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प्रगति मैदान में होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला मेहमान नहीं बन सकेगा पाकिस्तान

पहले की ही तरह मेले के पहले पांच दिन 14 से 18 नवंबर ‘बिजनेस टू बिजनेस’ प्रतिनिधियों और उद्यमियों के लिए होते हैं।
Author नई दिल्ली | November 10, 2016 02:15 am
भारत- पाकिस्तान।

भारत और पाकिस्तान के बीच इन दिनों आई कड़वाहट के कारण इस साल पाकिस्तान के व्यापारी दिल्ली में शुरू हो रहे भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में भाग लेने नहीं आ रहे हैं। पिछले कई सालों से पाकिस्तान का एक अलग पैवेलियन लगता रहा है। वहां के व्यापारी कपड़े, सौंदर्य के सामान और तरह-तरह के रंगीन पत्थर बेचने भारत आते रहें हैं। 36वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन सोमवार को दिल्ली के प्रगति मैदान में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 14 नवंबर को हंसध्वनि थियेटर में करेंगे। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री निर्मला सीतारमन कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।

मेले की आयोजक संस्था भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आइटीपीओ) के अध्यक्ष एवं प्रबंधन निदेशक एलसी गोयल ने बुधवार को मेले की जानकारी एक प्रेस कांफ्रेंस में दी है। उन्होंने बताया कि पहले की ही तरह मेले के पहले पांच दिन 14 से 18 नवंबर ‘बिजनेस टू बिजनेस’ प्रतिनिधियों और उद्यमियों के लिए होते हैं। इस दौरान कारोबारी उत्पादों को देखते और समझते हैं। नवीन प्रौद्योगिकी के साथ उत्पादों का प्रदर्शन किया जाता है। इसमें नकद लेनदेन नहीं होता है, बल्कि कारोबार विस्तार की संभावनाएं तलाशी जाती है।  उन्होंने बताया कि इन्हीं दिनों विदेशों से विभिन्न प्रतिनिधिमंडल मेले में आते हैं और व्यापार की संभावनाएं तलाशते हैं। गोयल ने बताया कि इन्हीं दिनों भारत के भी व्यापारी अपने अपने कारोबार को बढ़ाने की पूरी कोशिशें करते हैं।

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पांच सौ व एक हजार रुपए के नोट बंद होने के बाद खरीददारों को आने वाली दिक्कतों के बाबत उन्होंने कहा कि 19 नवंबर से जब मेला खुलेगा तब भी खरीदारों को कोई परेशानी नहीं होगी। गोयल ने कहा कि मेले में 60 फीसद खरीद फरोख्त कार्ड के जरिए करने की व्यवस्था होगी। गोयल ने कहा कि वे मेला प्रदर्शकों के साथ बैठक करेंगे। उन्हें कार्ड स्वैपिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। गोयल ने कहा कि सरकार की 500 और 1,000 रुपए के नोट बंद करने का मतलब यह नहीं है कि अर्थव्यवस्था में नकदी की तंगी होने जा रही है।

डेबिट, क्रेडिट कार्ड और चेक के जरिए भुगतान पर कोई रोक नहीं है। व्यापार मेले में इस बार विदेश के लगभग 7,000 प्रदर्शक भाग लेंगे। इनमें केंद्र सरकार के मंत्रालयों के साथ 27 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों के मंडपों में भी प्रदर्शक अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। ग्रामीण विकास मंत्रालय के कपार्ट मंडप में करीब 800 ग्रामीण कारीगर, शिल्पकार भाग लेंगे। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम के माध्यम से 100 शिल्पकार भाग लेंगे।आइआइटीएफ की मुख्य विषय वस्तु ‘डिजिटल इंडिया’ रखी गई है। इसके अलावा मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, स्वच्छ गंगा मिशन, जन धन योजना, कौशल भारत सहित केंद्र के विभिन्न कार्यक्रमों को भी मंडपों में प्रमुखता से दिखाया जायेगा।

मेले में इस बार आस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, बेलारूस, बहरीन, बांग्लादेश, भूटान, चीन, जर्मनी, हांगकांग, ईरान, कुवैत, म्यांमार, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तिब्बत, थाइलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन सहित 24 देशों की 280 से अधिक कंपनियां भाग लेंगी। 36वें आइआइटीएफ में ‘दक्षिण कोरिया’ भागीदार देश है जबकि ‘बेलारूस’ फोकस राज्य होगा। इसी प्रकार मध्य प्रदेश और झारखंड भागीदार राज्य हैं जबकि हरियाणा फोकस राज्य के रूप में भागीदारी कर रहा है।

 

 

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