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इस्‍लामाबाद: बुरहान वानी पर लगाई फटकार तो पाकिस्‍तानी मीडिया में ब्‍लैकआउट किए गए राजनाथ

सार्क देशों के गृह मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए राजनाथ ने गुरुवार को कहा कि आतंकवादियों को शहीदों की तरह पेश करके उनका महिमामंडन न किया जाए।
Author इस्‍लामाबाद | August 4, 2016 21:15 pm
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह। (पीटीआई फाइल फोटो)

सार्क सम्‍मेलन में शामिल होने इस्‍लामाबाद पहुंचे भारतीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्‍तान को सीधा और कड़ा मैसेज दिया है। सार्क देशों के गृह मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए राजनाथ ने गुरुवार को कहा कि आतंकवादियों को शहीदों की तरह पेश करके उनका महिमामंडन न किया जाए। राजनाथ के मुताबिक, गुड या बैड टेररिस्‍ट नहीं होता। टेररिस्‍ट बस टेररिस्‍ट होता है। सिंह ने कहा, ‘न केवल आतंकवादियों बल्‍क‍ि आतंक का समर्थन करने वाले संगठनों, लोगों और देशों के खिलाफ भी कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।’ दरअसल, राजनाथ का इशारा पाकिस्‍तान की ओर से हिजबुल आतंकी बुरहान वानी को शहीद घोषित करने और उसकी हत्‍या के विरोध में काला दिवस मनाने की ओर था। 8 जुलाई को कश्‍मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में वानी मारा गया था।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद और आतंकवादियों की केवल निंदा करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सख्त लहज़े में परोक्ष रूप से पाकिस्तान पर निशाना साधा और कहा कि  जो लोग आतंकवादियों और आतंकवाद को सहयोग, प्रोत्साहन, शरणस्थल, सुरक्षित पनाहगाह और सहायता मुहैया कराते हैं उन्हें अलग-थलग किया जाना चाहिए।

मीडिया कवरेज नहीं
इस मीटिंग के लिए पाकिस्‍तान में किसी तरह के मीडिया कवरेज का इंतजाम नहीं था। राजनाथ ने जब यह बयान दिया तो पाकिस्‍तान के किसी चैनल पर इसे नहीं दिखाया गया। न केवल भारतीय मीडिया, बल्‍क‍ि पाकिस्‍तानी चैनलों को भी राजनाथ के भाषण का लाइव टेलिकास्‍ट नहीं करने दिया गया। इसके अलावा, गृह मंत्रियों के प्रेस से बातचीत का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया। जानकार मानते हैं कि पाकिस्तान नहीं चाहता कि राजनाथ की बातों को ज्‍यादा तवज्‍जो मिले। वहीं, इस बैठक से पहले पाकिस्‍तान और भारत के गृहमंत्री ने बड़ी मुश्‍क‍िल से हाथ मिलाया। राजनाथ और चौधरी निसार अली खान ने बस एक दूसरे का हाथ छूकर औपचारिकता पूरी की।

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  1. J
    jai prakash
    Aug 4, 2016 at 11:00 am
    ऐसे होना चाहिय नेता पाकिस्तान की जमीन पर पाकिस्तान को ही डाटना बहुत लोग भारत में तो खूब बोलते हे लेकिन जब पाकिस्तान जाते हे बहा चापलूसी करने लगते हे
    (0)(0)
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    1. C
      codesave
      Aug 4, 2016 at 1:32 pm
      सिर्फ पंति की बात कर सकते हो तुम लोग! इंडिया एक बड़ी कंट्री है वो पाकिस्तान पर अटैक क्यू नहीं करता जब अपने पास इतने एविडेंस है तो ! यह सब पॉलिटिक्स स्टंट है ये सिर्फ मुह से ही बोल सकते है और अंकल सैम से ही गिड़गिड़ा कर बोल सकते है जैसे भीख मांग रहे है ! जो करो अपने दम पर करो ! सालो से सिर्फ बाते ही हो रही है करना धरना कुछ है नहीं
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    2. Ravindra Yadav
      Aug 4, 2016 at 10:43 am
      करांची और लाहोर भारत का हिस्सा रहा है , राजनीतिक भूल के कारण भारत के ये दो बड़े शहर आज भारत से अलग हैं पर आज भी हम लाहोर के डी .ए .वी .कालेज और करांची के हलुवा को भूला नहीं पाये हैं .ईश्वर से प्राथना करते हैं कि वे दिन लौट आये जब लाहोर और करांची का गौरव लौटा सके .
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      1. Shrikant Sharma
        Aug 5, 2016 at 9:49 am
        मोबाइल फ़ोन्स ले जाने की इजाजत थे वहां भारतीय दूतावास और सार्क के अधिकारी उस बेमिसाल ऐतहासिक भारतीय शेर राजनाथ सिंह की पाकिस्तान में दहाड़ रिकॉर्ड करके पुरे भारत में दद न्यूज़ के द्वारा ब्रॉड कास्ट करसकता था.आज अगर पाक का कोई मंत्री संत्री भारत की जमीन पर ऐसी खरी खोटी भारत को सुनाये तो वह वर्ल्ड न्यूज़ बना दी जारति है.राजनाथसिंह के साथ मेरे जैसे एंटी पाक-चीन वाले पत्रकारों को ले जयएगय होता तो प्यूरी दुनिया में ऐसा माहौल बनाया गया होता जैसा इंदिरा गाँधी ने बंगला देश बनते वक़्त बनवाया था.
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