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सीरिया: युद्ध अपराध मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र गठित करेगा पैनल, अब तक 3 लाख 10 हज़ार से अधिक की मौत

193 देशों की सभा में 15 के मुकाबले 105 मतों से जांच तंत्र गठित करने की स्थापना संबंधी प्रस्ताव बुधवार (21 दिसंबर) को पारित किया गया।
Author संयुक्त राष्ट्र | December 22, 2016 13:29 pm
सीरिया के दक्षिण इदलिब के विद्रोही कब्जे वाले शहर हास में बमबारी से ध्वस्त क्लासरूम। (REUTERS/Ammar Abdullah/26 Oct, 2016)

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सीरिया में करीब छह साल से चल रहे युद्ध में ज्यादतियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अभियोग चलाने की ओर पहला कदम उठाते हुए वहां युद्ध अपराधों संबंधी सबूतों को एकत्र करने के लिए एक पैनल गठित करने पर सहमति व्यक्त की है। 193 देशों की सभा में 15 के मुकाबले 105 मतों से जांच तंत्र गठित करने की स्थापना संबंधी प्रस्ताव बुधवार (21 दिसंबर) को पारित किया गया। 52 सदस्य अनुपस्थित रहे। पैनल संयुक्त राष्ट्र जांच आयोग के साथ निकटता से काम करेगा। संयुक्त राष्ट्र जांच आयोग ने युद्ध के दौरान की गई ज्यादतियों संबंधी कई रिपोर्ट जमा कराई हैं। युद्ध में 3,10,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। असैन्य समाज समूह भी दस्तावेजों, गवाहों एवं वीडियो फुटेज को संकलित कर रहे हैं जिनका कानून की अदालत में किसी दिन प्रयोग किया जा सकता है। इस प्रस्ताव को लिख्टेंस्टाइन ने तैयार किया है। इसे अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली एवं जर्मनी के साथ साथ क्षेत्रीय ताकतों तुर्की, सऊदी अरब एवं कतर समेत 58 देशों ने सह प्रायोजित किया था। सभा को संबोधित करते हुए लिख्टेंस्टाइन के राजदूत क्रिश्चियन वेनावेसर ने कहा कि प्रस्ताव सुरक्षा परिषद की नाकामी को दूर करने की कोशिश करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गंभीर अपराधों के लिए जिम्मेदार लोग न्याय के दायरे में आए। सीरिया के मुख्य सहयोगी रूस और चीन ने वर्ष 2014 में परिषद का यह अनुरोध बाधित कर दिया था कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय सीरिया में युद्ध अपराधों की जांच शुरू करे।

वेनावेसेर ने कहा, ‘हम उम्मीदों को पूरा करने के लिए अंतत: एक अर्थपूर्ण कदम उठा रहे हैं जिन्हें हम इतने लंबे समय से पूरा नहीं कर पाए हैं।’ सीरिया के राजदूत बशर जाफरी ने इस कदम की निंदा की और कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर से विपरीत है और ‘संयुक्त राष्ट्र के एक सदस्य देश के आंतरिक मामलों में खुला हस्तक्षेप’ है। रूस, चीन और ईरान इस कदम का विरोध करने वाले देशों में शामिल हैं। प्रस्ताव के तहत संयुक्त राष्ट्र महासचिव नए पैनल के गठन पर 20 दिन में रिपोर्ट देंगे। इस नए पैनल को संयुक्त राष्ट से फंड मिलेगा। यह सीरिया में मार्च 2011 में संघर्ष शुरू होने के बाद से ‘हुए अत्यंत गंभीर अपराधों के लिए जिम्मेदार अपराधियों के खिलाफ अभियोग चलाने एवं जांच में मदद के लिए एक अंतरराष्ट्रीय, निष्पक्ष एवं स्वतंत्र तंत्र’ गठित करेगा। मसौदा पाठ के अनुसार पैनल ‘अंतराष्ट्रीय मानवीय कानून एवं मानवाधिकार उल्लंघनों के सबूतों को एकत्र करेगा, उन्हें ठोस आकार देगा, उन्हें संरक्षित रखेगा और उनका विश्लेषण करेगा और निष्पक्ष एवं स्वतंत्र आपराधिक कार्यवाहियां करने एवं उन्हें तेज करने के लिए फाइलें तैयार करेगा।’ मानवाधिकार समूहों ने इस कदम की प्रशंसा की है। ह्यूमन राइट्स वाच में वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय न्याय वकील बाल्कीस जेराह ने कहा, ‘जांच तंत्र स्थापित करके आम सभा बरसों की अनियंत्रित ज्यादतियों के बाद जवाबदेही का मार्ग प्रशस्त करने में मदद कर रही है।’ उन्होंने कहा, ‘अपराधी अब जानते हैं कि उनकी करतूतों के सबूत एकत्र किए जाएंगे और वह दिन तेजी से निकट आएगा जब वे खुद को सलाखों के पीछे पाएंगे।’

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