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अगर हमला किया तो उत्तर कोरिया को बहुत पछताना पड़ेगा: डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्स न्यूज ने रक्षा मंत्रालय पेंटागन के अधिकारियों के हवाले से कहा है कि अमेरिकी सेना कोरियाई प्रायद्वीप पर कभी भी हमले के लिए तैयार है।
Author वाशिंगटन | August 13, 2017 03:08 am
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (File Photo: PTI)

उत्तर कोरिया की प्रशांत महासागर में स्थित अमेरिकी द्वीप गुआम पर हमले की चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर उसने अमेरिका या उसके किसी सहयोगी देश के किसी क्षेत्र में कोई प्रतिकूल कार्रवाई की तो उसे सच में पछताना पड़ेगा। इस बीच एक शीर्ष अमेरिकी कमांडर ने कहा है कि भारत, उत्तर कोरिया संकट को खत्म करने में भूमिका निभा सकता है। वह उत्तर कोरियाई नेतृत्व को उसके परमाणु कार्यक्रमों से पैदा हो रहे खतरे की गंभीरता को समझाने में मदद कर सकता है। डोनल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘अगर वह (किम जोंग उन) खुल्लमखुल्ला धमकी देते हैं जैसा कि वह और उनका परिवार कई सालों से दे रहा है तो अमेरिका किम शासन के खिलाफ कार्रवाई करेगा।’ अमेरिका ने मिसाइल और परमाणु हथियार कार्यक्रमों को लेकर उत्तर कोरिया पर आर्थिक प्रतिबंध लागू करने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद किम ने इस हफ्ते गुआम में मिसाइल हमले की धमकी दी थी। किम की धमकी के बाद ट्रंप ने यह चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा, ‘अगर किम गुआम या अमेरिकी के किसी अन्य क्षेत्र या अमेरिका के किसी सहयोगी देश के खिलाफ कुछ करते हैं तो उन्हें वास्तव में पछताना पड़ेगा और जल्दी पछताना पड़ेगा।’ उन्होंने कहा कि अगर उत्तर कोरिया मूर्खतापूर्ण कार्रवाई करता है तो परमाणु संपन्न देश के खिलाफ सैन्य विकल्प तैयार है। ट्रंप ने एक ट्वीट में लिखा, ‘अगर उत्तर कोरिया मूर्खतापूर्ण तरीके से पेश आता है तो सैन्य हल पूरी तरह से तैयार हैं। उम्मीद करता हूं कि (उत्तर कोरियाई नेता) किम जोंग उन दूसरा रास्ता ढूंढ़ लेंगे।’

अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्स न्यूज ने रक्षा मंत्रालय पेंटागन के अधिकारियों के हवाले से कहा है कि अमेरिकी सेना कोरियाई प्रायद्वीप पर कभी भी हमले के लिए तैयार है। ट्रंप ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा दल से भी मुलाकात की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें अब भी शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा, ‘उम्मीद करता हूं कि ऐसा होगा। मैं आपको बता सकता हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप से ज्यादा कोई भी शांतिपूर्ण हल पसंद नहीं करता है।’ राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका राजदूत निक्की हेली, विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एचआर मैकमास्टर से मुलाकात के बाद ये टिप्पणियां की। राष्ट्रपति ने कहा,‘उम्मीद करता हूं कि वह (उत्तर कोरिया) जो भी मैंने कहा उसका मतलब समझेगा। इन शब्दों को समझना बहुत आसान है।’ उन्होंने कहा कि वह उत्तर कोरिया के साथ पिछले रास्ते से बातचीत के बारे में बात नहीं करना चाहते जैसा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘हम पिछले रास्ते से बात करने के बारे में बात नहीं करना चाहते। हम एक ऐसे देश के बारे में बात करना चाहते हैं, जो कई सालों से असल में दशकों से दुर्व्यवहार कर रहा है। वे इस मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते। मेरे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। मैं इस पर बात कर रहा हूं।’

वहीं विदेश मंत्री टिलरसन ने कहा कि राष्ट्रपति कूटनीतिक समाधान को तरजीह देते हैं। इस बीच अमेरिका प्रशांत कमांड के कमांडर एडमिरल हैरी हैरिस का कहना है कि इसका फैसला भारत को करना है कि वह किस तरह की भूमिका निभाना चाहता है। हैरिस ने कहा, ‘मेरा मानना है कि भारत की आवाज तेज है जिससे लोग इस पर ध्यान देंगे। इसलिए मुझे लगता है कि भारत शायद उस बात की गंभीरता को समझाने में उत्तर कोरिया की मदद कर सकता है जिसे अमेरिका खतरा मानता है।’भारत समेत दुनिया के कई देशों ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों की निंदा की है। भारत अमेरिका की ओर से उत्तर कोरिया पर लगाए गए प्रतिबंधों को लागू कर रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में भारत ने उत्तर कोरिया के साथ अपने व्यापारिक संबंध खत्म कर लिए थे। उसके इस कदम की ट्रंप प्रशासन ने प्रशंसा की थी।

 

 

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