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पाक ने अपने उच्चायोग के छह कर्मियों को बुलाया वापस

कुछ दिनों पहले ही कथित जासूसी को लेकर पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी महमूद अख्तर को भारत ने देश से बाहर निकाल दिया था।
Author नई दिल्ली | November 3, 2016 04:01 am
भारत- पाकिस्तान।

पहले से तनावपूर्ण चल रहे भारत-पाक संबंधों को बुधवार को उस वक्त एक झटका और लगा जब पाकिस्तान ने दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग के छह कर्मचारियों को वापस बुला लिया। कुछ दिनों पहले ही कथित जासूसी को लेकर पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी महमूद अख्तर को भारत ने देश से बाहर निकाल दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि भारत भी ‘अंतत:’ अपने आठ राजनयिकों को इस्लामाबाद से वापस बुलाने की योजना बना रहा है क्योंकि इनके नाम और तस्वीरें वहां की मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित हुई हैं ।

भारत छोड़ने वाले राजनयिकों के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन पाकिस्तान उच्चायोग के सूत्रों के अनुसार मिशन के छह अधिकारी जा चुके हैं। पाकिस्तानी उच्चायोग के सूत्रों अनुसार भारत छोड़ चुके अधिकारियों में वाणिज्यिक दूत सैयद फर्रूख हबीब और प्रथम सचिव खादिम हुसैन, मुदस्सर चीमा और शाहिद इकबाल शामिल हैं। अख्तर ने इन अधिकारियों के नाम जासूसी प्रकरण में पूछताछ के दौरान बताए थे। सूत्रों ने आरोप लगाया, ‘इस खराब माहौल में अधिकारियों के लिए काम करना नामुमकिन होने के बाद फैसला किया गया।’ उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार हमारे राजनयिकों को धमका रही है और ब्लैकमेल कर रही है। इसलिए इस स्थिति में हमारे लिए इस देश में रहना और काम करना मुश्किल है।’

महमूद अख्तर ने किया खुलासा- “पाक उच्चायोग के 16 और कर्मचारी जासूसी रैकेट में शामिल”

कुछ दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान के अधिकारी महमूद अख्तर को जासूसी गतिविधियों को लेकर अवांछनीय घोषित किया था, जिस पर जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान ने भी भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी को निकाल दिया। इससे पहले इस्लामाबाद से आ रहीं खबरों में कहा गया था कि पाकिस्तान भारतीय उच्चायोग के कम से कम दो अधिकारियों को विध्वंसक गतिविधियों में उनकी कथित संलिप्तता के लिए देश छोड़ने को कह सकता है। जियो टीवी की खबर के अनुसार वाणिज्य मामलों के अधिकारी राजेश अग्निहोत्री और प्रेस मामलों के अधिकारी बलबीर सिंह को निष्कासित किया जा सकता है।

चैनल ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अग्निहोत्री सीधे रॉ से जुड़े हुए हंै जबकि सिंह गुप्तचर ब्यूरो (आइबी) के लिए काम कर रहे हैं और उन्होंने पाकिस्तान में अपने पदों का कथित इस्तेमाल अपनी मूल पहचान छिपाने के लिए किया। इसमें दावा किया गया कि सिंह पाकिस्तान में आतंकियों के एक नेटवर्क का भी संचालन कर रहे हैं और भारतीय उच्चायोग के निष्कासित अधिकारी सुरगीत सिंह भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे।

 

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