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गर्लफ्रेंड का रेप करने वाले का कर दिया था खून, 16 साल जेल में काटे, अब बनेंगे कंपनी में सीईओ

जेल के समय को जॉन वॉलवर्ड ने खराब नहीं किया और खुद को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए दो कॉलेज डिग्रियां हासिल कीं। इसके अलावा उन्होंने साथी कैदियों को पढ़ना-लिखना भी सिखाया।

जॉन वॉलवर्ड की कहानी दुनिया के बाकी सीईओ की तरह नहीं है। वह अलग हैं। उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड का रेप करने वाले आरोपी की हत्या कर दी थी, जिसके बाद उन्हें 16 साल जेल की सलाखों के पीछे काटने पड़े। लेकिन जेल के समय को उन्होंने खराब नहीं किया और खुद को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए दो कॉलेज डिग्रियां हासिल कीं। इसके अलावा उन्होंने साथी कैदियों को पढ़ना-लिखना भी सिखाया और एचआईवी-एड्स काउंसिलर के तौर पर भी काम किया।

अब 3 जनवरी को जॉन वॉलवर्ड यूथबिल्ड यूएसए इंक. नामक संगठन के सीईओ बनने जा रहे हैं, जो दुनियाभर में स्कूली पढ़ाई छोड़ चुके युवाओं को दोबारा मुख्यधारा में लाने और उन्हें कामकाजी बनाने के लिए कौशल देने की दिशा में काम करता है। वॉलवर्ड का कहना है कि वह जिन युवाओं की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके साथ ईमानदारी बरतना काफी अहम है। दरअसल, जॉन के पास पहुंचे हर तीन में से एक शख्स का आपराधिक रिकॉर्ड है। यूथबिल्ड के सॉमरविले स्थित मुख्यालय में हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जॉन वॉलवर्ड ने कहा, “वे बिल्कुल मेरे जैसे हैं, इसलिए उनका रास्ता भी बिल्कुल मेरे जैसा हो सकता है, और इसलिए वे भी वह सब हासिल कर सकते हैं, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी।”

जॉन वॉलवर्ड की कहानी भी कॉलेज के युवा और प्रतिभावान छात्र से हत्या का दोषी बनने से शुरू हुई थी। साल 1991 में 20 साल की उम्र में जॉन ने उस फोटोग्राफर से लड़ने का इरादा बनाया, जिसने उसकी गर्लफ्रेंड के मुताबिक उसके साथ बलात्कार किया था। जॉन ने बेहद करीब से फोटोग्राफर के सिर में गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। उस वक्त फोटोग्राफर जोएल शोएनफेल्ड दो अन्य यौन अपराधों के सिलसिले में प्रोबेशन पर चल रहा था। इसके बाद जॉन वॉलवर्ड को मानवहत्या का दोषी करार दिया गया और परोल पर छूटने से पहले उन्होंने 16 साल जेल में बिताए।

जॉन ने बताया, पहले सेकंड से ही मैं जानता था कि जो मैंने किया, वह सही नहीं था, लेकिन मुझे अपने मन में बिना कोई तर्क किए, या बिना किसी दूसरे को दोष दिए अपनी गलती कबूल करने में काफी वक्त लगा।”

वॉलवर्ड का कहना है कि उनका मानना है कि ‘किसी की जिंदगी छीन लेने की भरपाई कतई नहीं की जा सकती, लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी को बदल डालने का फैसला किया। इसके बाद जेल में रहते हुए ही जॉन ने मर्सी कॉलेज से बिहेवियर साइंस में ग्रैजुएशन और न्यू यॉर्क थियोलॉजिकल सेमिनरी से अर्बन मिनिस्ट्री में उन्होंने पोस्ट ग्रैजुएशन किया। साल 2008 में रिहा किए जाने के बाद जॉन ने पैरालीगल (कानूनी सहायक) के रूप में काम किया, और फिर गैर-लाभकारी संस्थाओं के लिए काम करने का फैसला किया। पिछले सात साल में उन्होंने न्यू यॉर्क की ऑस्बोर्न असोसिएशन के लिए भी काम किया, जो मौजूदा तथा पूर्व कैदियों को उपचार, शिक्षा तथा वोकेशनल सेवाएं देने के कार्यक्रम चलाती है। जॉन वॉलवर्ड कहते हैं, “मुझे लगता है, शायद मैं किसी को भी दूसरा मौका दिए जाने का चेहरा और आवाज़ हूं।”

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