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अमेरिका ने पहली बार मार गिराया सीरिया का फाइटर प्लेन, US आर्मी के सयोगी लड़कों पर किया था हमला

अमेरिका के एक लड़ाकू विमान ने पहली बार किसी सीरियाई युद्धक विमान को मार गिराया है। वाशिंगटन का आरोप है कि सीरियाई विमान अमेरिकी समर्थन वाले लड़ाकों पर हमला कर रहा था।
Author दमिश्क | June 19, 2017 17:47 pm
(File Photo)

अमेरिका के एक लड़ाकू विमान ने पहली बार किसी सीरियाई युद्धक विमान को मार गिराया है। वाशिंगटन का आरोप है कि सीरियाई विमान अमेरिकी समर्थन वाले लड़ाकों पर हमला कर रहा था। इससे अमेरिका और सीरिया की सेना के बीच नये सिरे से तनाव की स्थिति बनी है। इस घटना ने देश में पिछले छह वर्षों से चल रहे युद्ध को और जटिल बना दिया है। सरकार के सहयोगी ईरान ने भी कल अपनी सीमा से पहली बार पूर्वी सीरिया में इस्लामिक स्टेट के कथित ठिकानों पर हमला किया। तेहरान में हुए हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस द्वारा लिए जाने के बाद ईरान ने यह कार्वाई की है।

विश्लेषकों का कहना है कि वाशिंगटन या बशर अल-असद दोनों ही विवाद और संघर्ष नहीं चाहते हैं, लेकिन चेतावनी दी कि सीरिया के युद्ध में पक्षकारों की संख्या बढ़ने के कारण हालात और जटिल होने वाले हैं। अमेरिका और उसके सहयोगियों की सेना रका के पास जमा हो रही हैं और वहीं पास में रूस समर्थित सीरियाई बल हैं। इससे वहां हालात और जटिल हो गये हैं। इस बीच ईरान ने कहा कि उसने आईएस तेहरान पर आईएस के हमले का बदला लेने के लिये रविवार को सीरिया के उत्तरपूर्वी दैर एजोर प्रांत में ‘आतंकी अड्डों ‘ के खिलाफ मिसाइल हमला शुरू किया है।

वहीं दूसरी ओर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) की वायुसेना ने सीरिया के डेर-अल-जोर में आतंकवादियों के गढ़ों पर मिसाइलें दागी हैं। आईआरजीसी के पब्लिक रिलेशंस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मिसाइल हमला ईरान की राजधानी तेहरान में हुए दोहरे हमलों के जवाब में रविवार को किए गए, ताकि आतंकवादियों को सबक सिखाया जा सके। बयान के मुताबिक, आईआरजीसी की मध्यम दूरी की मिसाइलों को ईरान के पश्चिमी प्रांतों केनमनशाह और कुर्दिस्तान से दागा गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, इन हमलों में बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए और हमले में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद नष्ट किए गए। आईआरजीसी ने ईरान पर किसी भी तरह के आतंकवादी हमले का माकूल जवाब देने की प्रतिबद्धता जताई। गौरतलब है कि सात जून को इस्लामिक स्टेट ने तेहरान पर दो हमले किए थे, जिनमें से एक हमला ईरान की संसद और दूसरा अयातुल्ला खमैनी के मकबरे को निशाना बनाकर किया गया था। इन हमलों में 17 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। आईआरजीसी के कमांडर ने मंगलवार को कहा था कि तेहरान में सात जून को हुए इन हमलों में सऊदी अरब का हाथ है।

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