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पाक के खिलाफ विश्व समुदाय एकजुट, आतंकी देश घोषित करने वाली याचिका को मिल रहा है जबरदस्त समर्थन

वाइट हाउस से जवाब मिलने के लिए 30 दिन में एक लाख हस्ताक्षरों की जरूरत है। एक सप्ताह के अंदर ही याचिका पर एक लाख लोगों के समर्थन का आंकड़ा पार हो गया।
Author वाशिंगटन | October 3, 2016 01:42 am
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (AP File Photo)

पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने की मांग करने वाली दो याचिकाओं का लोग जमकर समर्थन कर रहे हैं। अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय वाइट हाउस की वेबसाइच पर डाली गई आॅनलाइन याचिका पर अबतक करीब पांच लाख लोगों ने समर्थन जताया है। यह ओबामा प्रशासन से इस बारे में जवाब मिलने के लिए जरूरी संख्या से पांच गुना है। वहीं ब्रिटेन की संसद की वेबसाइट पर डाली गई याचिका को अबतक दस हजार लोगों का समर्थन मिला है।  वाइट हाउस की वेबसाइच पर डाली गई आॅनलाइन याचिका को एक व्यक्ति ने 21 सितंबर को जारी किया था। उस व्यक्ति ने खुद को आरजी नाम वाला बताया। वाइट हाउस से इस संबंध में जवाब मिलने के लिए 30 दिन में एक लाख हस्ताक्षरों की जरूरत है। एक सप्ताह के अंदर ही याचिका पर एक लाख लोगों के समर्थन का आंकड़ा पार हो गया। दो सप्ताह से कम समय में पांच लाख लोगों के दस्तखत याचिका पर आ गए। यह याचिका अब वाइट हाउस की वेबसाइट पर मशहूर हो गई है। याचिका के मुताबिक ओबामा प्रशासन 60 दिन में याचिका पर जवाब दे सकता है।

अपने फेसबुक पेज पर याचिका शेयर करने वालीं जार्जटाउन यूनीवर्सिटी की वैज्ञानिक अंजू प्रीत ने कहा, ‘हम लोगों की पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने के लिए प्रशासन से कहने वाली याचिका के समर्थकों ने दस लाख हस्ताक्षरों का लक्ष्य निर्धारित किया है। हम इससे पहले नहीं रुकेंगे।’ उन्होंने कहा,‘सक्रियता दिखाने का समय है। वाइट हाउस के साथ याचिका पर हस्ताक्षर करने में हम सब हाथ मिलाएं।’

आतंकवाद पर कांग्रेस की उप समिति के अध्यक्ष टेड पो ने कांग्रेस के एक और साथी सदस्य डाना रोहराबेकर के साथ मिलकर यह याचिका एचआर 6069 पेश की थी। इस याचिका पर 21 अक्तूबर तक दस्तखत किए जा सकते हैं। वहीं आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने के लिए पाकिस्तान की कड़ी निंदा के लिए ब्रिटेन की संसद की वेबसाइट पर एक याचिका दायर की गई है। इस पर हस्ताक्षर करने वालों का आंकड़ा रविवार को 10 हजार की सीमा को पार कर गया। अब ब्रिटिश सरकार इस पर प्रतिक्रिया देने की हकदार हो गई है। ‘ब्रिटिश सरकार आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने के लिए पाकिस्तान की कड़े शब्दों में निंदा करेगी’ शीर्षक वाली याचिका पर अब हस्ताक्षर करने वालों की संख्या इस याचिका पर प्रतिक्रिया देने के लिए ब्रिटेन सरकार को हकदार बनाने के लिए जरूरी संख्या के आंकड़े को पार कर गई है। लेकिन लक्ष्य 29 मार्च 2017 की सीमा तक एक लाख हस्ताक्षर हासिल करना है ताकि इस मुद्दे पर ‘हाउस आफ कामंस’ में संसदीय बहस करने पर विचार हो।

भारतीय मूल के पेशेवर नमन परोपकारी की ओर से लिखित याचिका में कहा गया है, ‘पाकिस्तान निरंतर आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरी बात करता रहा है। उसने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन (जिसमें ब्रिटेन अमेरिका का प्रमुख सहयोगी है) के दुश्मनों की मदद और उन्हें उकसाने का काम किया है। उसामा बिन लादेन पाकिस्तान में छिपा हुआ था। पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंधित आतंकी नेटवर्क को शरण देता रहता है।’इस आॅनलाइन याचिका में कहा गया है कि आइएसआइ पर अक्सर अमेरिका में 11 सितंबर 2001 हमला, कश्मीर में आतंकवाद, भारतीय संसद पर हमला और मुंबई आतंकी हमला सहित विश्वभर में बड़े आतंकी हमलों में भूमिका निभाने का आरोप लगता है। याचिका में कहा गया है कि कई लोगों ने इस बात पर ध्यान दिया है कि पाकिस्तानी सेना और देश के खुफिया प्रतिष्ठान आइएसआइ के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कई आतंकवादी और आपराधिक संगठनों का समर्थन किया जाता है।

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मैं भारत को जवाबी धमकी देता : मुशर्रफ

पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि उरी में भारतीय सेना के एक शिविर पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से दिए गए कड़े बयानों के जवाब में वह होते तो भारत को जवाबी धमकी देते। वॉशिंगटन आइडियाज फोरम में गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ ने कहा, ‘मैं भारत को जवाबी धमकी देता।’ 73 साल के पूर्व सैन्य तानाशाह 18 सितंबर को उरी में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय नेताओं और सैन्य अधिकारियों की ओर से दिए गए बयानों का हवाला दे रहे थे।

‘जवाबी धमकी’ के बारे में उनके सुझाव पूछे गए तो मुशर्रफ ने कहा, ‘जी हां, वे हमें डरा रहे हैं कि वे हम पर अपनी पसंद के वक्त और जगह पर हमला करेंगे। अब, यह किसी और ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, सैन्य जनरल, सैन्य अभियान महानिदेशक ने कहा।’ उन्होंने कहा, ‘यह बहुत गंभीर मामला है।’ उन्होंने कहा कि पसंद के समय और स्थान पर हमला करने जैसी धमकियां नहीं देनी चाहिए थी। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ‘पाकिस्तान क्या करेगा? जाहिर है हम अपने वक्त और पसंद की जगह पर हमला करेंगे।’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह जंग की संभावना को बढ़ाएगा। इसलिए इसे मत कीजिए। मेरे ख्याल से यह युद्धोन्माद है जो भारत में बनाया जा रहा है। मैं दोहराता हूं कि पाकिस्तान नहीं भारत में एक मुद्दा है। वे यह हमेशा करते हैं।’

 

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