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इट हैप्पेंस ओनली इन पाकिस्तान: एयरपोर्ट से चोरी हो गया पाकिस्तानी प्लेन

पाकिस्तान मीडिया के मुताबिक ब्रेंड हिल्डेनब्रैंड ने इस विमान को मात्र 50 हजार डॉलर यानी कि 32 लाख रुपये में जर्मनी की एक म्यूजियम को बेच दिया है।
पाकिस्तान एयरलाइंस का एक विमान (express file photo)

पाकिस्तान की सरकारी विमानन कंपनी PIA एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस बार इस कंपनी का एक विमान ही एयरपोर्ट से गायब है। पता चला है कि PIA के पूर्व सीईओ ने 22 करोड़ के इस विमान को महज 32 लाख रुपये में बेचकर सारा पैसा हजम कर गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब पाकिस्तान की संसद में मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट के एक सांसद ने इस केस के बारे में जानकारी दी। सांसद ने कहा कि PIA को भी पता नहीं है कि ये एयरक्राफ्ट कहां है। इस एयरक्राफ्ट के गायब होने की कहानी काफी दिलचस्प है और करप्शन में फंसे PIA की पोल खोलती है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल दिसंबर में एक ब्रिटिश कंपनी ने एक फिल्म की शूटिंग के लिए इस विमान को किराये पर लिया और इसके लिए कंपनी को एक करोड़ 60 लाख रुपये चुकाये। विमान को पाकिस्तान से माल्टा ले जाया गया। इसके बाद एयरबस ए-310 इस विमान को जर्मनी ले जाया गया।

लेकिन बीच में कहानी में एक और ट्विस्ट है। दरअसल इसी दौरान PIA के सीईओ जर्मन मूल के नागरिक ब्रेंड हिल्डेनब्रैंड को भ्रष्टाचार के आरोपों में हटा दिया गया। जांच में पता चला कि सीईओ ब्रेंड ने इस विमान को जर्मनी में बेच दिया है। पाकिस्तान मीडिया के मुताबिक ब्रेंड हिल्डेनब्रैंड ने इस विमान को मात्र 50 हजार डॉलर यानी कि 32 लाख रुपये में जर्मनी की एक म्यूजियम को बेच दिया है। जबकि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस विमान की कीमत इस वक्त लगभग 22 करोड़ रुपये थी। इस घोटाले के सामने आने के बाद पाकिस्तान सरकार ने पूर्व सीईओ ब्रेंड हिल्डेनब्रैंड के पाकिस्तान छोड़ने पर रोक लगा दी। लेकिन बाद में ब्रेंड हिल्डेनब्रैंड अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पाकिस्तान से बाहर जाने में कामयाब हुआ।

पाकिस्तान की फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी ने पाया कि इस सौदे में PIA के अधिकारी भी शामिल हैं। पाकिस्तान के संसदीय कार्यमंत्री शेख आफताब अहमद ने भी माना कि पूर्व सीईओ ब्रेंड हिल्डेनब्रैंड ने बिना इजाजत इस विमान को बेच दिया। पाकिस्तान सरकार की ओर से गठित एक कमेटी इस मामले की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि ये प्लेन इस वक्त जर्मनी की लेपिज शहर में है। लेकिन 30 साल पुराना हो जाने और कानूनी जटिलाओं की वजह से पाकिस्तान सरकार इस प्लेन को वापस लाना नहीं चाहती है।

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