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भारतीय-अमेरिकी व्यक्ति की कंपनी को मिली चंद्रमा पर यान भेजने की इजाजत

इस कंपनी की स्थापना साल 2010 में अंतरिक्ष मामलों के विशेषज्ञ डॉ. बॉब रिचर्ड्स, नवीन जैन और उद्यमी तथा कृत्रिम बुद्धिमता एवं अंतरिक्ष तकनीक के जानकार डॉ. बार्ने पेल ने मिलकर की थी।
Author वॉशिंगटन | August 4, 2016 12:26 pm
मून एक्सप्रेस एक निजी अमेरिकी कंपनी है। (वेबसाइट फोटो)

संघीय विमानन प्रशासन ने अंतरिक्ष में यान भेजने और उसे चंद्रमा पर उतारने के लिए पहली बार एक निजी अमेरिकी कंपनी को लाइसेंस जारी किया है। कंपनी इस यान के प्रक्षेपण और इसे चंद्रमा पर उतारने का काम साल 2017 में करेगी। इस कंपनी का सह-संस्थापक एक भारतीय-अमेरिकी व्यक्ति है। कंपनी ने मीडिया को भेजी एक विज्ञप्ति में बताया है कि अमेरिका के इस महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले के बाद मून एक्सप्रेस को चंद्रमा की सतह पर पहला रोबोटिक यान भेजने का अधिकार मिल गया है। इससे पहले कोई भी निजी अतंरिक्ष यान धरती की कक्षा से बाहर नहीं भेजा गया है और बाह्य अंतरिक्ष में अभी तक जो भी अंतरिक्ष यान गए हैं वे सरकारी एजेंसियों की ओर से ही भेजे गए हैं।

मून एक्सप्रेस के सह संस्थापक और अध्यक्ष नवीन जैन ने कहा, ‘मून एक्सप्रेस के लिए अब आकाश भी सीमा नहीं रहा। यह तो शुरुआत है। अपने भविष्य को सुरक्षित करने और अपने बच्चों के लिए अंतहीन संभावनाओं के द्वार खोलने के लिए अंतरिक्ष यात्रा ही एक रास्ता है। भविष्य में हम वहां से बहुमूल्य संसाधन, धातु और चंद्रमा के पत्थरों को यहां धरती पर लाने का सपना देखते हैं।’

इस कंपनी की स्थापना साल 2010 में अंतरिक्ष मामलों के विशेषज्ञ डॉ. बॉब रिचर्ड्स, नवीन जैन और उद्यमी तथा कृत्रिम बुद्धिमता एवं अंतरिक्ष तकनीक के जानकार डॉ. बार्ने पेल ने मिलकर की थी। इसकी स्थापना के पीछे इनका साझा उद्देश्य व्यावसयिक अंतरिक्ष खोज और नवाचार में अगुआ बनना है।

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