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सिडनी कैफे हादसा: पुलिस कैफे में घुसी, सिडनी बंधक नाटक खत्म

भारी हथियारों से लैस पुलिसकर्मी आज सिडनी कैफे में घुस गए और एक भारतीय आईटी विशेषज्ञ सहित करीब 15 लोगों को ईरानी मूल के उस बंदूकधारी के कब्जे से मुक्त कराया, जो पिछले 16 घंटे से उन्हें बंधक बनाए हुए था। आस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी की घनी आबादी वाले इलाके में स्थित लिंट […]
Author December 15, 2014 22:39 pm
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में बंदूकधारियों द्वारा कुछ लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर है। (फोटो: एपी)

भारी हथियारों से लैस पुलिसकर्मी आज सिडनी कैफे में घुस गए और एक भारतीय आईटी विशेषज्ञ सहित करीब 15 लोगों को ईरानी मूल के उस बंदूकधारी के कब्जे से मुक्त कराया, जो पिछले 16 घंटे से उन्हें बंधक बनाए हुए था।

आस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी की घनी आबादी वाले इलाके में स्थित लिंट चाकलेट कैफे में पुलिसकर्मियों के प्रवेश करते ही जोरदार धमाके सुनाई दिए और उसके कुछ ही देर बार न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘सिडनी बंधन से मुक्त हुआ।’’

पुलिस के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की, ‘‘अभियान पूरा हुआ।’’ उन्होंने इस बारे में कोई और ब्यौरा नहीं दिया।

भारतीय आईटी विशेषज्ञ सहित पांच से छह बंधक भागते हुए कैफे से बाहर आते दिखे। एक रोती हुई महिला को अधिकारी ले जाते दिखे और कम से कम दो व्यक्ति स्ट्रेचर पर बाहर लाए गए।

मीडिया खबरों में बताया गया कि अभियान में दो व्यक्ति मारे गए और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन पुलिस ने कहा कि वह हताहतों के बारे में पुष्टि नहीं कर सकती।

कैफे में बंदूकधारी की गतिविधियां स्थानीय समय के अनुसार सुबह नौ बजे शुरू हुईं और आधी रात खत्म होने के बाद तक जारी रहीं। आस्ट्रेलियाई मीडिया ने बंदूकधारी की पहचान हैरोन मोनिस के तौर पर की है, जिसे आस्ट्रेलिया में राजनीतिक शरण हासिल थी।

बंधकों में शामिल भारतीय की पहचान विश्वकांत अंकीरेड्डी के तौर पर हुई है। उसकी उम्र 35 बरस के आसपास है और वह आंध्र प्रदेश में गुंटूर का रहने वाला है तथा पिछले सात साल से आस्ट्रेलिया में काम कर रहा था।

 

Sydney Cafe Terror Attack सरकार संचालित एबीसी टेलीविजन की खबरों के मुताबिक, मध्य सिडनी के व्यस्त पयर्टक और खरीदारी केंद्र मार्टिन प्लेस स्थित लिंडट चॉकलेट कैफे में कम से कम तीन लोगों को हथियारों के साथ देखा गया है।

बंदूकधारी के पूूर्व वकील ने 50 वर्ष के इस शख्स को अलग थलग रहने वाला व्यक्ति बताया है, जो अकेले इस घटना को अंजाम दे रहा था।

यह बंदूकधारी 1996 में शरणार्थी के तौर पर आस्ट्रेलिया आया था। वह अफगानिस्तान में अपनी जान गंवाने वाले आस्ट्रेलियाई सैनिकों के परिवारों को चिट्ठियां लिखकर चर्चा में आया, जिन्हें वह हत्यारे कहा करता था।

पिछले साल नवंबर में उसपर अपनी पूर्व पत्नी की हत्या में शामिल होने का आरोप लगा, जिसे उसके आवासीय परिसर में चाकू घोंपकर मौत के घाट उतार दिया गया था। मार्च में उसपर एक युवती के यौन शोषण और उसपर अभद्र हमला करने का आरोप लगा।

विश्वकांत सिडनी व्यवसायिक जिले के बीचोंबीच स्थित मार्टिन प्लेस के लिंट चाकलेट कैफे में था, जब बंदूकधारी ने कैफे में प्रवेश किया और वहां मौजूद लोगों को बंधक बना लिया।

हालांकि भारतीय क्रिकेट टीम फिलहाल ब्रिस्बेन में है और वह स्थान सिडनी से करीब 700 किलोमीटर के फासले पर है, लेकिन यहां के संकट को देखते हुए वहां भारतीय टीम की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

आस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने भारत सरकार को बताया है कि भारतीय टीम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

न्यूसाउथ वेल्स के इस राजधानी शहर में लोगों को बंधक बनाए जाने के बारे में सूचना मिलते ही अधिकारियों ने निकटवर्ती सड़कों को सील कर दिया। आसपास की इमारतों को खाली करा लिया और रेल सेवाएं निलंबित कर दीं।

पुलिस ने क्रिसमस से ऐन पहले हुई इस घटना से निपटने के लिए टास्क फोर्स पायनियर को सक्रिय कर दिया, जिसका इस्तेमाल आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में किया जाता है।

पुलिस ने आरोप लगाया है कि मोनिस स्वयंभू ‘तांत्रिक’ था और वेंटवर्थविल में स्टेशन स्ट्रीट परिसरों में सक्रिय रहता था। आरोप है कि वह स्थानीय अखबारों में विज्ञापन देकर लोगों को ‘‘आध्यात्मिक सलाह’’ देने की पेशकश करता था। उसका दावा था कि वह ज्योतिष, अंकशास्त्र, ध्यान और काले जादू का माहिर है।

शहर के बीचोंबीच स्थित मार्टिन प्लेस एक व्यस्त इलाका है, जो संसदीय, कानूनी और खुदरा परिसरों को जोड़ता है…सिडनी ओपेरा हाउस, स्टेट लायब्रेरी, अमेरिका वाणिज्य दूतावास और तमाम अदालते यहीं हैं, जिन्हें घटना के बाद खाली करा लिया गया।

न्यू साउथ वेल्स के पुलिस कमिश्नर एंड्रयू साइपियोन ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कम से कम एक बंदूकधारी ने कई सारे लोगों को बंधक बना लिया है ।

इंफोसिस के बेंगलुरू स्थित मुख्यालय ने बताया कि बंधकों में उसका कम से कम एक कर्मचारी शामिल है ।

कंपनी ने व्यक्ति का नाम लिए बगैर एक बयान में कहा है, ‘‘हम इसकी पुष्टि कर सकते हैं कि सिडनी के लिंट चॉकलेट कैफे में इंफोसिस का कम से कम एक कर्मचारी बंधक है ।’’

इंफोसिस ने कहा, ‘‘हम शहर में अपने बाकी कर्मचारियों के बारे में भी पता लगा रहे हैं । जमीनी स्थिति के बारे में जानकारी के लिए हम लगातार स्थानीय अधिकारियों और सिडनी में मौजूद भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क में हैं ।’’

घेराबंदी के पांच घंटे बाद कैफे से पांच लोगों को बाहर निकलते देखा गया, जिनमें से दो को सामने के दरवाजे से और एक को आपातकालीन द्वार से निकलते देखा गया । यह अभी तक पता नहीं चल पाया कि उन्हें छोड़ा गया था या वे वहां से बचकर भाग निकले थे ।

रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीविजन फुटेज में यह दिख रहा है कि कैफे की खिड़की पर हाथ टिकाए लोग काला झंडा लिए खड़े हैं, जिसपर अरबी लिपि शहादा में मस्जिद में रोज पढ़ी जाने वाली नमाज का मजमून लिखा है। प्रदर्शित झंडा ‘इस्लामिक स्टेट’ का नहीं है ।

सरकार का कहना है कि यह झंडा जिहादी समूहों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले झंडों जैसा दिख रहा है । काले झंडे पर लिखा है ‘‘अल्लाह के अलावा और कोई खुदा नहीं है, मोहम्मद उनके दूत हैं ।’’

बंदूकधारी के बारे में बताया जा रहा है कि उसकी उम्र करीब 40 साल है और उसने काली जैकेट पहनी हुई है । पुलिस का कहना है कि वह बंदूकधारी के संपर्क में हैं ।

न्यू साउथ वेल्स के पुलिस कमिश्नर एंड्रयू साइपियोन का कहना है, ‘‘हम जांच जारी रखेंगे, हम इसकी तह तक जाएंगे और फिलहाल इस वक्त मैं आपको आश्वासन दे सकता हूं कि हम वह सबकुछ कर रहे हैं, जो कर सकते हैं । उन लोगों की सुरक्षित रिहाई के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे ।’’

न्यू साउच्च्थ वेल्स के प्रीमियर माइक ब्रैड का कहना है कि इन लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इस काम के लिए दुनिया के सबसे अच्छे वार्ताकारों को लगाया गया है ।

उन्होंने सिडनी के लोगों से कहा कि वे कल से अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रखें, हालांकि मार्टिन प्लेस के आसपास के क्षेत्र को बंद रखा जाएगा ।

घटना को देखते हुए सिडनी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को बंद कर दिया गया और सुरक्षा उपाय के मद्देनजर इसे खाली करा लिया गया ।

पीटीआई-भाषा से बात करते हुए सिडनी में भारत के महावाणिज्य दूत संजय सुधीर ने बताया, ‘‘सुरक्षा चिंताओं के कारण कार्यालय को दिन में 12 बजे के करीब बंद कर दिया गया और हमारे अधिकारियों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया ।’’

सुधीर ने बताया कि भारतीय वाणिज्य दूतावास लिंट कैफे से 400 मीटर की दूरी पर स्थित है । सुधीर ने बताया कि सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट :सीबीडी: इलाके में एसबीआई, बैंक आॅफ बड़ौदा और भारतीय पर्यटन कार्यालय सहित कई भारतीय प्रतिष्ठान हैं, जिन्हें बंद कर दिया गया ।

नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने बताया कि सिडनी में भारतीय वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में बना हुआ है और वाणिज्य दूतावास के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं ।

अकबरूद्दीन ने कहा, ‘‘हमारा वाणिज्य दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है । विदेश मंत्री ने कैनबरा में उच्चायुक्त से फोन पर बात की है । उच्चायुक्त स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं ।’’

साइपियोन ने बताया कि फिलहाल पुलिस इसे बंधक मामले के तौर पर देख रही है लेकिन वह इसे ‘‘आतंकवादी गतिविधि के रूप में भी देख रही है ।’’
प्रधानमंत्री टोनी एबॅट ने इस स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक बुलायी है ।

उन्होंने कहा, ‘‘जाहिर तौर पर यह गंभीर चिंता का मामला है लेकिन आॅस्ट्रेलिया वासियों को मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों को बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त है तथा वे हथियारों से लैस हैं एवं बेहद पेशेवर अंदाज में पेश आ रही हैं ।’’

आॅस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में एबॅट ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें अब तक अपराधी के उद्देश्य का पता नहीं है, हम नहीं जानते कि यह राजनीति से प्रेरित है हालांकि जाहिर तौर पर उसके ऐसा होने के संकेत हैं ।’’

एबॅट ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को अब तक किसी विशेष तथ्य का पता नहीं चल पाया लेकिन चिंता की जो बात उभरी है वह यह है कि आॅस्ट्रेलिया में भी ऐसे लोग मौजूद हैं जिनकी ‘‘मंशा और क्षमता’’ आतंकी हमला करना है ।

शहर के हजारों लोगों को जल्दी घर भेज दिया गया और वहीं से अपना काम करने को कहा गया।

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  1. Sakshi Chopra
    Dec 15, 2014 at 12:16 pm
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    सबरंग