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कुलभूषण जाधव मामला: ICJ कोर्ट में पाकिस्तानी टीम का नेतृत्व करेंगे एटॉर्नी जनरल

पाकिस्तान के एटॉर्नी जनरल अश्तर औसाफ अली आगामी आठ जून को हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में टीम का नेतृत्व करेंगे ...
Author इस्लामाबाद | May 31, 2017 15:26 pm
भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव (File Photo)

पाकिस्तान के एटॉर्नी जनरल अश्तर औसाफ अली आगामी आठ जून को हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में टीम का नेतृत्व करेंगे जहां भारत और पाकिस्तान के ‘एजेंट’ भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में आगे की कार्यवाहियों पर चर्चा के लिए आईसीजे के प्रमुख से मुलाकात करेंगे। समाचार पत्र ‘डॉन’ के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा मामले की संसदीय समिति की कल हुई बैठक में एटॉर्नी जनरल को इस मामले में पाकिस्तान की रणनीति पर चर्चा के लिए भेजने का फैसला किया गया।

नेशनल स्पीकर अय्याज सादिक ने इस बैठक की अध्यक्षता की। अखबार के अनुसार ‘एजेंटों’ की बैठक के दौरान उन तरीखों के बारे में चर्चा होगी जब जाधव के मामले में सुनवाई होगी और संबंधित दस्तावेज सौंपे जाएंगे। पाकिस्तान इस मामले में लिए कार्यवाहक न्यायाधीश नामिक करने के अपना इरादा जता सकता है।

आईसीजे में यह प्रावधान है कि किसी मामले में पीठ में अपनी नागरिकता वाला न्यायाधीश नहीं होने पर व्यक्ति को कार्यवाहक न्यायाधीश के रूप में बैठने के लिए चुन सकता है। जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा के खिलाफ भारत ने आईसीजे का रूख किया था। बीते 18 मई को आईसीजे ने जाधव (46) की सजा के तामील पर रोक लगा दी थी।

एटॉर्नी जनरल ने समिति की बैठक में भाग लेने वालों को इस मामले में पाकिस्तान सरकार की रणनीति के बारे में जानकारी दी। खबर है कि समिति के सदस्य सरकार की कानूनी टीम की ओर से पिछली बैठक में दिए गए स्पष्टीकरण से खुश नहीं थे।  स्पीकर ने कहा कि कल एटॉर्नी जनरल की ओर से दी गई जानकारी से वह संतुष्ट हैं।

बीते दिन ही पाकिस्तान ने कहा है कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव देश में हाल में हुए आतंकी हमलों के बारे में अहम खुफिया जानकारी दे रहा है। जाधव को यहां की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने एक साक्षात्कार में डॉन न्यूज से कहा, ‘‘जाधव पाकिस्तान में हाल में हुए आतंकी हमलों के बारे में लगातार अहम खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है।’’

हालांकि, जकारिया ने जाधव द्वारा दी गई खुफिया जानकारियों के बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने 18 मई को जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी लेकिन उसे मामले में अधिकारक्षेत्र के बारे में अभी फैसला करना है। इस बीच, पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अश्तर औसाफ ने डॉन न्यूज से कहा कि पाकिस्तान के पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि जाधव एक जासूस है।

औसाफ ने कहा कि पाकिस्तान के पास जाधव के बारे में जो जानकारी है, उसका सुरक्षा कारणों से खुलासा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘सुनवाई शुरू होने के बाद सबूत केवल अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में ही पेश किए जाएंगे।’’

उन्होंने कहा कि आईसीजे का 18 मई को दिया गया प्रक्रियागत आदेश ना तो पाकिस्तान की हार है और ना ही भारत की जीत। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब मामले पर सुनवाई फिर से शुरू होगी तब पाकिस्तान के पास जीत के लिए ठोस आधार होगा।

इंटरनेशनल कोर्ट ने लगाई कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक; सुषमा स्वराज ने जाधव की मां को खुद दी जानकारी एक कानूनी दल के गठन के बारे में पूछे गए सवाल के बारे में औसाफ ने कहा कि दल को बदलने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, इसका विस्तार किया जा सकता है। पिछले महीने 46 वर्षीय जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने देश के खिलाफ जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहने के आरोपों में मौत की सजा सुनाई थी। आईसीजे ने 18 मई को जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी।

इसके बाद रविवार (29 मई) को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में कुलभूषण जाधव को जल्द से जल्द फांसी देने की याचिका डाली गई थी, लेकिन कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया था। इस याचिका को फारुक एच. नायिक नाम के शख्स ने दायर किया था। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि जाधव को सैन्य अदालत ने दोषी ठहराया है और उसने मौत की सजा के खिलाफ अपील भी नहीं की है, इसलिए उसे तत्काल फांसी दे देनी चाहिए।

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