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उत्तर कोरिया मिसाइल टेस्ट: अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने सुरक्षा परिषद से आपात बैठक के लिए कहा

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरियाई मिसाइल समुद्र में गिरने से पहले लगभग 500 किमी तक की दूरी तक गई थी।
Author , संयुक्त राष्ट्र/प्योंगयांग | February 13, 2017 14:07 pm
एक व्यक्ति टीवी समाचार कार्यक्रम देखता हुआ जिसमें उत्तर कोरिया के एक अखबार में प्रकाशित बैलिस्टिक मिसाइल पुकगुकसोंग-2 के प्रक्षेपण की तस्वीर जारी की गई है। (AP Photo/Ahn Young-joon)

अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अनुरोध किया है कि वह उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण पर चर्चा करने के लिए एक आपात बैठक बुलाए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कार्यभार संभाले जाने के बाद यह पहला परीक्षण है। उत्तर कोरिया की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल के ‘सफल’ परीक्षण की पुष्टि किए जाने के बाद सोमवार (13 फरवरी) को परिषद द्वारा वार्ता आयोजित किए जाने की संभावना है। अमेरिकी मिशन के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘अमेरिका ने जापान और कोरियाई गणतंत्र के साथ मिलकर यह अनुरोध किया है कि उत्तर कोरिया द्वारा 12 फरवरी को किए गए बैलिस्टिक मिसाइल के प्रक्षेपण पर आपात वार्ता आयोजित की जाए।’ उन्होंने कहा कि यह बैठक दोपहर के समय आयोजित की जा सकती है।

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरियाई मिसाइल समुद्र में गिरने से पहले लगभग 500 किमी तक की दूरी तक गई थी। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने इसे कोरियाई शैली की नई रणनीतिक हथियार प्रणाली बताते हुए कहा, ‘सतह से सतह तक मारने में सक्षम मध्यम से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का कल ‘सफलतापूर्वक प्रायोगिक परीक्षण’ किया गया।’ इस परीक्षण को ट्रंप की प्रतिक्रिया की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है। ट्रंप ने वाशिंगटन के क्षेत्रीय सहयोगी जापान को ‘100 फीसदी’ समर्थन देने का संकल्प लिया था।

फ्लोरिडा में ट्रंप के साथ तात्कालिक संवाददाता सम्मेलन कर रहे जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने इस परीक्षण को ‘बिल्कुल बर्दाश्त न किया जा सकने वाला’ बताया है। अलग-थलग पड़े उत्तर कोरिया ने पिछले साल 20 से ज्यादा मिसाइल परीक्षण किए थे। अगस्त में प्रक्षेपित एक मिसाइल जापान के नियंत्रण वाले जलक्षेत्र में पहुंच गई थी। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के तहत उत्तर कोरिया द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु प्रौद्योगिकी का प्रयोग किए जाने पर रोक है।

उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण किया, ट्रंप को परोक्ष चुनौती

ऐसा लगता है कि उत्तर कोरिया ने रविवार (12 फरवरी) को एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया जो इस वर्ष का पहला परीक्षण है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को परोक्ष चुनौती हैं। जब ट्रंप को यह सूचना मिली उस वक्त वह फ्लोरिडा में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ थे। आबे ने कदम को असहनीय करार दिया। हालांकि उत्तर कोरिया की ओर से प्रक्षेपण की तुरंत पुष्टि नहीं हुई है। उत्तर कोरिया ने हाल में चेताया था कि वह अपने पहले अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने को तैयार है। बहरहाल, अमेरिका के रणनीतिक कमान ने कहा कि उसका आकलन है कि यह मध्यम या मध्यमवर्ती दूरी की मिसाइल हो सकती है। उत्तर कोरिया की मीडिया अक्सर ऐसे प्रक्षेपण की घोषणा करने में जल्दबाजी नहीं करती है। रविवार शाम तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। प्रक्षेपण की खबर तब आई है जब ट्रंप आबे की मेजबानी कर रहे हैं और उत्तर कोरिया के नेता किम जांग उन के दिवंगत पिता किम जांग द्वितीय का जन्मदिन आने में कुछ दिन हैं।

दक्षिण कोरिया के ज्वॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने एक बयान में कहा कि मिसाइल प्रक्षेपण उत्तर प्योंगान प्रांत के बनघयोन से किया गया। दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने कहा कि उसी स्थान से 15 और 20 अक्तूबर को उत्तर कोरिया ने अपनी शक्तिशाली मध्यम दूरी की मिसाइल मुसुदान का परीक्षण किया था। सोल में सेना ने कहा कि मिसाइल करीब 500 किलोमीटर तक गई। दक्षिण कोरिया की योनहप समाचार एजेंसी ने खबर दी है कि इस बात की पुष्टि की जा रही है कि यह अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल नहीं थी। अमेरिका के रणनीतिक कमान के मुताबिक मिसाइल कोरिया प्रायद्वीप और जापान के बीच समुद्र में गिर गई। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहिडे सुगा ने संवाददाताओं से कहा कि मिसाइल जापानी समुद्र क्षेत्र में नहीं आई।

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