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न्यूयॉर्क का संग्रहालय कराएगा भारत के पवित्र मंत्र ॐ का जाप

न्यूयॉर्क का एक प्रमुख संग्रहालय भारत से संबंधित मंत्र ‘ओम’ पर केंद्रित एक अनोखी प्रदर्शनी का आयोजन करने जा रहा है।

न्यूयॉर्क का एक प्रमुख संग्रहालय भारत से संबंधित मंत्र ‘ओम’ पर केंद्रित एक अनोखी प्रदर्शनी का आयोजन करने जा रहा है। प्रदर्शनी में लोगों को ‘ओम’ का अर्थ समझाया जाएगा और सामूहिक रूप से एक साथ इस पवित्र मंत्र का जाप करने के लिए उन्हें आमंत्रित किया जाएगा।
रच्च्बिन म्यूजियम आॅफ आर्ट अगले वर्ष फरवरी से एक महीने के लिए ‘ओम लैब’ प्रदर्शनी का आयोजन करेगा। प्रदर्शनी में लोगों को ‘ओम’ के महत्व के बारे में बताया जाएगा। संग्रहालय एक अनूठा प्रयोग करते हुये ‘ओम’ का जाप करने के लिए लोगों को भी आमंत्रित करेगा। जून में आयोजित हो रही प्रदर्शनी ‘द वर्ल्ड इज साउंड’ में सामूहिक रूप से इस मंत्र का जाप किया जाएगा। संग्रहालय ने कहा, ‘‘ओम की धवनि को तात्विक और लौकिक कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि ‘ओम’ में अन्य सभी मंत्रों की शक्ति और सृजन की तात्विक ध्वनि शामिल है।’’
संग्रहालय की स्थापना वर्ष 2004 में हुई थी।

बता दें कि

हिंदु धर्म में ॐ शब्द के कहने से कई फायदे हैं। हिंदुओं के जितने भी देवी-देवता हैं उनके सभी मंत्रों में ओम के मंत्र के उच्चारण को ज्यादा महत्ता दी गई है। इस तरह से ओम के उच्चारण को सभी मंत्रों का राजा कहा जाता है| ॐ को ‘ओम’ शब्द से उच्चारित किया जाता है| इसे बोलते वक्त ‘ओ’ शब्द पर ज्यादा जोर पढता है| इसे कई लोग प्रणव मंत्र भी कहते है| ॐ ब्रह्मांड की अनाहत ध्वनि है| इस मंत्र का प्रारंभ तो है पर अंत नहीं है|

सभी बीजमंत्र ओम मंत्र से ही उत्पन्न हुए हैं। इसलिए इस मंत्र को सभी मंत्र, ध्वनियों एवं शब्दों की जननी कहा जाता है। ओम शब्द अ, उ और म से मिलकर बना है। जो लोग ओम शब्द का नियमित उच्चारण करते है उनके शरीर में मौजूद आत्मा जागृत हो जाती है इससे शारारिक और मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलती है|

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