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अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने पाकिस्तान को लताड़ा, आतंकी देश घोषित करने की प्रक्रिया शुरु

याचिका में कहा गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद पर हमेशा दोहरा मापदंड अपनाता रहा है। उसने आतंक के आकाओं को न सिर्फ पनाह दिया है बल्कि उसे मदद भी करता रहा है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (AP File Photo)

आतंकवाद को बढ़ावा देनवाले पाकिस्तान को अब दुनियाभर के देश अलग-थलग करने की दिशा में जुट गए हैं। अमेरिका के बाद अब ब्रिटिश संसद में भी पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने के लिए शुक्रवार को एक पिटीशन दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद पर हमेशा दोहरा मापदंड अपनाता रहा है। उसने आतंक के आकाओं को न सिर्फ पनाह दिया है बल्कि उसे मदद भी करता रहा है। यह दुनियाभर में आतंकवाद को खत्म करने की दिशा में उठाए गए कदमों को पीछे खींचता है।

ब्रिटिश सरकार और संसद ने अपनी वेबसाइट पर इस याचिका को अपलोड किया है। इसके शीर्षक में कहा गया है, “ब्रिटिश सरकार आतंकवादियों को संरक्षण देने की पाकिस्तान सरकार की नीति की कड़े शब्दों में निंदा करती है।” याचिका में कहा गया है, “दुनिया का कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में छिपा बैठा था। पाकिस्तान हमेशा से यूएन द्वारा घोषित आतंकी नेटवर्क को पालता-पोसता रहा है।”

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याचिका में कहा गया है कि आतंकवादियों ने अमेरिका में 9/11 हमला किया, भारत के मुंबई पर हमला किया, भारतीय संसद पर हमला किया, कश्मीर में आतंकवाद फैला है। इन सभी मामलों में देखा गया है कि आतंकियों को पाकिस्तानी सेना और खुफिया ब्यूरो से मदद मिलती रही है। जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी के वाश स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विसेज के सिक्यूरिटी स्टडीज प्रोग्राम के प्रोफेसर डैनियल बैमेन ने कहा, “आज की तारीख में पाकिस्तान सबसे बड़ा आतंकवाद प्रायोजक देश बन चुका है।”

याचिकाकर्ता सांसद चाहते हैं कि ब्रिटिश संसद में इस मुद्दे पर बहस हो। इसके लिए एक लाख लोगों के हस्ताक्षर की जरूरत होगी। अभी तक इस याचिका पर कुल 1896 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। इस याचिका की डेडलाइन 29 मार्च 2017 तक है जो अमूमन याचिका दाखिल करने से 6 महीना तक होता है।

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