January 17, 2017

ताज़ा खबर

 

ब्रिटेन के तीन वैज्ञानिकों को भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार

भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में इस साल ब्रिटेन के तीन वैज्ञानिकों को नोबल पुरस्कार दिया गया है।

ब्रिटेन के तीन वैज्ञानिकों को भौतिक शास्त्र में टोपोलॉजी विषय पर खोज के लिए नोबल पुरस्कार दिया गया (PHOTO: nobelprize.org)

ब्रिटिश वैज्ञानिक डेविड थूल्स, डंकन हाल्डेन और माइकल कोस्टरलिट्ज को भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए नोबल प्राइज से सम्मानित किया गया है। स्वीडिष अकैडमी ऑफ साइंस ने कहा कि डेविड थूल्स, डंकन हाल्डेन और माइकल कोस्टरलिट्ज ने एक ऐसी दुनिया के दरवाजें खोले हैं जहां पर पदार्थ की एक अलग स्टेट टोपोलॉजी के बारे में स्टडी की जा सकेगी। डेविड थूल्स, डंकन हाल्डेन और माइकल कोस्टरलिट्ज ने ‘ थ्योरटिकल डिस्कवरीज ऑफ टोपोलॉजिकल फेज ट्रांजिशन्स एंड टोपोलॉजी फेज आफ मैटर’ विषय पर सराहनीय खोज की हैं। 82 वर्षीय थूल्स यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन में प्रोफेसर हैं। 65 साल के डंकन हाल्डेन न्यू जर्सी की प्रिंसटन यूनीवर्सिटी में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर हैं। माइकल कोस्टरलिट्ज जिनकी उम्र 73 साल है ब्राउन यूनीवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। इन तीनों ने टोपोलॉजी पर साल 1970 से 1980 तक रिसर्च किया है। नोबेल जज अक्सर दशकों पहले की गई खोजों पर नोबेल प्राइज देते आएं हैं।

इस साल नोबल पुरस्कारों का वितरण सोमवार से शुरु किया गया था। सोमवार को जापान के बायोलॉजिस्ट योशिनोरी ओशुमी को साल 2016 का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई थी। यह पुरस्कार उन्हें ऑटोफैजी के क्षेत्र में नए अनुसंधान के लिए दिया गया है। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में पुरस्कारों की घोषणा करते हुए नोबेल प्राइस कमिटी ने एक बयान जारी कर कहा कि योशिनोरी ओशुमी ने ऑटोफैजी के क्षेत्र में बेहद नई खोजें की हैं। इसके लिए उन्हें वर्ष 2016 के चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ऑटोफैगी एक शारीरिक प्रक्रिया है जो शरीर में कोशिकाओं के हो रहे क्षरण/नाश से निपटती है। अपने रिसर्च के लिए नोबेल पुस्कार मिलने की सूचना के बाद योशिनोरी ने कहा कि मैं काफी चकित रह गया था। जिस वक्त मुझे इस बारे में जानकारी मिली तब मैं लैब में था। रसायन विज्ञान के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबल पुरस्कार की घोषणा बुधवार को की जाएगी।

Read Also: नोबल पुरस्कार विजेता रॉजर तासिन का निधन, कोशिकाओं के परीक्षण में था अहम योगदान

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 4, 2016 6:35 pm

सबरंग