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विवादित एरिया में सेना तैनात कर रहा है ड्रैगन, सैटेलाइट तस्‍वीरों से हुआ खुलासा

यह तस्‍वीरें हेग की अंतर्राष्‍ट्रीय अदालत द्वारा चीन के इस क्षेत्र पर दावे के खिलाफ दिए गए फैसले के एक महीने बाद आई हैं।
Author August 9, 2016 15:19 pm
शुक्रवार, 8 जुलाई 2016 को चीन की Xinhua न्‍यूज एजेंसी द्वारा जारी की गई तस्‍वीर में चीन के मिसाइल वाहक पोत से एक एयर-डिफेंस मिसाइल लॉन्‍च करते दिखाया गया है। (Zha Chunming/Xinhua via AP, File)

दक्षिणी चीन सागर में अपनी शक्तियां बढ़ाने के लिए चीन लगातार कोशिशें कर रहा है। नई सैटेलाइट तस्‍वीरों से पता चला है कि चीन इस क्षेत्र में सैन्‍य बेडे़े में बढ़ोत्‍तरी कर रहा है। अमेरिका ने चीन और अन्‍य दावेदारों से विवादित दक्षिणी चीन सागर में अपने-अपने स्‍वामित्‍व वाले क्षेत्रों का फौज़ीकरण न करने को कहा है। सोमवार को न्‍यू यॉर्क टाइम्‍स में छपी खबर के अनुसार, दक्षिणी चीन सागर के स्‍प्रात द्वीप में अपनी संपत्ति पर चीन ने एयरक्राफ्ट हैंगर्स बनाए हैं। जुलाई के आखिर में ली गई तस्‍वीरों में कोई मिलिट्री एयरक्राफ्ट नहीं नजर आया था, मगर हैंगर्स में चीनी एयरफोर्स के किसी भी फाइटर जेट के लिए जगह है। वाशिंगटन के थिंक टैंक Center for Strategic and International Studies (CSIS) ने इन फोटोज का एक एनालिसिस करने के बाद यह निष्‍कर्ष निकाला है। यह हैंगर्स इस द्वीप के फिएरी क्रॉस, सूबी और मिसचीफ रीफ पर बनाए गए हैं। चीन ज्‍यादातर दक्षिणी चीनी समुद्र पर अपना हक जताता है। इस क्षेत्र से हर साल 5 ट्रिलियन डॉलर का जहाजी बिजनेस होता है। चीन के अलावा फिलीपींस, विएतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई भी दावेदारी करते रहे हैं।

यह तस्‍वीरें हेग की अंतर्राष्‍ट्रीय अदालत द्वारा चीन के इस क्षेत्र पर दावे के खिलाफ दिए गए फैसले के एक महीने बाद आई हैं। बीजिंग ने इस फैसले को सिरे से खारिज कर दिया था। अमेरिका ने चीन और बाकी दावेदारों से इस क्षेत्र में कोई सैन्‍य कार्रवाई करने से मना किया है। चीन बार-बार यह कहते हुए इस बात से इनकार करता रहा है कि सुविधाएं नागरिक और आत्‍म-रक्षा के लिए दी गई हैं। चीन ने इसी क्षेत्र में अमेरिकी पैट्रोल की आलोचना की थी।

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  1. R
    rahul
    Aug 9, 2016 at 10:23 am
    चीन जैसी नीतियों दुनियां के शक्तिशाली देश अपनाते है इसमें गलत क्या है अपने देश का सीमा विस्तार तथा इससे होने वाला फायदा ही तो ी राष्ट्रभक्ति है दुसरी तरफ भारत जैसे देश है जो शांति अहिंसा के नाम पर अपने ही देश की कब्जाई जमीन को भी नहीं मांगते और राष्ट्रभक्ति मतलब भारत माता और तिरंगा को ही अंतिम लक्ष्य समझते हैं
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