ताज़ा खबर
 

पाकिस्तान का इशारा- 8 लाख की सुपारी देकर हाफिज सईद को मरवा सकता है रॉ, आतंकी की सुरक्षा कड़ी

पंजाब गृह विभाग से जमात-उद-दावा के चीफ सईद को फुलप्रूफ सिक्यूरिटी देने के लिए कहा गया है।
आतंकी संगठन जमात-उद-दावा का प्रमुख हाफिज सईद। (फाइल फोटो)

पाकिस्तान ने दावा किया है कि विदेशी खुफिया एजेंसिया मुंबई हमले के मास्टरमाइंड मोहम्मद हाफिज सईद को मरवाना चाहती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान प्रशासन ने पंजाब गृह विभाग को पत्र लिखकर हाफिज सईद की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा है। प्रशासन द्वारा लिखे गए पत्र के अनुसार नेशनल काउंटर टेररिज्म ऑथोरिटी ने कहा है कि भारतीय खुफिया एजेंसी (रॉ)  प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के दो कार्यकर्ताओं की मदद से सईद को मरवाना चाहती है जिसके लिए उन्होंने 8 लाख रुपए दिए गए हैं। पंजाब गृह विभाग से जमात-उद-दावा के चीफ सईद को फुलप्रूफ सिक्यूरिटी देने के लिए कहा गया है।

बता दें कि एंटी-टेररिज्म एक्ट 1997 के तहत 30 जनवरी से लाहौर में हफिज सईद को घर में नजरबंद किया हुआ है। पब्लिक सेफ्टी लॉ के तहत गृह विभाग ने हाफिज सईद की घर नजरबंद की अवधि को 26 नवंबर तक कर दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार रिहाई के बाद हाफिज सईद कानून-व्यवस्था की स्थिती पैदा कर सकता है, इसलिए उसकी घर में नजरबंद की अवधि को बढ़ाया गया।

गौरतलब है कि हाफिद सईद के संगठन को साल 2014 के जून में यूनाइटिड स्टेट ने विदेशी टेररिस्ट संगठन घोषित कर दिया था। इतना ही नहीं जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद के सिर पर कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर का इनाम भी रखा हुआ है। वहीं भारत में साल 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद है। इस हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी। भारत द्वारा बार-बार पाकिस्तान से मुंबई हमले के लिए हाफिज सईद को सजा देने की मांग की जा रही है। इसके अलावा पाकिस्तान के कुख्यात आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ एक हजार से ज्यादा मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कार्रवाई की मांग की थी। इन मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सुयंक्त राष्ट्र को चिट्ठी लिखकर हाफिज सईद की भारत विरोधी विध्वंसक गतिविधियों के लिए सजा देने की मांग की थी।

देखिए वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.