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‘भारत को संराष्ट्र में स्थायी सदस्यता देने का वक्त आ गया है’

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शीघ्र सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि यह समय भारत को स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल कर...
Author संयुक्त राष्ट्र | September 3, 2015 01:16 am

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शीघ्र सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि यह समय भारत को स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल कर प्रभावशाली ईकाई को ‘‘जीवंत’’ बनाने का है।

सुमित्रा ने यह बात 31 अगस्त को यहां जारी ‘संसद के अध्यक्षों के चौथे विश्व सम्मेलन’से अलग संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के साथ मुलाकात के दौरान कही।

सूत्रों ने बताया कि करीब 30 मिनट की इस मुलाकात में सुमित्रा ने विश्व संस्था के महासचिव के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, आतंकवाद, शांतिबहाली और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

बान ने भारत के लोकतंत्र की जीवंतता की सराहना की जिस पर सुमित्रा ने कहा कि ‘‘एक जीवंत सुरक्षा परिषद का समय आ गया है जिसमें भारत स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल हो।’’

सुमित्रा ने बान से कहा कि भारत नयी जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए तैयार है तथा दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र एवं उभरती हुई अर्थव्यवस्था सुरक्षा परिषद को और अधिक जीवंत तथा प्रतिनिधिपरक बनाएगी।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार होना चाहिए और उसका पुनर्गठन होना चाहिए ताकि वर्तमान राजनीतिक वास्तविकताएं प्रतिबिंबित हो सकें। इसके साथ ही और अधिक विकासशील देशों को स्थायी एवं अस्थायी सदस्यों के तौर पर शामिल किया जाना चाहिए।

सुमित्रा ने कहा कि सुधार न होने से सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता और उसकी प्रभावशीलता पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि बान के नेतृत्व में देश संयुक्त राष्ट्र में तत्काल सुधार के लिए भरोसा करते हैं।

सुमित्रा ने जोर दिया कि भारत का दृढ़ विश्वास है कि संयुक्त राष्ट्र सहित वैश्विक प्रशासन के संस्थानों में लोकतांत्रिक मानक समाहित होने चाहिए और विश्व संस्था में शीघ्र सुधार तथा सुरक्षा परिषद का विस्तार भारत के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस साल अपनी 70वीं सालगिरह मना रहा है और जो ऐतिहासिक अवसर मिला है उसका संयुक्त राष्ट्र में सुधार के लिए उपयोग किया जाना चाहिए। राज्यसभा के उप सभापति पी जे कुरियन और अन्य भारतीय अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

करीब आठ माह में बान की मून और सुमित्रा महाजन की यह दूसरी मुलाकात थी। बान ने इस साल जनवरी में अपने नयी दिल्ली दौरे में सुमित्रा से मुलाकात की थी। बढ़ते आतंकवाद पर चिंता जताते हुए सुमित्रा ने बान से आग्रह किया कि न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए बल्कि उन देशों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए जो ऐसे गुटों को सहयोग देते हैं, उन्हें प्रायोजित करते हैं और आतंकवादियों को पनाह देते हैं।

उन्होंने कहा कि आतंकवादी घटनाएं चाहे कहीं भी हों, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उनकी निंदा करनी चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर एक समग्र संधि को शीघ्र ही अंतिम रूप दिए जाने की जरूरत रेखांकित की।

सुमित्रा ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में संयुक्त राष्ट्र की मदद करने की भारत की प्रतिबद्धता जताई। संयुक्त राष्ट्र के शांतिबहाली अभियानों में भारत के लंबे समय से चले आ रहे योगदान का जिक्र करते हुए सुमित्रा ने कहा कि भारत का योगदान करीब 200,00 शांतिरक्षकों का है जिसमें एक महिला पुलिस यूनिट भी शामिल है। इससे भारत को लेकर विश्व समुदाय का एक जिम्मेदार सदस्य होने के संबंध में बनी राय की पुष्टि होती है।

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  1. P
    Pramod Kumar
    Sep 3, 2015 at 8:13 am
    Jaise 15-15 lakh sabhi भारतियों के कहते में आ e
    Reply
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