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पाकिस्तान ने माना- जिहाद के नाम पर आतंक फैला रहा हाफिज सईद

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात उद दावा के सरगना हाफिज सईद और उसके चार साथियों को ‘जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैलाने’ के लिए हिरासत में लिया गया।
Author लाहौर | May 15, 2017 01:11 am
जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद। (फाइल फोटो)

आखिरकार पाकिस्तान सरकार ने भी मान लिया है कि हाफिज सईद आतंकवाद में लिप्त है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने न्यायिक समीक्षा बोर्ड से कहा है कि मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात उद दावा के सरगना हाफिज सईद और उसके चार साथियों को ‘जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैलाने’ के लिए हिरासत में लिया गया। सईद शनिवार को बोर्ड के समक्ष पेश हुआ और उसने दलील दी कि पाकिस्तान सरकार ने कश्मीरियों की आवाज बुलंद करने से रोकने के लिए उसे हिरासत में लिया है। बहरहाल, गृह मंत्रालय ने उसकी दलीलों को खारिज कर दिया और तीन सदस्यीय बोर्ड से कहा कि सईद और उसके चार साथियों को ‘जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैलाने’ के लिए हिरासत में लिया गया है। न्यायमूर्ति एजाज अफजल खान (सुप्रीम कोर्ट), न्यायमूर्ति आएशा ए मलिक (लाहौर हाई कोर्ट) और न्यायमर्ति जमाल खान मंदोखैल (बलूचिस्तान हाई कोर्ट) की मौजूदगी वाले बोर्ड ने मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह सईद और उसके चार साथियों – जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद, अब्दुल्ला उबैद और काजी कासिफ नियाज- को हिरासत में लिए जाने को लेकर होने वाली अगली सुनवाई पर पूरा रिकॉर्ड सौंपे।

बोर्ड ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई पर पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल खुद उपस्थित हों। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच सईद और उसके चार साथियों को बोर्ड के समक्ष पेश किया था। इस मौके पर सईद के समर्थक अदालत के बाहर जमा थे। सईद के वकील एके डोगर भी अदालत में मौजूद थे लेकिन लश्कर ए तैयबा के संस्थापक ने अदालत के समक्ष खुद ही अपनी दलील रखने का फैसला किया। उसने कहा कि सरकार की ओर से मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों को कोई सरकारी संस्था कभी साबित नहीं कर पाई। कश्मीर की आजादी के लिए आवाज बुलंद करने और कश्मीर मुद्दे पर सरकार की लचर नीतियों की आलोचना करने की वजह से मेरे संगठन और मुझे निशाना बनाया गया है।

 

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