December 09, 2016

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बीबीसी से बातचीत में पाकिस्‍तानी सैनिक ने माना एलओसी पार भारत के हमले और एक साथी के मारे जाने की बात

पीओके के स्थानीय नागरिकों ने बीबीसी को बताया कि भारतीय सेना की कार्रवाई से पाकिस्तानी सेना चौंक गई थी। वो इसके लिए तैयार नहीं थी।

भारतीय सेना ने 29 सितंबर को पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने की जानकारी दी थी। (Source: AP Photo/File)

जम्मू-कश्मीर के उरी स्थित आर्मी कैंप पर 18 सितंबर को हुए हमले में 19 भारतीय जवान मारे गए थे। उसके बाद भारतीय सेना ने 29 सितंबर को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पारकर के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की और कई आतंकियों को मार गिराया। भारतीय सेना ने इस सर्जिकल स्ट्राइक में कई आतंकी ठिकाने भी नष्ट किए। लेकिन पाकिस्तान अभी तक इस सर्जिकल स्ट्राइक से इनकार करता रहा है। इंडियन एक्सप्रेस की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक की पुष्टि हुई थी। दूसरे भारतीय मीडिया संस्थानों ने भी सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ी रिपोर्ट की थी लेकिन पहली बार किसी विदेशी मीडिया ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय सैनिकों ने पीओके में घुसकर कार्रवाई की थी। हालांकि ब्रितानी समाचार संस्था बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय सेना की कार्रवाई को “सर्जिकल स्ट्राइक” कहने से परहेज किया है।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना एलओसी को पारकर पीओके में घुसी थी और उसने पाकिस्तानी सीमावर्ती चौकियों पर हमला किया था। कुछेक जगहों पर भारतीय सेना पीओके में एक किलोमीटर से ज्यादा अंदर तक गयी थी। बीबीसी ने अपने रिपोर्टर को पीओके में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक की हकीकत जानने के लिए भेजा था। पीओके के पुलिस वालों ने बीबीसी के रिपोर्टर को नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पुंछ सेक्टर के मदारपुर-तितरीनोट में ऐसे ही एक हमले में एक पाकिस्तानी चौकी नष्ट हो गई और एक जवान मारा गया।

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पीओके के लेपा घाटी में भी स्थानीय निवासियों ने बीबीसी के रिपोर्टर को बताया कि भारतीय सैनिकों ने एलओसी पारकर एक पाकिस्तानी चौकी पर हमला किया था। स्थानीय नागरिकों के अनुसार सुबह पांच से आठ बजे के बीच हुए इस हमले में कम से कम चार पाकिस्तानी सैनिक घायल हुए थे। स्थानीय नागरिकों ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने सुबह के समय कम से कम सौ राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनीं। नागरिकों के अनुसार इस कार्रवाई में बमबारी भी हुई थी। कोटली और भीमबर सेक्टरों में भारतीय सेना ने ऐसी ही कार्रवाई की। पाकिस्तानी सेना के अनुसार इन हमलों में उसके दो जवान मारे गए और नौ जवान घायल हुए थे।

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पीओके के स्थानीय नागरिकों ने बीबीसी को बताय कि भारतीय सेना की कार्रवाई से पाकिस्तानी सेना चौंक गई थी। वो इसके लिए तैयार नहीं थी। कुछ घायल पाक सैनिकों को आम नागरिकों ने अस्पताल पहुंचाया। एक पाकिस्तानी अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि पाकिस्तान को भनक लगने तक भारतीय जवान एलओसी के काफी अंदर तक आ चुके थे। बीबीसी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत की कार्रवाई में आतंकवादियों के मारे जाने का उसे कोई सबूत नहीं मिला। बीबीसी के रिपोर्टर को पीओके में कुछ नष्ट ठिकाने मिले लेकिन उनमें आतंकवादी रहते थे या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

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First Published on October 26, 2016 12:42 pm

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