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डिबेट में हिलेरी क्लिंटन से ऐसे मिले डोनाल्ड ट्रम्प जैसे जानते ही न हों, हाथ भी नहीं मिलाया

डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी चुनाव में धांधली के अपने पुराने आरोप को वापस लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने चुनाव परिणाम का सम्मान करने के सवाल पर कहा, "मैं वक्त आने पर इसे देखूंगा।"
लास वेगास में हुई तीसरी और आखिरी डिबेट में हिलैरी क्लिंटन और डोनाल्ट ट्रंप। (Photo:REUTERS/Mike Blake)

अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए प्रचार की दौड़ अपने आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। गुरुवार (20 अक्टूबर) को रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलैरी क्लिंटन तीसरी और आखिरी बार आमने सामने आए। दोनों उम्मीदवारों के बीच चुनाव प्रचार के दौरान पैदा हुई तल्खी का असर बुधवार को देखने को मिला जब बहस के लिए आए ट्रंप और हिलैरी ने एक दूसरे से हाथ मिलाने की औपचारिकता भी नहीं पूरी की। दोनों ने ऐसे व्यवहार किया जैसे वो एक दूसरे को जानते ही न हों। अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव 8 नवंबर को होने वाले हैं। लास वेगास में हो रही इस बहस का संचालन क्रिस वैलेस ने किया। डोनाल्ड ट्रंप और हिलैरी क्लिंटन सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति, गर्भपात नीति, प्रवासी नीति और विदेश नीति इत्यादि पर बहस की।

डोनाल्ड ट्रंप में अमेरिकी चुनाव में धांधली के अपने पुराने आरोप को वापस लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने चुनाव परिणाम का सम्मान करने के सवाल पर कहा, “मैं वक्त आने पर इसे देखूंगा।” ट्रंप के इस जवाब पर हिलैरी क्लिंटन आक्रोशित हो गईं। उन्होंने कहा, “अब सबको साफ पता चल जाना चाहिए कि ये क्या कह रहे हैं और इनका मतलब क्या है। ये हमारे लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं और उसे नीचा दिखा रहे हैं।”

बहस के दौरान हिलैरी ने आरोप लगाया कि अगर ट्रंप राष्ट्रपति बन जाते हैं तो वो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कठपुतली की तरह काम करेंगे। जवाब में ट्रंप ने बराक ओबामा प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद हर कदम पर ओबामा और हिलैरी से चालाक निकले हैं।

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बहस के आरंभ में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने नागरिकों को हथियार रखने का अधिकार देने वाले द्वितीय संशोधन को बरकरार रखने के पक्ष में तर्क दिया जबकि उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन ने हथियार रखने वालों के हाथों होने वाली हत्याओं को रोकने के लिए कदम उठाने की अपील की। इस बात की संभावना है कि अगला राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट के कई जजों की नियुक्ति करेगा, ऐसे में राष्ट्रपति पद के इन दोनों उम्मीदवारों के विचार अमेरिकी लोगों के लिए बहुत अहम हैं जो आठ नवंबर को होने वाले आम चुनाव में मतदान करने वाले हैं।

हिलेरी ने कहा कि वह द्वितीय संशोधन का समर्थन करती है लेकिन लोगों की जान लेने के लिए हथियार रखने वाले गैरकानूनी तत्वों को रोकने के लिए कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका में गोलीबारी के कारण प्रतिवर्ष करीब 33,000 लोग मारे जाते हैं। ट्रंप द्वितीय संशोधन के तहत लोगों को दी जाने वाली स्वतंत्रता पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ हैं।’’

ट्रंप और हिलैरी के बीच पहली बहस 27 सितंबर को और दूसरी बहस नौ अक्टूबर को हुई थी। पहली दो बहसों में राजनीतिक विश्लेषकों ने हिलैरी का पलड़ा भारी माना था। दोनों के बीच हुई दूसरी बहस के बाद डोनाल्ड ट्रंप के कई पुराने वीडियो सामने आए जिनमें वो महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते नजर आए। वहीं आधा दर्जन महिलाओं ने सार्वजनिक रूप से ट्रंप पर यौन हमला करने का आरोप लगाया। हालांकि ट्रंप ने खुद के महिला विरोधी होने के आरोपों को गलत बताया। वहीं हिलैरी क्लिंटन पर चुनाव से पहले विदेश मंत्री रहने के दौरान निजी ईमेल द्वारा आधिकारिक पत्राचार करने का आरोप लगा। हिलैरी के ईमेल हैक भी हो गए थे जिसके बाद गोपनीयता के प्रति लापरवाही को लेकर उनकी काफी आलोचना हुई। बाद में हिलैरी ने इसके लिए खेद जताया।

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