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दुबई से ‘आतंकी हमदर्द’ पाक पर नरेंद्र मोदी का निशाना

पाकिस्तान का नाम लिए बगैर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात यहां आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और एकजुट जंग का आह्वान किया। यहां भारी जनसमूह के बीच उन्होंने कहा कि आतंकवाद की मानसिकता वाले देशों के खिलाफ मानवतावाद में विश्वास करने वाले देशों के एक होकर लड़ने का वक्त आ गया है।
Author August 18, 2015 09:25 am
दुबई में पाकिस्तान का नाम लिए बग़ैर, पीएम मोदी का पड़ोसी देश पर करारा हमला (फोटो: एपी)

पाकिस्तान का नाम लिए बगैर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात यहां आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और एकजुट जंग का आह्वान किया। यहां भारी जनसमूह के बीच उन्होंने कहा कि आतंकवाद की मानसिकता वाले देशों के खिलाफ मानवतावाद में विश्वास करने वाले देशों के एक होकर लड़ने का वक्त आ गया है। प्रधानमंत्री ने यहां दुबई क्रिकेट ग्राउंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, आतंकवाद को परिभाषित करने के बारे मेंं संयुक्त राष्ट्र मेंं एक प्रस्ताव बहुत लंबे समय से लटका पड़ा है।

इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात, भारत में अपने निवेश को समर्पित आधारभूत संरचना कोष के जरिए बढ़ाकर 75 अरब डालर यानी 5 लाख करोड़ रुपए तक करने पर सहमत हो गया। दोनों देश अगले पांच वर्षो में द्विपक्षीय व्यापार को 60 प्रतिशत बढ़ाने को भी राजी हुए।

दोनों देश ऊर्जा क्षेत्र में सामरिक साझेदारी के लिए सहमत हुए। इस साझेदारी के तहत यूएई, भारत में पेट्रोलियम क्षेत्र में शामिल होगा और इसके लिए तीसरे देशों से भी गठजोड़ करेगा। उल्लेखनीय है कि 1970 के दशक में दोनों देशों के बीच 18 करोड़ डॉलर का सालाना कारोबार होता था जो अब बढ़कर 60 अरब डॉलर हो गया है। वर्ष 2014-15 में चीन और अमेरिका के बाद यूएई भारत का तीसरा सबसे बढ़ा व्यापारिक साझेदार है।

भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने अपने संबंधों को व्यापक सामरिक साझेदारी तक ले जाते हुए सोमवार को उन देशों की कड़ी निंदा की जो अन्य देशों के खिलाफ आतंकवाद को प्रयोजित कर रहे हैं, साथ ही सभी देशों से आतंकवाद के आधारभूत ढांचे को ध्वस्त करने को कहा। इसे एक तरह से पाकिस्तान के संदर्भ में देखा जा रहा है। दोनों देशों ने आतंकवाद के हर स्वरूप की निंदा और विरोध किया और सभी देशों का आह्वान किया कि वे अन्य देशों के खिलाफ आतंकवाद की नीति का त्याग करें। दोनों पक्षों ने आतंकवाद के आधारभूत ढांचे को ध्वस्त करने और आतंकवाद के षड्यंत्रकर्ताओं को न्याय के कटघरे में खड़ा करने की बात कही।

प्रधानमंत्री मोदी और शहजादे मोहम्मद बिन जायेद अल नह्यान के बीच हुई वार्ता के बाद जारी 31 बिंदुओं वाले संयुक्त बयान में राज्य प्रायोजित आतंकवाद सहित सभी स्वरूपों वाले आतंकवाद का विरोध किया गया। पिछले 34 वर्षो में मोदी खाड़ी के इस सामरिक महत्त्व वाले देश की यात्रा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं।

सोमवार रात को प्रधानमंत्री ने यहां दुबई क्रिकेट ग्राउंड में बड़ी संख्या में उपस्थित भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, आतंकवाद को परिभाषित करने के बारे मेंं संयुक्त राष्ट्र मेंं एक प्रस्ताव बहुत लम्बे समय से लटका पड़ा है। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र का जन्म पीड़ित मानव समुदाय को मरहम लगाने और आगे विश्व में ऐसे संकट की नौबत न आए, ऐसी व्यवस्था विकसित करने के लिए हुआ था। लेकिन संयुक्त राष्ट्र अभी तक आतंकवाद की परिभाषा नहीं कर पाया है। वह यह तय नहीं कर पाया है कि आतंकवादी कौन है, किस देश को आतंकवाद का शिकार माना जाए और किसे आतंकवाद का समर्थक माना जाए, यह तय नहीं कर पाया है।

मोदी ने कहा कि आतंकवाद की व्यापक परिभाषा के लिए अतंरराष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव लाया गया। लेकिन यह कई वर्षो से लटका हुआ है। भारत का कहना है कि इस पर चर्चा हो जाए और निर्णय हो जाए। लेकिन इसे टाला जा रहा है।
पाकिस्तान का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात ने भारत की तरफ से आतंकवाद के खिलाफ दो टूक शब्दों में, बिना लाग लपेट के और बिना किसी की परवाह किए साफ शब्दों में संकेत दे दिया है।

आतंकवाद के खिलाफ एकता का स्वर इस धरती से उठा है, मैं उसे बहुम अहम मानता हूं, समझने वाले समझ जायेंगे, अकलमंद को इशारा काफी है।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद की मानसिकता वाले देशों के खिलाफ मानवतावाद में विश्वास करने वाले देशों के एकजुट होकर लड़ने का वक्त आ गया है। मोदी ने कहा, ‘ गुड टेररिज्म और बैड टेररिज्म, गुड तालिबान और बैड तालिबान अब नहीं चलेगा। हर किसी को अब तय करना होगा कि आप मानवता के साथ हैं या टैरर के।’

मोदी ने कहा कि आज आतंकवाद का नाम सुनकर दुनिया कांप उठती है, लेकिन हिंदुस्तान के लोग 40 साल से आतंकवाद के शिकार हैं। हमारे निर्दोष लोग आतंकवादियों की गोलियों से भून दिये गए, मौत के घाट उतार दिए गए। उन्होंने कहा कि 30 साल पहले दुनिया के लोगों को आतंकवाद के विषय की समझ नहीं थी और मैं उनसे टेररिज्म की बात करता था, तब वे समझ नहीं पाते थे और कहते थे कि यह कानून व्यवस्था और पुलिस का मामला है। लेकिन अब वे समझ गए हैं कि आतंकवाद कितना भयंकर होता है और आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती। पता नहीं कब कहां से आकर कोई किस पर हमला कर दे।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत लगातार आतंकवाद की हरकतों को झेलता रहा है।

मानवता की मानसिकता वाले देशों को आतंकवाद की मानसिकता वाले देशों और समुदायों के खिलाफ एक होकर लड़ने का वक्त आ गया है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में यूएई द्वारा भारत का खुलकर साथ दिये जाने पर खुशी जताते हुए मोदी ने कहा कि आज यूएई ने भारत में सिर्फ 4.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने का ही संकल्प नहीं किया है बल्कि आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का संकेत दिया है।

अबू धाबी में मंदिर बनाने के लिए जगह दिए जाने के लिए वहां के शहजादे मोहम्मद बिन जायेद अल नह्यान का धन्यवाद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक तरफ संप्रदाय के नाम पर आतंकवाद का खेल खेला जा रहा है तो दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात ने यह फैसला करके एक बड़ा संकेत दिया है।

उन्होंने कहा, जो लोग अबू धाबी से परिचित हैं, उन्हें पता है कि यह निर्णय कितना बड़ा है, और यह सौगात कितनी बड़ी है। भारतीय समुदाय को क्राउन प्रिंस का अभिनंदन करना चाहिए। मैं हृदय से उनका अभिनंदन करता हूं। मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किए जाने के लिए क्राउन प्रिंस का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि दुनिया आज भारत को नए नजरिए से देख रही है। इसका कारण उन्होंने मई 2014 में 30 साल बाद पूर्ण बहुमत वाली सरकार का चुना जाना बताया। उन्होंने कहा, आज दुनिया का कोई महापुरुष या राजनेता मोदी से हाथ मिलाता है, तो उसे मोदी नहीं बल्कि हिंदुस्तान की सवा सौ करोड़ जनता दिखाई देती है। दुनिया को तेज गति से बढ़ रही अर्थव्यवस्था दिखाई देती है।

अपनी अमीरात यात्रा के बीच सोमवार दोपहर प्रधानमंत्री ने स्मार्ट मसदर सिटी को देखा जहां अधिकारियों ने उन्हें इसके विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया। मोदी ने इस दौरान चालक रहित वाहन की सवारी की जो पीआरटी का हिस्सा है। पीआरटी एक ऐसी व्यवस्था है जहां चुंबकीय पट्टी पर चालक रहित वाहन आते जाते हैं। प्रधानमंत्री यहां माइक्रो नैनो फैब्रिकेशन फैसिलिटी और माइक्रोस्कोपी लैब को भी देखने गए।

मसदर में अधिकारियों ने मोदी को जीरो कार्बन उर्त्सजन वाले इस शहर के विभिन्न आयाम के बारे में जानकारी दी। यह शहर यूएई की राजधानी अबू धाबी से 17 किलोमीटर दूर स्थित है। प्रधानमंत्री ने मसदर सिटी की आगंतुक पुस्तिका में लिखा, ‘विज्ञान जीवन है।’ मोदी ने नवोन्मेषी वैज्ञानिक विचारों पर आधारित निर्मित इस शहर के निर्माण से जुड़े विविध आयाम में खासी रुचि दिखाई। उन्होंने ट्वीट किया, शहरी विकास और अगली पीढ़ी के शहरी आयाम के बारे में मसदर शहर में चर्चा कर रहा हूं।

प्रधानमंत्री ने मसदर शहर में स्वत: चलने वाली कार में सवारी भी की। यह सेल्फ ड्राइविंग कार मसदर शहर के प्राइवेट रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) का हिस्सा है। एक अन्य ट्वीट में मोदी ने कहा, हमने बीआरटी के बारे में सुना है। मसदर शहर में पीआरटी यानी प्राइवेट रैपिड ट्रांजिट है।

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  1. B
    BHARAT
    Aug 18, 2015 at 9:30 am
    इस बात का NSA मीटिंग में असर दिखेगा. इस बार की मीटिंग सामान्य नहीं रहेंगी. मीटिंग में पाकिस्तान वो हाल होगा की अगली बार मीटिंग की नौटंकी ही भूल जायेंगा.
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    Reply
    सबरंग