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किम जोंग को अमेरिका ने दिखाई ताकत, उत्तर कोरिया उपद्वीप के ऊपर उड़ाए बम बरसाने वाले विमान

उन्होंने कहा, ‘‘यदि जरूरत पड़ी तो हम त्वरित, घातक अ‍ैर भारी बल से अपनी पसंद के समय और स्थान पर जवाब देने के लिए तैयार हैं।’’
Author July 30, 2017 18:41 pm
दक्षिण कोरियाई और जापानी वायु सेनाओं के लड़ाकू विमानों के साथ यूएस बी-1बी बमवर्षकों ने 10 घंटे के द्विपक्षीय मिशन में हिस्सा लेते हुए अभ्यास किया। (Photo Source: Twitter)

अमेरिका के अधिकारियों ने आज कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में किए गए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के जवाब में शक्ति प्रदर्शन के लिए अमेरिकी बमवर्षकों ने कोरियाई प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भरी। दक्षिण कोरियाई और जापानी वायु सेनाओं के लड़ाकू विमानों के साथ यूएस बी-1बी बमवर्षकों ने 10 घंटे के द्विपक्षीय मिशन में हिस्सा लेते हुए अभ्यास किया। यह अभ्यास प्योंगयांग द्वारा गत शुक्रवार किए गए दूसरे आईसीबीएम परीक्षण के बाद किया गया। इस परीक्षण के बाद किम जोंग-उन ने कहा कि यह कदम दिखाता है कि देश अमेरिका में किसी भी लक्ष्य पर हमला करने की क्षमता रखता है।

पैसिफिक एयर फोर्सेज कमांडर जनरल टैरेंस ओ शॉनेसी ने अपने एक बयान में कहा,‘‘उत्तर कोरिया अब भी क्षेत्रीय स्थिरता पर सबसे सन्निकट खतरा बना हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि जरूरत पड़ी तो हम त्वरित, घातक अ‍ैर भारी बल से अपनी पसंद के समय और स्थान पर जवाब देने के लिए तैयार हैं।’’ अपनी प्रतिक्रिया में बीजिंग ने सभी पक्षों से संयम बरतने के लिए कहा है। अमेरिका से पहले हाल ही में उत्तर कोरिया ने अपने दूसरे मिसाइल का टेस्ट किया था जिसपर नेता किम जोंग ने कहा था कि पूरा अमेरिका हमारे निशाने पर है। किम जोंग उन ने शनिवार को कहा कि अंतर्महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का दूसरा परीक्षण यह दिखाता है कि उनका देश अमेरिका के मुख्य भूभागों तक हमला कर सकता है।

परीक्षण के घंटों बाद विश्लेषकों ने कहा कि लॉस एंजिलिस और शिकागो समेत अमेरिका के ज्यादातर इलाके अब उत्तर कोरियाई हथियारों की जद में हैं। कोरियाई सेन्ट्रल न्यूज एजेंसी ने कहा कि ह्वासोंग-14 मिसाइल -14 मिसाइल के 3,725 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक पहुंचने और जापान के समुद्र में गिरने से पहले 998 किलोमीटर की दूरी तक जाने के बाद किम ने बड़ी संतुष्टि जताई। एजेंसी ने कहा कि यह परीक्षण इस बात की पुष्टि करने के लिए किया गया कि मिसाइल अधिकतम दूरी तक जाए और साथ ही मिसाइल के अन्य तकनीकी आयामों की जांच करने के लिए परीक्षण किया गया। एजेंसी ने कहा कि यह मिसाइल ‘‘बड़े आकार वाले, भारी परमाणु आयुध’’ ले जाने में सक्षम है। विश्लेषकों ने अनुमान जताया कि उत्तर कोरिया की पहली आईसीबीएम अलास्का तक पहुंच सकती है तथा यह नई मिसाइल और अधिक दूरी तक मार करने में सक्षम है।

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