December 03, 2016

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अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव 2016: 16 साल से गलत साबित नहीं हुआ CNN का सर्वे, जानिए कैसे होती है कवरेज

सीएनएन के पत्रकार लोगों से बातचीत कर जानने की कोशिश करते हैं कि उन्‍होंने किसी उम्‍मीदवार को समर्थन क्‍यों दिया।

सीएनएन की एक पूरी टीम कई दिन से चुनावी रात की रिहर्सल कर रही थी। (Source: Screenshot)

अमेरिका में राष्‍ट्रपति पद के लिए चुनाव हो रहे हैं। इसे कवर करने के लिए दुनिया भर के मीडिया संस्‍थान जुटे हुए हैं। अमेरिका के मीडिया संस्‍थान सीएनएन (केबल न्‍यूज नेटवर्क) का दावा है कि पिछले 16 साल से उसका अनुमान गलत साबित नहीं हुआ है। संस्‍थान इतने सटीक अनुमान कैसे लगाता है, इसकी जानकारी देने के लिए एक वीडियो बनाया गया है। जिसमें सीएनएन की डायरेक्‍टर ऑफ पाेलिंग एंड इलेक्‍शन एनालिटिक्‍स जेनिफर एजिस्‍टा ने खुद बताया है कि उनकी टीम चुनावों की कवरेज कैसे कर रही है। उनकी टीम में 14 लोग हैं जो चुनाव की रात काम कर रहे हैं। उन्‍होंने इस रात के लिए कई बार रिहर्सल की है। 14 लोगों को अलग-अलग टीम में बांटा गया है। जिनमें से हर एक टीम में एक सांख्यिकी का विशेषज्ञ है जिसे सीएनएन द्वारा किए जाने वाले अनुमानों की पूरी समझ होती है। हर टीम में एक राजनैतिक विशेषज्ञ भी होता है जिसे उस राज्‍य के भूगोल की पूरी जानकारी होती है। चुनाव की रात अपने अनुमानों के लिए सीएनएन कई तरह के डाटा का इस्‍तेमाल करता है। पहला, एग्जिट पोल्‍स (वोट देकर लौट रहे लोगों से बात कर रुझान लेना) के आधार पर लोगों के व्‍यवहार का आकलन करना। सीएनएन के पत्रकार लोगों से बातचीत कर जानने की कोशिश करते हैं कि उन्‍होंने किसी उम्‍मीदवार को समर्थन क्‍यों दिया। जब सीएनएन किसी राज्‍य के बारे में अनुमान लगाता है तो उसमें कई पहलू समाहित होते हैं, सीएनएन इसे सिर्फ ‘एग्जिट पोल’ नहीं मानता।

वीडियो में देखें, किसे जिताना चाहते हैं अमेरिका के लोग: 

एजिस्‍टा के अनुसार, ‘हम एग्जिट पोल से आगे बढ़कर देखते हैं। कई महत्‍वपूर्ण राज्‍यों जैसे फ्लोरिडा और हैंपशायर पर ध्‍यान दिया जाता है। हम उन क्षेत्रों में जाते हैं जहां एग्जिट पोल हुए थे, हम देखते हैं कि लोगों ने वाेट क्‍या दिया था और एग्जिट पोल्‍स में क्‍या दर्शाया गया। जब हमारे अनुमान 270 इलेक्‍टोरल वोट्स पार कर जाते हैं तो हमारे कहने का मतलब होता है कि व्‍हाइट हाउस में रहने वाला अगला शख्‍स कौन है। तब हमारी न्‍यूजडेस्‍क काफी गंभीर हो जाती है।”

एजिस्‍टा के मुताबिक, उनकी रिपोर्टिंग की सबसे अच्‍छी बात यह है कि हम कई सूत्रों से डाटा हासिल करते हैं। हम समाचार एजेंसियों, स्‍थानीय वेबसाइटों, स्‍थानीय संवाददाताओं से रिपोर्ट लेते हैं और जांच करते हैं कि वह सही है या नहीं।” एजिस्‍टा गर्व से बताती हैं कि हम यह कोशिश करते हैं कि किसी तरह से ऐसा अनुमान लगाएं जो सच साबित भी हो। वह कहती हैं, ”हम भाग्‍यशाली हैं कि 2000 के बाद से हमारा कोई अनुमान गलत साबित नहीं हुआ है।”

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First Published on November 8, 2016 9:34 pm

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