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नॉर्थ कोरिया ने दागी मिसाइल, जापान में अलर्ट, लोगों को सुरक्षित जगह जाने को कहा

उत्तर कोरिया की मिसाइल करीब 1200 मील की दूरी हवा में तय करते हुए होकाइडो द्वीप के ऊपर से जाकर प्रशांत महासागर में गिरी।
शुक्रवार (15 सितंबर) को उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल दागी जाने की खबर टीवी पर दक्षिण कोरिया में देखता एक व्यक्ति। (REUTERS/Kim Hong-Ji)

उत्तर कोरिया ने शुक्रवार (15 सितंबर) उत्तरी जापान के द्वीप होकाइडो के ऊपर से एक मिसाइल का परीक्षण किया। गुरुवार (14 सितंबर) को उत्तर कोरिया ने धमकी दी थी कि जापान के चार प्रमुख द्वीपों को “परमाणु बम से समंदर में डुबो देना चाहिए।” करीब तीन हफ्ते पहले उत्तर कोरिया ने जापान के द्वीप के ऊपर से होकर समंदर में जाने वाली एक अन्य मिसाइल का परीक्षण किया था। उत्तर कोरिया के इस दुस्साहस से जापान और दक्षिण कोरिया में काफी नाराज हैं। स्थानीय समय के अनुसार शुक्रवार सुबह 6.30 बजे उत्तर कोरिया ने अपने सुनान एयरफील्ड से ये परीक्षण किया। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अनुसार मिसाइल ने करीब 17 मिनट तक उड़ान भरी।  उत्तर कोरिया की मिसाइल करीब 1200 मील की दूरी हवा में तय करते हुए होकाइडो द्वीप के ऊपर से जाकर प्रशांत महासागर में गिरी। उत्तर कोरिया के मिसाइल दागने के बाद जापान ने तुरंत ही आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिया। मिसाइल के संभावित पथ की जद में आने वाले जापानी नागरिकों को मोबाइल संदेशों और लाउडस्पीकरों से सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया। जापान सरकार ने लोगों को मलबे या किसी अन्य संदिग्ध चीज को हाथ लगाने से मना किया है। उत्तर कोरिया की मिसाइलें कई बार हवा में टूट कर बिखर जाती हैं।

जापान के चीफ कैबिनेट सचिव योशिहिदे सुगा उत्तर कोरिया के कृत्य की निंदा की और “जोर देकर” कहा कि उत्तर कोरिया की ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। हालांकि जापान ने अभी तक मिसाइल दागने का आदेश नहीं दिया है। उत्तर कोरिया के मिसाइल दागने के बाद अमेरिका के चीफ ऑफ स्टाफ जॉन केली ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। डोनाल्ड ट्रंप पहले भी उत्तर कोरिया को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे चुका है। अभी तक शुक्रवार को किए गए परीक्षण का ब्योरा सामने नहीं आया है लेकिन माना जा रहा है कि ये मिसाइल 29 अगस्त को दागी मिसाइल जैसा ही है।

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  1. M
    manish agrawal
    Sep 15, 2017 at 1:07 pm
    Shinjo Aabeji ! Technology mai Hindostan bahut peechhe hai Japan se ! lekin hamaari Amar Shaheed PradhanMantri Shrimati Indiragandhi ki meharbani se Atom Bomb aur Missiles ki field main Hindostan bahut aage hai ! Indiraji ne 1974 main hi Atom Bomb bana liya thaa aur 1983 se AGNI, PRITHVI, AKAASH, TRISHUL, aur NAAG Missiles ke tests aur Military main inka induction chaalu hai ! North Korea aur Chin Nuclear States hain isliye Japan tabhi safe banega,jab Atom Bomb aur Missiles bana lega ! Hindostan apki help ke liye taiyaar hai !
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    Reply
    1. N
      NAVNEET MANI
      Sep 15, 2017 at 10:34 am
      Either N.Korea or U.S. will get destroyed completely in the case of full fledged war between these two. But in both situation India will be in win-win situation. So, India should follow wait and watch policy.
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      Reply
      1. M
        manish agrawal
        Sep 15, 2017 at 8:18 am
        North Korea ne abhi 15 days pahle hi Japan ke upar se Missile daagi thee aur aaj phir se ye kaarnama kiya, yani , is waqt, Japanese security ko gambheer khatraa​ hai ! aisy haalat main Japani PradhanMantri Shinjo Abe, Hindostan main tafrih kar rahe hain !
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        Reply
        सबरंग