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साल के आखिर तक पूरा हो सकता है 48 MI-17 हेलीकॉप्‍टरों की सप्‍लाई का सौदा

रोस्टेक स्टेट कॉरपोरेशन की एक कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट्स के साथ हुए पुराने सौदे के तहत रूस ने पिछले ही वर्ष भारत को एमआई-174वी-5 सैन्य मालवाहक हेलीकॉप्टरों की अंतिम खेप दी है।
Author July 30, 2017 17:04 pm
इस सौदे में कजान हेलीकॉप्टर संयंत्र में बने कुल 151 एमआई-174वी-5 हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति भारत को की जानी थी। (File Photo)

रूस और भारत 48 एमआई17 युद्धक मालवाहक हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति को लेकर बातचीत कर रहे हैं और इस सौदा वर्ष के अंत तक होने की पूरी संभावना है। रूस के एक अधिकारी ने उक्त जानकारी दी। रूस के हथियार आपूर्तिकर्ता रोसोबोरोनएक्सपोर्ट्स के सीईओ एलेक्सान्द्र मिखिव का कहना है कि भारत के पास एमआई-7 और एमआई-17 परिवार के 300 से ज्यादा हेलीकॉप्टर हैं। इनका प्रयोग सैन्य टुकड़ियों और हथियारों के परिवहन, अग्निशमन बल को सहायता प्रदान करने, काफिलों को सुरक्षा देने, गश्त और खोज एवं बचाव अभियानों में किया जाता है। मिखिव ने कहा कि भारत को अपनी जरूरतें भलीभांति पता हैं।

मिखिव का कहना है कि रूस और भारत 48 (एमआई-174वी-5) हेलीकॉप्टरों के सौदे को लेकर बातचीत कर रहे हैं। इस संबंध में तकनीकी-वाणिज्यिक वार्ता शुरू होने वाली है। रूस के प्रतिष्ठित एयर शो एमएकेएस2017 से इतर उन्होंने पत्रकारों के एक समूह से कहा, ‘‘हम आशा करते हैं कि वर्षांत से पहले किसी नतीजे पर पहुंचेंगे।’’

रोस्टेक स्टेट कॉरपोरेशन की एक कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट्स के साथ हुए पुराने सौदे के तहत रूस ने पिछले ही वर्ष भारत को एमआई-174वी-5 सैन्य मालवाहक हेलीकॉप्टरों की अंतिम खेप दी है। इस सौदे में कजान हेलीकॉप्टर संयंत्र में बने कुल 151 एमआई-174वी-5 हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति भारत को की जानी थी।

बता दें कि भारत ने गत वर्ष 15 अक्टूबर को रूस के साथ ट्रायम्फ वायु रक्षा प्रणाली को लेकर एक समझौते की घोषणा की थी जिसकी कीमत पांच अरब डालर से अधिक है। भारत ने इसके साथ ही चार युद्धपोत निर्माण में सहयोग और कामकोव हेलीकाप्टर के लिए एक संयुक्त निर्माण इकाई स्थापित करने की भी घोषणा की थी।

इसी क्रम में भारत और रूस ने तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की दो और इकाइयों को लगाने के लिए एक बहुप्रतीक्षित समझौते पर दस्तखत किया और दोनों महाशक्तियों के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा देने का फैसला किया। दोनों देशों ने इस साल ‘इंद्र-2017’ नाम से तीनों सेनाओं का प्रथम अभ्यास आयोजित करने का भी फैसला किया। उन्होंने कामोव-226 सैन्य हेलीकॉप्टरों के सह-उत्पादन से आगे बढ़ते हुए संयुक्त उत्पादन शुरू करने का भी निर्णय लिया।

देखिए वीडियो - रूस ने दिया भारत को झटका; चीन-पाक कॉरिडोर का किया समर्थन

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