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बिना बुलावे के अमेरिका पहुंचे पाकिस्तान के सेना अध्यक्ष

पाकिस्तान के शक्तिशाली सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ पांच दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पहुंच गए हैं। इस दौरान वह शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ विशेष रूप से..
Author वाशिंगटन | November 17, 2015 01:13 am
पाकिस्तान के सेना प्रमुख राहिल शरीफ। (फाइल फोटो)

पाकिस्तान के शक्तिशाली सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ पांच दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पहुंच गए हैं। इस दौरान वह शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ विशेष रूप से अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया और भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अहम मुद्दों पर वार्ता करेंगे। जनरल राहील शरीफ ऐसे समय अमेरिका पहुंचे हैं, जब ओबामा प्रशासन का पूरा ध्यान पेरिस में हुए आतंकवादी हमलों के बाद इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह से निपटने पर केंद्रित है। सबसे अहम यह है कि राहील खुद ही अमेरिका जा रहे हैं क्योंकि उन्हें न तो अपने अमेरिकी समकक्ष से और न ही पेंटागन से कोई आधिकारिक न्योता मिला है।

पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज के जनसंपर्क निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल आसिम बाजवा ने राहील के यहां पहुंचने से कुछ घंटे पहले रविवार को यहां पाकिस्तानी संवाददाताओं से कहा, ‘यह यात्रा बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसे समय हो रही है जब हमारे क्षेत्र में कई महत्त्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं और स्थिति बदल रही है।’ बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख की शीर्ष अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के साथ होने वाली वार्ता में द्विपक्षीय सैन्य संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

बाजवा ने कहा, ‘अफगानिस्तान में सीमा पार जर्ब-ए-अज्ब अभियान से ठोस लाभ हुए हैं। यहां इस बात पर चर्चा की जाएगी कि इन लाभों को और कैसे बढ़ाया जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि इस संबंध में अफगानिस्तान सरकार की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा कहा है कि वह तालिबान के साथ अफगानिस्तान नीत और अफगानिस्तान की सुलह प्रक्रिया का समर्थन करेगा। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान ने पूरी ईमानदारी से ऐसे प्रयासों का समर्थन किया है। वह सुलह की प्रक्रिया को पूरा समर्थन देना जारी रखेगा।’ बाजवा ने कहा कि यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए काफी महत्त्वपूर्ण मुद्दा है।

राहील अपनी यात्रा के दूसरे दौर में ब्राजील की तीन दिवसीय यात्रा पर भी जाएंगे। वह उन पाकिस्तानी जवानों के साथ भी एक दिन बिताएंगे जो आइवरी कोस्ट में संयुक्त राष्ट्र बल का हिस्सा हैं। राहील अपनी इस यात्रा के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह विदेश मंत्री जॉन केरी, रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर, चेयरमैन ऑफ ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ जनरल जोसेफ डनफोर्ड, आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मार्क मिलेंगे और सीआइए निदेशक जॉन ब्रेन्नान और कई प्रभावशाली अमेरिकी सांसदों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को हथियारों और सैन्य मशीनरी की ताजा आपूर्ति के अलावा अफगानिस्तान भी चर्चा का बड़ा मुद्दा होगा। इसके अलावा वार्ता के दौरान भारत पर भी चर्चा होने की संभावना है।

बाजवा ने कहा कि भारत के साथ लगती पूर्वी सीमा को लेकर मसले हैं और जब तक ये मसले सुलझ नहीं जाते, यह क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के संदर्भ में एक बड़ा मुद्दा रहेगा। बाजवा ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि उत्तरी वजीरिस्तान में जर्ब-ए-अज्ब अभियान की शुरुआत से पहले अफगानिस्तान के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया था कि आतंकवादी भागकर अफगानिस्तान जाने की कोशिश करेंगे। उन्हें आतंकवादियों से निपटने के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत के बारे में भी बता दिया गया था।

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