December 05, 2016

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पाकिस्तान ने दी धमकी, अगर भारत ने सिंधु जल समझौता तोड़ा तो देंगे ऐसा जवाब…

जकारिया ने कहा कि भारत ऐसा दुनियाभर की निगाहें कश्मीर मुद्दे से भटकाने के लिए कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर में भारतीय सेना वहां के लोगों पर जुल्म ढा रही है और मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है।

भारत से पाकिस्तान की ओर जाने वाली सिंधु नदी (फोटो-PTI)

पाकिस्तान ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सिंधु जल समझौता तोड़ा गया तो उसकी तरफ से माकूल जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि मंत्रालय इस मुद्दे पर कड़ी नजर रखे हुए है। पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा, “अगर भारत की तरफ से सिंधु जल समझौते को तोड़ने की कोशिश हुई तो पाकिस्तान उसका मुंहतोड़ जवाब देगा।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस मामले से जुड़ी एक-एक गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। जकारिया का यह बयान पाक मीडिया में चल रही रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कहा जा रहा है कि भारत 56 साल पुराने सिंधु जल समझौते की समीक्षा कर सकता है और आशंका जताई जा रही है कि बिगड़े कूटनीतिक संबंधों के बीच भारत यह समझौता तोड़ सकता है।

जकारिया ने कहा कि भारत ऐसा दुनियाभर की निगाहें कश्मीर मुद्दे से भटकाने के लिए कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर में भारतीय सेना वहां के लोगों पर जुल्म ढा रही है और मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि पाकिस्तान भारत की इस बर्बर कार्रवाई को दुनियाभर में उठा रहा है इसलिए इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए भारत सिंधु जल समझौते की समीक्षा की बात कर रहा है।

वीडियो देखिए: सिंधु जल समझौते पर भारत क्या कर सकता है?

इससे पहले पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक सरताज अजीज ने 27 सितंबर को कहा था कि यदि भारत 56 साल पुराने सिंधु जल समझौते को निलंबित करता है तो उनका मुल्क संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रुख करेगा। साथ ही, उन्होंने जोर देते हुए कहा था कि इस समझौते को रद्द करने को ‘युद्ध छेड़ने की गतिविधि’ के तौर पर लिया जा सकता है। पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार अजीज ने इस मुद्दे पर नेशनल एसेंबली में कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय कानून बताते हैं कि भारत एकतरफा तरीके से इस समझौते से खुद को अलग नहीं कर सकता।’ उन्होंने कहा, ‘समझौता रद्द करने की कार्रवाई को दोनों देशों के बीच युद्ध की कार्रवाई के तौर पर लिया जा सकता है।’
उन्होंने कहा था कि समझौते को एकतरफा तौर पर रद्द करना पाकिस्तान और इसकी अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी होगी। उन्होंने कहा कि यदि भारत समझौते का उल्लंघन करेगा तो पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रुख कर सकता है। अजीज ने कहा, ‘‘इस भारतीय कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय शांति के उल्लंघन के तौर पर लिया जा सकता है और इस तरह पाकिस्तान एक अच्छी वजह को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का रूख कर सकता है।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस मसले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचने पर विचार कर रहा है।

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First Published on October 20, 2016 5:54 pm

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