December 06, 2016

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पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद पर लग सकती है रोक, अमेरिकी कांग्रेस लगाना चाहती है शर्त

कांग्रेस ने पेंटागन से यह सुनिश्चित करने को कहा हे कि पाकिस्तान सैन्य मदद का इस्तेमाल बलूच, सिंधी और हजारा जैसे अल्पसंख्यक समूहों के उत्पीड़न के लिए नहीं करे।

Author वॉशिंगटन | December 1, 2016 14:36 pm
अमेरिका में वर्ष 2008 के राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उम्मीदवार रह चुके सीनेटर जॉन मैक्केन। (REUTERS/Marko Djurica/File Photo)

अमेरिकी कांग्रेस की सम्मेलन समिति (यूएससीसीसी) ने अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को दिये जाने वाले कोष के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर पेंटागन प्रमाणन के तहत यह शर्त रखने की मांग की है कि वह अपने क्षेत्र में खूंखार हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ प्रत्यक्ष कदम उठाए। एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए समिति ने पेंटागन से यह सुनिश्चित करने को कहा हे कि पाकिस्तान सैन्य मदद का इस्तेमाल बलूच, सिंधी और हजारा जैसे अल्पसंख्यक समूहों के उत्पीड़न के लिए नहीं करे। कांग्रेस की एक सम्मेलन समिति ने बुधवार (30 नवंबर) को राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार अधिनियम (एनडीएए) 2017 को पारित किया। इसके तहत पाकिस्तान के लिए 90 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद को मंजूरी दी गयी। सीनेटर जॉन मेक्केन ने कहा कि ‘पाकिस्तान को सुरक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए दी जाने वाली मदद पर नये सिरे से ध्यान दिया गया है जो सीधे तौर पर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों से संबंधित है और कोष के एक खास हिस्से को रक्षा मंत्री की मंजूरी के विषय के रूप में रखा गया है कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ प्रत्यक्ष कदम उठा रहा है।’

इस समिति के सदस्यों का मानना है कि रक्षा मंत्री को पाकिस्तान को दी जाने अमेरिकी रक्षा मदद के प्रावधानों पर करीब से नजर रखने और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि पाकिस्तान अपनी सेना या अमेरिका की तरफ से दी जाने वाली किसी भी मदद का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों के खिलाफ उत्पीड़न के लिए नहीं करे। इस समिति में अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों (प्रतिनिधि सभा और सिनेट) के सदस्य शामिल हैं। अब इसे औपचारिक तौर पर कांग्रेस के दोनों सदनों की मंजूरी की जरूरत होगी, जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा इस पर हस्ताक्षर करेंगे।

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First Published on December 1, 2016 2:36 pm

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