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पाकिस्तान ने छोड़ी सीपीयू की मेजबानी

पाकिस्तान अगले महीने अपने देश में प्रस्तावित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के सम्मेलन में जम्मू कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष को नहीं बुलाने पर अड़ा रहा और बैठक का बहिष्कार करने की भारत की चेतावनी के बाद आखिर में उसने सम्मेलन की मेजबानी से ही कदम पीछे खींच लिया।
Author August 21, 2015 08:45 am
कश्मीर विस अध्यक्ष को न बुलाने से खफा था भारत

पाकिस्तान अगले महीने अपने देश में प्रस्तावित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के सम्मेलन में जम्मू कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष को नहीं बुलाने पर अड़ा रहा और बैठक का बहिष्कार करने की भारत की चेतावनी के बाद आखिर में उसने सम्मेलन की मेजबानी से ही कदम पीछे खींच लिया। राष्ट्रमंडल देशों के विधानसभा अध्यक्षों और संसद के स्पीकरों का सम्मेलन अब न्यूयार्क में होगा।

भारत ने जम्मू कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता को सम्मेलन में बुलाने से पाकिस्तान के इनकार के बाद साफ कर दिया था कि या तो यह बैठक कहीं और बुलाई जाए नहीं तो वह यहां 30 सितंबर से आठ अक्तूबर तक प्रस्तावित सम्मेलन का बहिष्कार करेगा।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा था कि सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया है कि अगर जम्मू कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया जाता तो सीपीयू की बैठक का भारत बहिष्कार करेगा। इस्लामाबाद में होने वाले सम्मेलन में राष्ट्रमंडल के सदस्य देशों के विधानसभा अध्यक्षों और संसद के स्पीकरों को शामिल होना था।

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने कहा कि हमने राष्ट्रमंडल के लंदन सचिवालय को बता दिया है कि कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और अब पाकिस्तान में राष्ट्रमंडल सम्मेलन का आयोजन नामुमकिन है। सादिक ने कहा कि कश्मीर विवाद को लेकर सीपीए के देशों को एक विस्तृत पत्र लिखा जाएगा और राष्ट्रमंडल के हर फोरम पर कश्मीर मुद्दा उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे की किसी भी कीमत पर अनदेखी नहीं की जा सकती और वहां के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया जाएगा।

सादिक ने दावा किया कि पाकिस्तान में सम्मेलन कराने का फैसला इस आधार पर लिया गया था कि कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष को सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया जाएगा।

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