ताज़ा खबर
 

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बोले, अमेरिका में आव्रजन प्रतिबंध के अस्थायी रहने की है उम्मीद

एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि अमेरिका की शरणार्थियों को सुरक्षा मुहैया कराने की पुरानी परंपरा रही है और उनको ‘बहुत’ उम्मीद है कि ‘जो कदम उठाए गए हैं, वे अस्थायी हैं।
Author संयुक्त राष्ट्र | January 31, 2017 15:46 pm
पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री और संरा के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस। (REUTERS/Denis Balibouse/File photo)

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उम्मीद जताई कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का आव्रजन प्रतिबंध संबंधी आदेश ‘अस्थायी’ है और अमेरिका शरणार्थियों की रक्षा करने की अपनी ‘पुरानी परंपरा’ को जारी रखेगा। गुटेरेस ने अदिस अबाबा में अफ्रीकी संघ के शिखर सम्मेलन में सोमवार (30 जनवरी) को कहा, ‘मुझे यह बात स्पष्ट रूप से पता है कि शरणार्थी संरक्षण की गारंटी देना बहुत जरूरी है और शरणार्थियों को उस स्थान पर जाने की अनुमति देना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जहां उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मिल सके।’

उन्होंने कहा कि अमेरिका की शरणार्थियों को सुरक्षा मुहैया कराने की पुरानी परंपरा रही है और उनको ‘बहुत’ उम्मीद है कि ‘जो कदम उठाए गए हैं, वे अस्थायी हैं। मुझे उम्मीद है कि शरणार्थियों की रक्षा अमेरिका के एजेंडे में फिर से ऊपर के स्थान पर आएगी।’ संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने ट्रंप प्रशासन द्वारा शरणार्थियों पर लगाए गए प्रतिबंध के मद्देनजर अमेरिका और दुनिया में अराजकता एवं संशय पर ‘चिंता व्यक्त की’ और दोहराया कि संयुक्त राष्ट्र को उम्मीद है कि वॉशिंगटन ने जो कदम उठाए हैं, वे अस्थायी हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के पास ऐसे पुष्ट मामले नहीं है जिनमें नई नीतियों के कारण उसका कोई स्टाफ कर्मी प्रभावित हुआ हो।

दुजारिक ने दूतों, सरकारी अधिकारियों एवं अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए काम करने वाले कर्मियों के लिए आवश्यक वीजा श्रेणियों का जिक्र करते हुए एक नोट में कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र सप्ताहांत से अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में है और उसे भरोसा दिलाया गया है कि जी-2 और जी-4 वीजा धारकों को शासकीय आदेश से छूट दी जाएगी। संयुक्त राष्ट्र को आश्वासन मिले हैं कि संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की यात्रा नई नीति से प्रभावित नहीं होगी।’ दुजारिक ने कहा कि महासचिव ने दुनिया भर में अल्पसंख्यकों, शरणार्थियों एवं प्रवासियों, खासकर मुसलमानों के साथ हो रहे भेदभाव पर चिंता व्यक्त की है।

इससे पहले सात मुस्लिम बहुल देशों के लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध के शासकीय आदेश का बचाव करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (30 जनवरी) को  जोर देकर कहा कि ‘यह प्रतिबंध मुस्लिमों पर नहीं है’ जैसा कि मीडिया द्वारा गलत प्रचार किया जा रहा है। ट्रंप ने शुक्रवार (27 जनवरी) को उस आदेश पर हस्ताक्षर किए थे जिसके चलते सीरिया के शरणार्थियों समेत छह अन्य देशों के लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर पाबंदी लग गई। उनके इस कदम की खासी आलोचना हुई। इन सात देशों में इरान, ईराक, लीबिया, सूडान, यमन, सीरिया और सोमालिया हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह मुस्लिमों पर प्रतिबंध नहीं है जैसा कि मीडिया गलत प्रचार कर रहा है। यह धर्म के बारे में भी नहीं है। यह आतंकवाद और हमारे देश को सुरक्षित रखने को लेकर है। दुनिया भर में 40 से अधिक देश मुस्लिम बहुल हैं जो इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग