December 03, 2016

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जापान में बोले पीएम नरेंद्र मोदी- गंगाजी में कोई एक रुपया भी नहीं डालता था अब 500/1000 के नोट बह रहे हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के कोबे में भारतीय लोगों से मिलने पहुंचे।

जापान: कोबे में भारतीय लोगों के सामने बोलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फोटो-ANI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (12 नवंबर) को जापान के कोबे में भारतीय लोगों से मिलने पहुंचे। वहां पर मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया। लोगों के समक्ष पहुंचकर पीएम बोले, ‘कोबे में आएं और आपको मिले बिना चले जाएं ? ये नहीं हो सकता।’ पीएम ने आगे कहा कि कोबे ने भूकंप के बाद गुजरात की मदद की थी। वहीं FDI के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा, ‘मेरी नजर में FDI का मतलब है फर्स्ट डेवेलप इंडिया।’ वहीं जन धन योजना के तहत खुले खाते का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, ‘हमने गरीबों से कहा था कि अगर आपके पास एक नया पैसा भी नहीं होगा तब भी आपका खाता खुलेगा।’

500-1000 के नोटों का जिक्र करते हुए मोदी बोले, ‘8 नंवबर की रात से 500 और 1000 के नोट बंद हो गए। चोरी का माल निकलना चाहिए या निकालना चाहिए? पहले गंगाजी में कोई 1 रुपया भी नहीं डालता था अब 500/1000 के नोट बह रहे हैं। यह बहुत बड़ा स्वच्छता अभियान है। किसी को तकलीफ देने के लिए नहीं है। ऐसा नहीं है कि रातों-रात स्कीम लागू कर दी गई। इससे पहले काले धन को उजागर करने का मौका दिया गया था। ‘

बता दें, पीएम मोदी इस वक्त जापान दौरे पर हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जापानी समकक्ष शिंजो आबे के साथ जापान की प्रसिद्ध तेजरफ्तार शिंकनसेन बुलेट ट्रेन में यात्रा भी की। इस प्रणाली को भारत में भी लाए जाने की योजना है। मोदी और आबे ने तोक्यो से कोबे तक इस ट्रेन में सफर किया। इस ट्रेन की गति 240 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 320 किलोमीटर प्रति घंटे है।  प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी तस्वीरें ट्वीट की हैं जिनमें वह ट्रेन में बैठकर आबे के साथ गहन वार्ता कर रहे हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ कोबे जा रहा हूं। हम शिंकनसेन बुलेट ट्रेन में सवार हैं।’  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, ‘अनूठी ट्रेन यात्रा पर एक अनूठी मित्रता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री शिंजो आबे शिंकनसेन बुलेट ट्रेन से कोबे जा रहे हैं।’ मुंबई से अहमदाबाद के बीच उच्च स्तरीय ट्रेन गलियारे का निर्माण 2018 में शुरू होगा और यह रेल सेवा 2023 में आरंभ होगी। इसमें जापानी प्रणाली इस्तेमाल होगी।

वीडियो में देखें- भारत और जापान के बीच हुए ऐतिहासिक असैन्य परमाणु करार पर हस्ताक्षर

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First Published on November 12, 2016 12:59 pm

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