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एनएसजी की सदस्यता के लिए पाकिस्तान की विश्वसनीयता भारत से ज्यादा मजबूत: अजीज

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने दावा किया कि भारत कश्मीर मुद्दे पर बातचीत का इच्छुक नहीं है।
Author इस्लामाबाद | June 13, 2016 18:25 pm
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज (एपी फोटो)

पाकिस्तान ने सोमवार (13 जून) को दावा किया कि अगर परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले राष्ट्रों को सदस्यता देने के लिए समान पात्रता पर सहमति बनती है तो उसकी विश्वसनीयता ‘भारत से ज्यादा मजबूत’ है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि पाकिस्तान ने उन देशों के लिए पात्रता आधारित रुख को लेकर कई राष्ट्रों के साथ कूटनीतिक रूप से संपर्क किया है जिन्होंने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

अजीज ने ‘डॉन न्यूज’ से कहा, ‘अगर समूह समान पात्रता तय करता है तो पाकिस्तान की एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत से ज्यादा मजबूत विश्वसनीयता है।’ उन्होंने दावा किया कि योग्यता के आधार पर एनएसजी की सदस्यता हासिल करने का पकिस्तान के पास बेहतरीन मौका है। अजीज ने कहा, ‘हमारी रणनीति यह भी है कि भारत के आवेदन करने के बाद हम भी तत्काल ऐसा करेंगे। इस मकसद के लिए हमारे पास आवेदन तीन महीने पहले से तैयार रखा हुआ है।’ उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने पात्रता आधारित रुख के लिए धीरे-धीरे समर्थन हासिल किया है। अजीज ने कहा, ‘पिछले सप्ताह मैंने रूस, न्यूजीलैंड और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों को फोन किया और हमारी राय यही थी कि उन्हें पात्रता आधारित रुख का समर्थन करना चाहिए तथा हमने इसको लेकर समर्थन हासिल किया है।’

अजीज ने उम्मीद जताई कि अगर भारत को एनएसजी की सदस्यता मिलती है तो ‘पाकिस्तान के प्रयासों और उसकी मजबूत विश्वसनीयता’ के कारण इस्लामाबाद भी पीछे नहीं छूटेगा। परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कदीर खान के प्रसार नेटवर्क के बारे में पूछे जाने पर अजीज ने कहा कि पाकिस्तान इसके बाद से काफी आगे बढ़ चुका है और हर किसी ने देखा है कि पाकिस्तान अपनी परमाणु संपत्तियों की सुरक्षा कर रहा है। अजीज ने दावा किया, ‘अगर आप इसकी तुलना भारत के साथ करते हैं तो उसने शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए दी गई परमाणु आपूर्ति का दुरुपयोग किया। इसके बाद परमाणु सामाग्री चुराई गई, लेकिन ऐसी घटना कभी पाकिस्तान में नहीं हुई।’ उन्होंने कहा कि भारत को सदस्य बनाने के लिए अमेरिका ने एक नीति तय की है क्योंकि ‘उसका पूरा ध्यान इस्लामी दुनिया और चीन को नियंत्रित करने की ओर है।’

विदेश मामलों के सलाहकार ने कहा, ‘हम उनसे सवाल नहीं कर सकते लेकिन हम बार बार उनसे कहते हैं कि आप (अमेरिका) संप्रभु देश है और किसी देश के साथ संबंध रख सकते हैं, लेकिन आप दक्षिण एशिया में रणनीतिक अंसतुलन को बढ़ाते हैं तो हमारी समस्याएं बढ़ेंगी।’ भारत के साथ पाकिस्तान के संबंधों के बारे में अजीज ने कहा कि चीजें बदल गई हैं क्योंकि नरेंद्र मोदी प्रशासन संबंधों को सामान्य बनाना चाहता है लेकिन ऐसा वह अपनी ‘प्राथमिकताओं’ के आधार पर करना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि भारत कश्मीर मुद्दे पर बातचीत का इच्छुक नहीं है। कथित ‘भारतीय जासूस’ कुलभूषण जाधव के बारे में अजीज ने कहा कि भारत पाकिस्तान के सरकार से इतर तत्वों और भारत में उनकी विध्वसंसक गतिविधियों का मुद्दा उठाता है, लेकिन ‘जाधव तो सरकार के भीतर का तत्व है क्योंकि वह रॉ का सदस्य है।’

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