December 09, 2016

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चुनाव लड़ सकते हैं पाकिस्‍तान के आर्मी चीफ राहील शरीफ! रावलपिंडी में लगाए गए पोस्‍टर

पोस्‍टर्स में यह भी कहा गया है कि अगर जनरल राजनीति में आते हैंं तो 'देश की सिविल और मिलिट्री ताकतों में एकरूपता आ जाएगी।'

9 मई 2015 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद नूर खान एयर बेस पर एक समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे पाकिस्तान सेना प्रमुख राहील शरीफ। (REUTERS/Faisal Mahmood/File Photo)

पाकिस्‍तान के रावलपिंडी में रहस्‍यमयी पोस्‍टर्स लगाकर सेनाध्‍यक्ष जनरल राहील शरीफ से 2018 में होने वाले आम चुनाव लड़ने को कहा जा रहा है। शरीफ का कार्यकाल कुछ सप्‍ताह में खत्‍म हो रहा है। पोस्‍टर्स में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया है कि ”एकटेंशन नहीं बल्कि रिडक्‍टशन’- अपील की जा रही है कि रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी को राजनीति में शामिल होने की दो साल की जरूरी समय-सीमा को घटाकर एक साल कर दिया जाए। ता‍कि जनरल शरीफ राजनीति में आ सकें और 2018 के आम चुनावों में हिस्‍सा ले सकें। इन बैनर्स में सरकार और विपक्षी पार्टियों से ‘उनकी विभाजनकारी राजनीति’ खत्‍म करने को कहा गया है। पोस्‍टर्स में यह भी कहा गया है कि अगर जनरल राजनीति में आते हैंं तो ‘देश की सिविल और मिलिट्री ताकतों में एकरूपता आ जाएगी।’ बैनर्स में कहा गया है कि चुनाव में हिस्‍सा लेकर, शरीफ की पार्टी ‘बहुमत जीतेगी और वह (शरीफ) प्रधानमंत्री चुने जाएंगे और देश को सफलता के रास्‍ते पर ले जाएंगे।” पोस्‍टर्स में अवामी मॉनि‍टरिंग सेल (रावलपिंडी) के सदस्‍य शेख राशीद अमजद अली का नाम अभियान चलाने वाले व्‍यक्ति की जगह पर है।

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इससे पहले कई शहरों में जनरल शरीफ को संबोधित पोस्‍टर्स लगाए गए थे, जिनमें उनसे अपील की गई थी कि वे सेनाध्‍यक्ष के पद पर ‘बने रहें’। जुलाई में ऐसे पोस्‍टर्स इस्‍लामाबाद, लाहौर, कराची और कई बड़े शहरों में लगाए गए थे। इसमें जनरल शरीफ से कहा गया था कि वे तख्‍तापलट कर सैन्‍य शासन लागू करें और टेक्‍नोक्रेट्स की सरकार बनाएं। ये पोस्‍टर्स पंजाब के छोटे राजनैतिक दल ‘मूव ऑन पाकिस्‍तान’ द्वारा लगाए गए थे।

कराची में रेंजर्स हेडक्‍वार्टर्स और मुख्‍यमंत्री आवास के बीच चौराहे पर लगे एक पोस्‍टर में लिखा गया था- ”जाने की बात हुई पुरानी, खुदा के लिए अब आ जाओ।’ अपनी लोकप्रियता के बावजूद जनरल ने जनवरी में ऐलान किया था कि वे इस साल के अंत तक अपना कार्यकाल खत्‍म होने पर पद छोड़ देंगे। इन पोस्‍टर्स पर अभी तक सरकार या सेना की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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First Published on November 6, 2016 2:52 pm

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