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असद के जिक्र के बगैर सीरिया पर शांति प्रस्ताव को मंजूरी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने सीरिया की शांति प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार करने वाले एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें दमिश्क सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शामिल है..
Author संयुक्त राष्ट्र | December 19, 2015 22:50 pm
संयुक्त राष्ट्र (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने सीरिया की शांति प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार करने वाले एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें दमिश्क सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शामिल है लेकिन यह मसविदा इस अहम मुद्दे पर कुछ नहीं कहता है कि राष्ट्रपति बशर असद की क्या भूमिका होगी। यह प्रस्ताव इस बात को स्वीकार करता है कि शांति प्रक्रिया से संघर्ष खत्म नहीं होगा क्योंकि यह देश के भीतर सक्रिय इस्लामिक स्टेट और अल-नुसरा फ्रंट जैसे ‘आतंकी संगठनों’ को संघर्षविराम में शामिल होने से रोकता है।

सत्रह देशों के विदेश मंत्रियों ने इस मसविदे पर बने हुए मतभेदों से उबरने के लिए पांच घंटे से ज्यादा समय तक बैठकें कीं। इस मसविदा प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव में यह अनुरोध किया गया है कि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून तत्काल आधार पर सीरियाई सरकार और विपक्ष को राजनीतिक सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया पर औपचारिक वार्ताओं में शामिल करें और इन वार्ताओं की शुरुआत के लिए जनवरी 2016 के शुरूआती दिनों को लक्ष्य बनाया जाए। प्रस्ताव में कहा गया है कि छह माह के भीतर यह प्रक्रिया ‘विश्वसनीय, समावेशी और असांप्रदायिक शासन’ कायम करे। संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में 18 माह के भीतर ‘स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव’ हों।

यह मसविदा सीरिया के नेतृत्व व स्वामित्व वाले राजनीतिक सत्ता हस्तांतरण का आह्वान करता है और इस बात पर जोर देता है कि सीरियाई जनता सीरिया का भविष्य तय करेगी। हालांकि यह मसविदा राजनीतिक हस्तांतरण में राष्ट्रपति बशर असद की भूमिका पर कुछ नहीं कहता।

इस नृशंस युद्ध को खत्म करने की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने वाले अपने पहले प्रस्ताव को स्वीकृति देने के लिए शुक्रवार को 15 सदस्यीय परिषद की विदेश मंत्री स्तर की बैठक आयोजित हुई। इस प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून से कहा गया कि वे वर्ष 2012 की जिनेवा विज्ञप्ति के अनुरूप सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधियों के बीच राजनीतिक हस्तांतरण के मुद्दे पर औपचारिक वार्ताओं का आयोजन करें। यह हस्तांतरण स्थायी शांति की दिशा में एक कदम होगा।

यह प्रस्ताव नया संविधान बनाने और संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में 18 माह के भीतर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने की बात कहता है, जिसके तहत प्रवासियों समेत सभी सीरियाई लोगों को मतदान का अधिकार हो। प्रस्ताव में संघर्षविराम और समानांतर राजनीतिक प्रक्रिया के बीच के करीबी संबंध को रेखांकित किया गया और कहा गया कि चूंकि पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में राजनीतिक हस्तांतरण की ओर शुरुआती कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं, ऐसे में संघर्षविराम प्रभावी हो जाना चाहिए। परिषद के अध्यक्ष के रूप में बैठे अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि इस प्रस्ताव के जरिए यह वैश्विक संस्था सभी संबंधित पक्षों को यह स्पष्ट संदेश भेज रही है कि सीरिया में हत्याओं को रोकने का और ऐसी सरकार के गठन की नींव रखने का समय आ गया है, जिसे कि उस युद्धरत धरती पर लंबे समय से पीड़ाएं झेलते आए लोग अपना समर्थन दे सकें।

केरी ने कहा कि सच यह है कि सीरियाई जनता को एक वास्तविक विकल्प देने वाली और व्यापक तौर पर समर्थित कूटनीतिक प्रक्रिया से इतर ऐसा कुछ नहीं है जो आतंकियों के खिलाफ लड़ाई को मजबूती दे सके। सीरियाई जनता को मिलने वाला यह विकल्प राष्ट्रपति बशर असद या दाएश (इस्लामिक स्टेट) में किसी एक को चुनने का विकल्प नहीं है बल्कि यह तो युद्ध और शांति में से किसी एक को, हिंसक चरमपंथियों और एक नए सशक्त राजनीतिक केंद्र में से किसी एक को चुनने का अवसर है।

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