ताज़ा खबर
 

आतंकी मसूद अजहर ने पाक सरकार को ललकारा, कहा- हिम्मत दिखाओ, भारत के खिलाफ जिहाद की राह खोल दो

आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर ने लिखा है कि 1990 से जारी जिहादी नीति से पाकिस्तान को रणनीतिक फायदा हुआ है।
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मौलाना मसूद अजहर। (फाइल फोटो)

आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर ने जिहादी गुटों से कश्मीर में अपनी सक्रियता बढ़ाने के लिए कहा है। जैश-ए-मोहम्मद की साप्ताहिक पत्रिका अल-क़लाम में प्रकाशित अज़हर की अपील में कहा गया है कि “निर्णायक फैसला लेने में दिखाई गई देरी” से पाकिस्तान कश्मीर में “ऐतिहासिक मौका” खो सकता है। अज़हर की ये अपील ऐसे समय में आई है जब उरी हमले और भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तल्ख हैं। भारत लगातार पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है। पाकिस्तान स्थित भारत विरोधी जिहादी गुटों पर कार्रवाई के मसले पर पाकिस्तानी सरकार और पाकिस्तानी सेना के बीच मतभेद की भी खबरें आई हैं। भारत के पठानकोट में हुए आतंकी हमले के लिए जैश-ए-मोहम्मद ही जिम्मेदार था।

पत्रिका के पहले पन्ने पर अज़हर ने लिखा है, “अगर पाकिस्तान सरकार थोड़ी हिम्मत दिखाए तो कश्मीर की मुश्किल और पानी की समस्या एक बार में हमेशा के लिए हल हो जाएंगे। कुछ और नहीं तो (पाकिस्तानी) सरकार को मुजाहिद्दीनों के लिए रास्ता साफ कर देना चाहिए। फिर अल्लाह की मर्जी रही तो 1971 की सभी कड़वी यादें 2016 की फतह की खुशी में गायब हो जाएंगी।” सीधे पाकिस्तानी सरकार को संबोधित करते हुए मसूद अज़हर ने लिखा है कि 1990 से जारी जिहादी नीति से पाकिस्तान को रणनीतिक फायदा हुआ है। अज़हर ने आगे लिखा है कि भारत अखण्ड भारत बनाना चाहता है लेकिन जिहादियों की मौजूदगी के कारण उसके मंसूबे पूरे नहीं हो रहे हैं क्योंकि जिहादियों ने “उसके हर अंग को घायल कर दिया है।” अज़हर ने लिखा है, भारत की “सैन्य क्षमता की पोल पठानकोट और उरी में खुल चुकी है।”

वीडियो: आतंकवादी सरगना मसूद अजहर ने कहा पाकिस्तान के लिए यही मौका है- 

अज़हर ने लिखा है, “भारत इस बार पाकिस्तान पर दबाव डाल रहा है। कश्मीर के हालत को देखते हुए ये काम पाकिस्तान को करना चाहिए था। कश्मीर हमारे लिए जीवन-मरण का सवाल है इसलिए दक्षेस सम्मेलन और नियंत्रण रेखा पर संघर्ष-विराम हमें रद्द करना चाहिए था। पिछले 90 दिनों में कितने मुस्लिम शहीद हो गए और कितने घायल हो गए?” अज़हर के अनुसार जिहादियों के आतंकी हमलों से कश्मीर में भारतीय सेना को गहरा धक्का लगा है। अज़हर ने लिखा है, “कश्मीर में जिहाद से पहले और बाद के भारत के बारे में सोचें। आपको नाटकीय अंतर दिखेगा। इस दौर में मैंने अपनी आंखों से भारत को सांप से केचुए में बदलते देखा है।”

Read Also: तमिलनाडु से पकड़े गए ISIS के जिहादी ने कहा- सेनाओं से लड़ने के बदले कुल 6 हजार रु महीना मिलते थे

अज़हर ने अपने लेख में जैश-ए-मोहम्मद के फैलाव के बारे में लिखा है। अज़हर ने लिखा है, “जब हमने जिहाद शुरू किया था तो कश्मीर में हमारी कोई शाखा नहीं थी। न ही सीरिया और इराक में कोई रोशनी की किरण थी। केवल अफगानिस्तान और फलस्तीन में दो मोर्च थे। उनमें से एक सक्रिय था और दूसरा बंद था।” अज़हर ने आगे लिखा है, “हमने जिहाद को एक अंगारे से सूरज बनते देखा है, एक छोटे से चहबच्चे से नदी में बदलते देखा है और अब ये समंदर बनने वाला है।”

पाकिस्तानी अखबार द डॉन में इसी हफ्ते आई रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई एक मीटिंग में पाक विदेश सचिव एज़ाज़ चौधरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठनों को लेकर काफी नाराज है। बैठक में पाकिस्तानी के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने कहा था कि सरकार आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने में अक्षम है क्योंकि उन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद हासिल है। इंडियन एक्सप्रेस ने इस साल मई में अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि पठानकोट हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने अपना मुख्यालय बदल लिया है। पहले उसका मुख्यालय बहावलपर में था जो वहां 62 किलोमीटर दूर चोलिस्तान के किला मौजगढ़ में ले जाया जा चुका है। इसी साल जुलाई में इंडियन एक्सप्रेस ने कराची की एक मस्जिद के बाहर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों द्वारा जिहाद के लिए चंदा जुटाने की खबर भी प्रकाशित की थी।

Read Also: पुलिस को शक- ISIS में शामिल होगी टॉपलेस शूट करवा चुकी यह मॉडल, बनना चाहती है जिहादी की पत्नी

वीडियो: देखिए पिछले 24 घंटों की बड़ी खबरें- 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 13, 2016 7:44 am

  1. No Comments.
सबरंग