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‘एवरेस्ट फतह करने के झूठे दावों’ की जांच कर रहा है नेपाल

भारतीय पुलिसकर्मी दंपत्ति के माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के दावों के विवादों में पड़ने के बाद अब नेपाल इसकी जांच कर रहा है। आरोप लग रहे हैं कि इस दंपत्ति के दावे झूठे हैं और उन्होंने तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की है।
Author काठमांडू | July 5, 2016 02:11 am
माउंट एवरेस्ट या माउंट कोमोलांगमा (एवरेस्ट का तिब्बती नाम)। (AP Photo/Tashi Sherpa)

भारतीय पुलिसकर्मी दंपत्ति के माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के दावों के विवादों में पड़ने के बाद अब नेपाल इसकी जांच कर रहा है। आरोप लग रहे हैं कि इस दंपत्ति के दावे झूठे हैं और उन्होंने तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की है। पुणे पुलिस में हवलदार तारकेश्वरी और दिनेश राठौर ने पांच जून को दावा किया था कि 23 मई को माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी करने वाले वे पहले भारतीय दंपत्ति बन गए हैं। इस दंपत्ति ने दुनिया की सबसे उंची चोटी पर चढ़ने के अपने फर्जी फोटो नेपाल के पर्यटन विभाग को सौंपे थे जिसके बाद उन्हें यहां से शिखर फतह करने का प्रमाण पत्र मिल गया था।

नेपाल के पर्यटन मंत्रालय के तहत आने वाले माउंटेनियरिंग विभाग के प्रमुख लक्ष्मण शर्मा ने बताया कि राठौर और उनकी पत्नी ने एवरेस्ट फतह करने के जो दावे किए हैं, अधिकारी उनकी जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह दंपत्ति भारत लौट चुका है और हमने इस अभियान का प्रबंध करने वाली स्थानीय एजंसी मकालु एडवेंचर से इस मामले पर 24 घंटे के भीतर सफाई मांगी है।

इस दंपत्ति ने 8,850 मीटर (29,035 फीट) की चोटी पर अपनी तस्वीरें प्रस्तुत की थीं जिसके बाद नेपाल सरकार ने उन्हें प्रमाण पत्र जारी किया था। लेकिन अन्य पर्वतारोहियों का कहना है कि यह दंपत्ति चोटी पर कभी पहुंच ही नहीं पाया था और प्रमाण पत्र को पाने के लिए उन्होंने ट्रिक फोटोग्राफी का इस्तेमाल किया है। हिमालयन टाइम्स के मुताबिक 21 मई को एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी करने वाले बंगलुरु के पर्वतारोही सत्यरूप सिद्धांत ने आरोप लगाया है कि इस दंपत्ति ने उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल किया है। पर्यटन विभाग के एक सूत्र का भी कहना है कि उन्हें भारतीय दंपत्ति के इस दावे पर संदेह है।

अधिकारियों का कहना है कि आरोप सही पाए जाने पर दंपत्ति से प्रमाण पत्र वापस ले लिया जाएगा और नेपाल में किसी भी पहाड़ पर चढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। पर्वतारोहियों के एक समूह ने उनके खिलाफ पुणे पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी जिसके बाद उनके दावों के सत्यापन के लिए भारत में भी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। माउंट एवरेस्ट पर दो साल तक लगातार आई प्राकृतिक आपदाओं के बाद इस साल यहां बड़ी संख्या में पर्वतारोही आ रहे हैं। अब तक 456 लोग यहां चढ़ाई कर चुके हैं।

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