March 27, 2017

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पाकिस्‍तान में आज सर्वदलीय बैठक करेंगे नवाज शरीफ, बातचीत का है एक ही एजेंडा-भारत को कैसे दिया जाए जवाब

शरीफ सरकार ने इससे पहले ऐसी बैठक इस साल जनवरी में चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) पर फैसला लेने से पहले बुलाई थी।

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ सोमवार (3 सितंबर) को सभी दलों की एक बैठक करेंगे जिसका एकमात्र एजेंडा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का कूटनीतिक जवाब देने की रणनीति पर विचार करना होगा। इस बैठक में “कश्मीर में भारतीय उत्पीड़न” और नियंत्रण रेखा पर जारी संघर्ष के बारे में कूटनीतिक रणनीति बनाने को लेकर पाकिस्तानी दलों के बीच एक राय बनानी होगी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यलाय के एक सूत्र ने द डॉन अखबार को बताया कि इस बैठक के लिए संसद के दोनों सदनों में सभी पार्टियों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। अखबार के अनुसार शरीफ सरकार ने इससे पहले ऐसी बैठक इस साल जनवरी में चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) पर फैसला लेने से पहले बुलाई थी ताकि सर्वसम्मति से फैसला लिया जा सके। जम्मू-कश्मीर के उरी में 18 सितंबर को हुए आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव है। पिछले हफ्ते भारतीय सेना ने बताया कि उसने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक करके कई आतंकियों को मार गिराया है। हालांकि पाकिस्तान ने इससे इनकार किया है। रविवार रात को भी जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आतंकियों ने एक बीएसएफ कैम्प पर हमला किया जिसमें एक जवान मारा गया है। जवाब कार्रवाई में दो आतंकी भी मारे गए हैं।

देखें किस तरह भारतीय जवानों ने दिया हमले का जवाब

पाकिस्तानी सरकार की सर्वदलीय बैठक के बाद सभी दलों के नेताओं के दस्तखत के साथ एक साझा बयान भी जारी किया जा सकता है। शरीफ कैबिनेट के एक मंत्री ने द डॉन को बताया कि इस बैठक का मकसद दुनिया को ये बताना है कि भारत के खिलाफ पूरा पाकिस्तान एकजुट है। पाकिस्तानी नेता हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में पैदा हुए हालात को भी दुनिया के सामने लाना चाहते हैं। पाकिस्तानी पीएम शरीफ ने इससे पहले संयुक्त राष्ट्र की सालाना आम सभा में बुरहान वानी का जिक्र करते हुए उसे कश्मीर का “युवा नेता” बताया था। शरीफ के बयान की भारत ने कड़ी आलोचना की थी। भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने भी अपने एक भाषण में कहा था कि पाकिस्तानी हुक्मरान संयुक्त राष्ट्र में आतंकियो ंकी लिखी इबारत पढ़ रहे थे।

उरी हमले के बाद भारत ने कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कवायद शुरू की है। भारत के बहिष्कार के बाद दक्षेस देशों की पाकिस्तान में होने वाली बैठक रद्द हो गई। बांग्लादेश, अफगानिस्तान, भूटान और श्रीलंका ने भारत के फैसले के बाद दक्षेस का बहिष्कार कर दिया। पाकिस्तान की इस बैठक का एजेंडा भारत के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी प्रयासों की जवाब देने की रणनीति तैयार करना भी है।

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First Published on October 3, 2016 12:17 pm

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