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विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने साधा निशाना, कहा- पाकिस्तान सबसे बड़ा पाखंडी

विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि भारत सभी धर्मों और विश्वास वालों लोगों की आजादी और समानता में विश्वास करता है। ये बात सिर्फ यहां के कानून में ही नहीं बल्कि समाज में भी लागू है।
Author न्यूयार्क | August 17, 2016 02:20 am
1991 में गांधी की मौत के बाद एम. जे. अकबर कांग्रेस पार्टी से अलग हो गए और फिर से पूर्णकालीक पत्रकार बन गए थे।

विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसे देश जो आतंक को बढ़ावा देने के लिए मानवाधिकार के मुखौटे का इस्तेमाल करते हैं, सबसे बड़े ढ़ोंगी होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत समानता में विश्वास करने वाला देश है न कि दादागीरी में। उन्होंने आतंकवाद को मानवाधिकार के लिए दुनिया का सबसे बड़ा खतरा भी बताया।
अकबर यहां 70 वें स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय वाणिज्य दूतावास में तिरंगा फहराने के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद दुनिया का सबसे बड़ा दुश्मन है। उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि दादागीरी के कारण ही 1971 में बांग्लादेश अलग हुआ और अब ब्लूचिस्तान का मामला भी सामने आ रहा है।

अकबर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय प्रधानमंत्री ने भी लाल किले से अपने भाषण में पाकिस्तान पर हमला बोला था। उन्होंने परोक्ष रूप से पाकिस्तान को फिर से निशाने पर लेते हुए कहा कि आस्था की समानता हमारे राष्ट्र के प्राचीन दर्शन से उभरती है। सभ्यता और स्थिरता को चुनौती उनकी ओर से मिल रही है जिनमें हमारे पड़ोसी भी शामिल हैं जो आस्था की समानता के विपरीत आस्था के वर्चस्व में यकीन करते हैं।

विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि भारत सभी धर्मों और विश्वास वालों लोगों की आजादी और समानता में विश्वास करता है। ये बात सिर्फ यहां के कानून में ही नहीं बल्कि समाज में भी लागू है। उन्होंने आगे कहा कि आजादी का मतलब सिर्फ वोट डालना नहीं होता है, बल्कि रोज अपने इस अधिकार का उपयोग करना होता है। उन्होंने कहा-‘मैं भारत में काफी गर्व से रहने वाला मुसलमान हूं और मेरे देश में अजान पिछले 1400 सालों से सुनाई दे रहा है और आगे भी 1400 साल तक सुनाई देगा। यह भारत के लोगों के विश्वास और उनकी इच्छा से निकला हुआ है।

मंत्री ने कहा कि भारत का संविधान महात्मा गांधी और स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान देने वाले लोगों की प्रेरणा से बना हुआ है। हमारा संविधान आधुनिकता के लिए आदर्श होने के साथ ही साथ भविष्य और पूरी दुनिया के लिए आदर्श है। उन्होंने कहा-‘स्वतंत्रता हमारे संविधान में महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है और इसे हमसे कोई भी नहीं ले सकता है।’ उन्होंने कहा कि अगले 70 सालों के लिए हमारा लक्ष्य बिल्कुल साफ है। आने वाला समय भारत को समृद्धि की ओर ले जाएगा, जिसमें सभी का विकास होगा।
यही सही मायने में राष्ट्रवाद है।’

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