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कोरियाई प्रायद्वीप पर मिसाइल रोधी प्रणाली तैनात करेगा अमेरिका, चीन ने दी चेतावनी

चीन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह फैसला क्षेत्र को अस्थिर बना सकता है और यह प्रायद्वीप को ‘परमाणु मुक्त’ बनाने का लक्ष्य हासिल करने के अनुकूल नहीं है।
Author वॉशिंगटन | July 8, 2016 15:25 pm
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (एपी फोटो)

अमेरिका एवं दक्षिण कोरिया उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए ‘रक्षात्मक कदम’ उठाते हुए कोरियाई प्रायद्वीप पर अत्याधुनिक थाड मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात करेगा। पेंटागन ने गुरुवार (7 जुलाई) देर रात जारी एक बयान में कहा कि टर्मिनल हाई ऐल्टिट्यूड एरिया डिफेंस (थाड) मिसाइल रोधी प्रणाली की तैनाती का निर्णय अमेरिका और उत्तर कोरिया ने संयुक्त रूप से लिया। इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने इस निर्णय पर गहरा असंतोष जताया और इसका कड़ा विरोध करते हुए शुक्रवार (8 जुलाई) को चेतावनी दी कि इस फैसले का क्रियान्वयन क्षेत्र को अस्थिर बना सकता है और यह प्रायद्वीप को ‘परमाणु मुक्त’ बनाने का लक्ष्य हासिल करने के अनुकूल नहीं है।

बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने दक्षिण कोरिया एवं उसके लोगों की ‘सुरक्षा सुनिश्चित करने’ और उत्तर कोरिया के विनाशकारी हथियारों एवं उसकी बैलिस्टिक मिसाइल से पैदा हुए खतरों से संयुक्त सैन्य बलों की रक्षा करने के लिए ‘रक्षात्मक कदमों के तहत’ में थाड की तैनाती का संयुक्त निर्णय लिया है। उन्होंने उत्तर कोरिया द्वारा जनवरी में चौथे परमाणु परीक्षण के बाद लंबी दूरी का एक रॉकेट प्रक्षेपित किए जाने पर फरवरी में वार्ता आरंभ की थी। दोनों सहयोगी शीघ्र तैनाती सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

थाड की तैनाती से मिसाइल से चरणबद्ध रक्षा में मदद मिलेगी और यह प्रणाली उत्तर कोरिया के मिसाइल खतरों के खिलाफ गठबंधन की मौजूदा मिसाइल रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगी। पेंटागन ने कहा, ‘जब थाड प्रणाली की कोरियाई प्रायद्वीप में तैनाती की जाएगी तो यह पूरी तरह उत्तर कोरियाई परमाणु एवं मिसाइल खतरों पर केंद्रित होगी और किसी अन्य तीसरे देश की ओर निर्देशित नहीं होगी।’ पेंटागन ने यह खुलासा नहीं किया कि प्रणाली कब तैनात की जाएगी। उसने कहा कि दोनों देश संभावित स्थल का चयन करने के अंतिम चरण में है। यह तैनाती वर्ष 2017 के अंत तक होने की संभावना है।

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