे क्या सुनना चाहते हौं संविधान सबसे महत्वपूर्ण है और वह ऐसे ही लोगों को नियुक्त करेंगे जो इसे महत्वपूर्ण समझें। हिलेरी ने जवाब देते हुए कहा कि वह द्वितीय संशोधन को समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं बंदूक रखने की परंपरा को समझती हूं और उसका सम्मान करती हूं लेकिन मैं यह भी मानती हूं कि इसे लेकर उचित नियम हो सकते हैं और होने चाहिए। मैं द्वितीय संशोधन का समर्थन करती हूं तो इसका यह अर्थ नहीं है कि मैं यह चाहती हूं कि उन लोगों के पास बंदूकें होनी चाहिए जो आपको या आपके परिवार को धमका सकते हैं, मार सकते हैं।’ हिलेरी ने कहा कि अमेरिका को पृष्ठभूमि की व्यापक जांच करने और ऑनलाइन खामियां दूर करने की आवश्यकता है। ट्रंप ने शिकागो जैसे शहरों का उदाहरण देते हुए कहा कि कड़े बंदूक नियंत्रण कानूनों से कोई मदद नहीं मिलती।

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First Published on October 20, 2016 2:19 pm

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