March 28, 2017

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सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष ने पाकिस्तान को दी झिड़की, कहा, परिषद में भारत-पाकिस्तान में तनाव की नहीं हो रही चर्चा

रूस की ओर से अक्तूबर के लिए 15 सदस्य देशों वाली परिषद की अध्यक्षता संभाले जाने पर चर्किन मीडिया को संबोधित कर रहे थे।

Author संयुक्त राष्ट्र | October 5, 2016 06:40 am
संयुक्त राष्ट्र (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र में रूस के दूत और अक्तूबर के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष ने कश्मीर मसला और भारत के लक्षित हमले का मुद्दा उठाने वाले पाकिस्तान को झिड़की दी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद भारत-पाकिस्तान में बढ़ते तनाव पर चर्चा नहीं कर रहा।संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत विताली चर्किन ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में भारत-पाकिस्तान के बीच के तनाव से जुड़े सवाल को बीच में ही रोकते हुए कहा, ‘मैं इसमें नहीं पड़ना चाहता। कृपया नहीं…नहीं…। मैं इसमें नहीं पड़ना चाहता।’ रूस की ओर से अक्तूबर के लिए 15 सदस्य देशों वाली परिषद की अध्यक्षता संभाले जाने पर चर्किन मीडिया को संबोधित कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि वह इस मुद्दे पर टिप्प्णी क्यों नहीं करेंगे, तो उन्होंने कहा, ‘क्योंकि मैं सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष हूं। सुरक्षा परिषद इस (भारत-पाकिस्तान की स्थिति) पर चर्चा नहीं कर रहा।’

चर्किन ने कहा, ‘क्षमा करें श्रीमान, मैं इसमें नहीं पड़ना चाहता। कोई टिप्पणी नहीं। कृपया क्षमा करें।’ जब उनसे दोबारा पूछा गया कि वह और रूस भारत-पाकिस्तान की स्थिति पर चर्चा करने से इतना ‘बच’ क्यों रहे हैं, तो चर्किन ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि आप जानते हैं। बहुत सी अन्य चीजें भी हैं।’ चर्किन की इन टिप्पणियों को पाकिस्तान के लिए एक सीधी फटकार माना जा रहा है क्योंकि उसने पिछले ही सप्ताह भारत की ओर नियंत्रण रेखा के पार आतंकी ठिकानों पर किए गए लक्षित हमलों और कश्मीर के मुद्दे को लेकर सुरक्षा परिषद का द्वार खटखटाया था।

इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून के उपप्रवक्ता फरहान हक से पूछा गया था कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की उस टिप्पणी पर संयुक्त राष्ट्र का क्या रुख है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान को कश्मीर से जुड़ा अपना सपना छोड़ देना चाहिए क्योंकि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा। इस सवाल पर हक ने कहा, ‘हमने भारत और पाकिस्तान के बीच की स्थिति पर एक बयान जारी किया है। मैं चाहूंगा कि आप उसे देखें।’ उनसे एक बार फिर पूछा गया कि संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान को कश्मीर का ख्वाब देखना बंद करने के लिए कहने वाली सुषमा की टिप्पणी पर कुछ भी क्यों नहीं कहा, तब हक ने जवाब में कहा, ‘हम महासभा में दिए गए हर भाषण पर टिप्पणी नहीं करते लेकिन हम कश्मीर की स्थिति पर टिप्पणी करते रहे हैं। जैसा कि मैंने कहा, हमने पिछले शुक्रवार को ही इसपर बयान जारी किया था।’

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की दूत मलीहा लोधी ने सितंबर के लिए परिषद के अध्यक्ष और संयुक्त राष्ट्र में न्यूजीलैंड के दूत गेरार्ड वान बोहेमन से मुलाकात कर परिषद की ‘अनौपचारिक चर्चाओं’ में लक्षित हमलों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून से भी मुलाकात की थी। लेकिन बान ने भारत-पाकिस्तान की सरकारों से अपील की कि वे कश्मीर समेत अपने सभी लंबित मुद्दों को ‘कूटनीति और वार्ता’ के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से निपटाएं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने पिछले सप्ताह कहा था कि पाक अधिकृत कश्मीर में लक्षित हमलों के मुद्दे पर पाकिस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र प्रमुख और सुरक्षा परिषद से संपर्क किए जाने को वैश्विक संस्था में कोई बल नहीं मिला। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पिछले माह संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र से इतर जिन-जिन वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं की थी, उन्होंने लगभग उन सभी के समक्ष कश्मीर का मुद्दा उठाकर इस मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश की थी।

 

 

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First Published on October 5, 2016 6:40 am

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