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संयुक्त राष्ट्र ने भारत-पाक मसले को सुलझाने में मदद की पेशकश की

भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्तों में एक ताजा गतिरोध पैदा करते हुए पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने सात अप्रैल को कहा कि द्विपक्षीय शांति प्रक्रिया निलंबित है।
Author संयुक्त राष्ट्र | April 9, 2016 23:22 pm
संयुक्त राष्ट्र। (फोटो-रॉयटर्स)

भारत के साथ द्विपक्षीय शांति प्रक्रिया निलंबित होने की पाकिस्तान की घोषणा के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने कहा कि विवाद हल करने में उनकी मदद की पेशकश बरकरार है लेकिन यह दोनों देशों पर है कि वे उनकी मदद चाहते हैं या नहीं। बान के प्रवक्ता स्तेफाने दुयारिच ने कहा कि जब भी सदस्य देशों के बीच कोई विवाद, कोई मुद्दा होता है, उसी तौर पर महासचिव की मदद की पेशकश होती है। लेकिन इस पर दोनों पक्षों को सहमत होना होता है और मांग करनी होती है। दुयारिच ने ये बातें उस समय कही जब उनसे पूछा गया कि ऐसे मौके पर जब भारत और पाकिस्तान के बीच की शांति वार्ता एक बार फिर बाधित हुई है, क्या महासचिव अपनी मदद की पेशकश करना चाहेंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्तों में एक ताजा गतिरोध पैदा करते हुए पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने सात अप्रैल को कहा कि द्विपक्षीय शांति प्रक्रिया निलंबित है।

उन्होंने भारत की इन अपेक्षाओं पर भी ठंडा पानी डाल दिया कि पठानकोट में आतंकी हमले की जांच के संबंध में पाकिस्तान की संयुक्त जांच टीम (जेआइटी) की भारत यात्रा के बाद पारस्परिकता के आधार पर भारत की एनआइए टीम को पाकिस्तान की यात्रा पर जाने की इजाजत मिलेगी।

बहरहाल, भारत ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त के इन दावों का खंडन किया कि पाकिस्तानी जेआइटी की भारत यात्रा पारस्परिकता के आधार पर नहीं थी और कहा कि पाकिस्तानी टीम की यात्रा के पहले दोनों पक्षों ने सहमति जताई थी कि यह पारस्परिकता के आधार पर होगी। बासित की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकरिया के उस बात की चर्चा की, जिसमें जकरिया ने कहा था, ‘‘मैं यह बात बहुत बार कह चुका हूं कि दोनों देश एक दूसरे के साथ संपर्क में हैं और यह दोनों पक्ष दोहरा चुके हैं कि तौर-तरीके तय किए जा रहे हैं।

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